New Delhi : दिल्ली में भाजपा सरकार ने शासन में आते ही दिल्ली की आबोहवा को स्वच्छ रखने के लिए पिछले 2019 से चलायी जा रही वाहनों की निःशुल्क फिटनेस जांच व्यवस्था को ख़त्म कर दिया . यानी यह कि अब वाहन मालिकों/चालकों को इस कार्य के लिए अपनी जेबें ढीली करनी पड़ेगी .
याद रहे कि पिछली सरकार ने साल 2019 में ऑटो सहित काली – पीली टैक्सियों की फिटनेस जाँच व्यवस्था को समाप्त कर दिया था . इसके पीछे चाहे वजह उसकी राजनीतिक मंशा ही रही हो . इस व्यवस्था में लोग करीबन –करीबन सभी अपने वाहनों की फिटनेस जांच करा ही लेते थे . वहीं , दिल्ली विधानसभा चुनाव से 2020 से चंद कुछ माह कोई माह पहले से किये गए केजरीवाल सरकार द्वारा लिए गए इस फैसले का उन्हें भरपूर लाभ मिला और उसने उसने दिल्ली के शासन में एक बार फिर वापसी कर ली थी .
दिल्ली की नई भाजपा सरकार ने अपने इस फैसले से दिल्ली के तमाम टैक्सी मालिकों को नाखुश कर दिया . कल तक जो टैक्सी मालिकान पिछली सरकार की व्यवस्था के अंतर्गत सुविधा प्राप्त कर रहे थे , नई सरकार ने उन्हें मिल रही इस सुविधा को .समाप्त कर उनकी जेबें ढीली करने का रास्ता प्रशस्त कर लिया .
परिणाम यह हुआ कि शनिवार की सुबह जो वाहन मालिकानअपने वाहनों के प्रदूषण जांच वे नारज हेतु बड़ी -बड़ी कतारों में लगे थे वे नाराज आये . जहां टैक्सी वालों को अपने वाहनों की फिटनेस जांच के लिए 300 रूपये खर्च करने पड़ेंगे वहीं दिल्ली की नई सरकार के इस फैसले से 50 हजार टैक्सी मालिकन प्रभावित होंगे वहीं , इस फैसले से एक लाख से अधिक ऑटो स्वामी प्रभावित होंगे |
अंजनी कुमार , वरिष्ठ पत्रकार व लेखक 
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