नई दिल्ली। दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला पीजी इमारत गिरने की दर्दनाक घटना के बाद वरिष्ठ IAS अधिकारी और दिल्ली नगर निगम (MCD) के कमिश्नर **संजीव खिरवार** एक बार फिर चर्चा में हैं। हादसे में सात लोगों की मौत की पुष्टि होने के बाद नगर निगम की कार्यप्रणाली और जर्जर व अवैध इमारतों पर कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच छात्र संगठन ABVP ने खिरवार के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदर्शन किया है।
संजीव खिरवार का नाम इससे पहले 2022 में दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम से जुड़े चर्चित 'डॉग वॉक' विवाद के कारण राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आया था। अब सत्य निकेतन हादसे के बाद वह फिर चर्चा के केंद्र में हैं।
सत्य निकेतन में क्या हुआ?
दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक पांच मंजिला इमारत अचानक ढह गई। इसमें 'Hostel Daze' नाम से लड़कों का पीजी संचालित किया जा रहा था। हादसे में सात लोगों की जान चली गई, जबकि छह अन्य घायल हुए। बचाव अभियान में दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग और आपदा राहत टीमों को लगाया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इमारत काफी पुरानी थी और उसमें मरम्मत का काम चल रहा था। बेसमेंट में भी काम किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि इमारत गिरने की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
संजीव खिरवार का हादसे से क्या कनेक्शन?
संजीव खिरवार दिल्ली नगर निगम के कमिश्नर हैं। उन्होंने जनवरी 2026 में MCD कमिश्नर का पद संभाला था। राजधानी में भवन नियमों के पालन, खतरनाक इमारतों की पहचान और नगर निगम की प्रशासनिक व्यवस्था के कारण हादसे के बाद MCD की जवाबदेही पर सवाल उठ रहे हैं।
हादसे के बाद यह सवाल भी उठा कि इतनी पुरानी और कथित रूप से नियमों का उल्लंघन करने वाली इमारत में पीजी कैसे चल रहा था और अगर मरम्मत या निर्माण कार्य नियमों के खिलाफ था तो स्थानीय अधिकारियों ने उसे समय रहते क्यों नहीं रोका।
MCD ने भी यह स्पष्ट नहीं किया है कि मौके पर चल रहे कथित अनधिकृत निर्माण को उसकी फील्ड टीमों ने पहले क्यों नहीं रोका।
पांच MCD अधिकारी सस्पेंड
हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए MCD के पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इनमें दक्षिण जोन के डिप्टी कमिश्नर और इंजीनियरिंग विंग से जुड़े अधिकारी शामिल हैं।
इसके साथ ही मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं। इमारत के मालिक के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। हादसे के बाद आसपास की खतरनाक इमारतों की पहचान कर उन्हें खाली कराने और जरूरत पड़ने पर गिराने की कार्रवाई भी शुरू की गई है।
ABVP ने मांगा खिरवार का इस्तीफा
सत्य निकेतन में बड़ी संख्या में दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र पीजी में रहते हैं। हादसे के बाद ABVP कार्यकर्ताओं ने MCD मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और कमिश्नर संजीव खिरवार के इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने निगम प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए जब प्रदर्शनकारियों ने MCD परिसर में प्रवेश करने की कोशिश की। पुलिस ने 15 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
हालांकि हादसे के लिए संजीव खिरवार की व्यक्तिगत जिम्मेदारी जांच में तय नहीं हुई है। उनके खिलाफ उठ रहे सवाल मुख्य रूप से MCD प्रमुख के रूप में प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर हैं।
2022 में 'डॉग वॉक' विवाद से आए थे चर्चा में
संजीव खिरवार 1994 बैच के IAS अधिकारी हैं। वर्ष 2022 में वह उस समय विवादों में आए थे जब आरोप लगा था कि दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में एथलीटों को निर्धारित समय से पहले ट्रेनिंग खत्म करने को कहा जाता था ताकि वह अपनी पत्नी के साथ वहां कुत्ता घुमा सकें।
मामला सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने खिरवार का दिल्ली से लद्दाख ट्रांसफर कर दिया था, जबकि उनकी पत्नी IAS अधिकारी रिंकू दुग्गा को अरुणाचल प्रदेश भेजा गया था।
जनवरी 2026 में संजीव खिरवार दिल्ली लौटे और MCD कमिश्नर बनाए गए। अब सत्य निकेतन की त्रासदी ने एक बार फिर उन्हें चर्चा में ला दिया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और बड़ा सवाल यही है कि जर्जर इमारत, कथित अनधिकृत निर्माण और पीजी संचालन में किस स्तर पर लापरवाही हुई और उसकी जिम्मेदारी किस पर तय होती है।