New Delhi: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 31.60 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में 13 नवंबर को सिंगापुर निवासी आरोपी राजेश बोथरा को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी उसके भारत आने और नई दिल्ली के एयरो सिटी स्थित होटल अंदाज और हयात रेजिडेंस में होने की सूचना के आधार पर की गई है। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, सीबीआई ने पीएनबी से प्राप्त शिकायत के आधार पर मेसर्स फ्रॉस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर एंड एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड (मेसर्स एफआईईएल) कंपनी और उसके निदेशकों, अज्ञात व्यक्तियों और अज्ञात लोक सेवकों के खिलाफ बैंक से
एफएलसी सीमा
का लाभ उठाकर 31.60 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में तत्काल मामला दर्ज किया।
विज्ञप्ति के अनुसार, अब तक की जांच से पता चला है कि आरोपी राजेश बोथरा ने एफआईआर में नामजद कंपनी मेसर्स एफआईईएल और उसके निदेशकों के साथ मिलकर फर्जी/जाली बिल ऑफ लैडिंग उपलब्ध कराकर मेसर्स फारेस्ट और मेसर्स गल्फ डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड के साथ मेसर्स एफआईईएल के बिक्री-खरीद लेनदेन को गलत तरीके से दिखाने में सक्रिय भूमिका निभाई।

मेसर्स एफआईईएल द्वारा बैंक को फर्जी/जाली बिल प्रस्तुत किए गए, जिससे मेसर्स एफआईईएल को एल.सी. की राशि निकालने में सहायता मिली, जिससे पीएनबी (ई-ओबीसी) को लगभग 32 करोड़ रुपये का गलत नुकसान हुआ। जांच से पता चला है कि मेसर्स फारेस्ट और मिस गल्फ डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड वास्तव में राजेश बोथरा द्वारा नियंत्रित और संचालित थे और कोई वास्तविक व्यापार या माल की आवाजाही नहीं हुई थी, जैसा कि जाली बिलों में झूठा दिखाया गया है।
आरोपी राजेश बोथरा सीबीआई, एसीबी, लखनऊ के कुछ अन्य मामलों में भी आरोपी है, जिनमें अन्य आरोपियों के साथ उसके खिलाफ भी आरोप पत्र दाखिल किया गया है। आरोपी राजेश बोथरा उपरोक्त मामलों की जाँच में कभी शामिल नहीं हुआ और न ही मुकदमे के दौरान पेश हुआ। आरोपी राजेश बोथरा कई अन्य बैंक धोखाधड़ी/आर्थिक अपराध मामलों में भी वांछित है। आरोपी राजेश बोथरा की गिरफ्तारी से जांच के तहत मामले में उसकी जांच सुनिश्चित हो सकेगी और आरोप पत्र दायर मामलों में मुकदमे का सामना करने के लिए ट्रायल कोर्ट के समक्ष उसकी उपस्थिति सुनिश्चित हो सकेगी, तथा उसे भारत से भागकर कानूनी प्रक्रिया से बचने से रोका जा सकेगा। आरोपी राजेश बोथरा को आज संबंधित ट्रायल कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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