नई दिल्ली। नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद भारत सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ के कारण सीमावर्ती इलाकों में संभावित खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने निगरानी बढ़ा दी है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) की रिपोर्ट के आधार पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि नेपाल की ओर स्थित जलाशयों में पानी का स्तर अब घट रहा है और फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।

नेपाल में आई बाढ़ का असर भारत के कुछ सीमावर्ती राज्यों पर पड़ने की आशंका जताई गई थी। खासतौर पर बिहार और उत्तर प्रदेश के गंडक नदी से जुड़े निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन को सतर्क किया गया है।



केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश और बिहार के मुख्यमंत्रियों से बातचीत की। उन्होंने दोनों राज्यों में बाढ़ की संभावित स्थिति और तैयारियों की जानकारी ली। गृह मंत्री ने अधिकारियों को भी स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं।

गृह मंत्रालय के अनुसार, नेपाल में जलाशयों के जलस्तर में कमी आ रही है, जिससे फिलहाल खतरा कम हुआ है। हालांकि, नदी क्षेत्रों और निचले इलाकों में सतर्कता बरकरार रखने को कहा गया है।

केंद्रीय जल आयोग देश की प्रमुख नदियों के जलस्तर और जल प्रवाह की लगातार निगरानी करता है। नेपाल में बारिश और जलाशयों की स्थिति को देखते हुए आयोग की ओर से संबंधित राज्यों को समय-समय पर जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।

गंडक नदी नेपाल से निकलकर बिहार और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों से होकर गुजरती है। नेपाल में भारी बारिश होने पर इसका सीधा असर भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों में देखने को मिलता है। इसी वजह से बिहार और उत्तर प्रदेश में प्रशासन पहले से अलर्ट पर है।

बिहार सरकार ने भी बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए प्रभावित जिलों में निगरानी बढ़ा दी है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। राहत और बचाव दलों को भी तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी प्रशासन को सतर्क किया गया है। अधिकारियों से कहा गया है कि वे नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखें और जरूरत पड़ने पर तत्काल कदम उठाएं।

नेपाल में बाढ़ के कारण कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। भारी बारिश के चलते सड़क संपर्क और अन्य सेवाओं पर भी असर पड़ा है। भारत सरकार नेपाल की स्थिति पर भी नजर रख रही है और जरूरत पड़ने पर मानवीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए तैयार है।

गृह मंत्रालय ने कहा है कि केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर तालमेल के जरिए किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी की जा रही है। संबंधित विभागों को जरूरी संसाधन तैयार रखने को कहा गया है।

विशेषज्ञों के अनुसार, हिमालयी क्षेत्रों में भारी बारिश के दौरान नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्धि हो सकती है। ऐसे में समय पर निगरानी और चेतावनी प्रणाली बेहद महत्वपूर्ण होती है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बातचीत को इसी सतर्कता का हिस्सा माना जा रहा है। केंद्र सरकार का प्रयास है कि किसी भी संभावित बाढ़ की स्थिति में जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके।

फिलहाल नेपाल की ओर से आने वाले पानी की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। केंद्रीय एजेंसियां, राज्य सरकारें और स्थानीय प्रशासन आपसी समन्वय के साथ काम कर रहे हैं।

भारत सरकार ने साफ किया है कि नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा के बीच वह पड़ोसी देश के साथ खड़ा है और साथ ही भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

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