नई दिल्ली।राजधानी दिल्ली के संगम विहार इलाके में आवारा कुत्ते के हमले की भयावह घटना सामने आई है। घर के बाहर खेल रहे महज 18 महीने के बच्चे अब्बास पर एक आवारा कुत्ते ने अचानक हमला कर दिया। कुत्ते ने मासूम को जमीन पर गिराया और उसके चेहरे पर बुरी तरह हमला किया। बच्चे के गाल पर गंभीर जख्म आए हैं। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान 15 से अधिक टांके लगाए गए। चेहरे पर गंभीर चोट के कारण डॉक्टरों ने प्लास्टिक सर्जरी की जरूरत बताई है।
घटना संगम विहार की गली नंबर-5 की बताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक हमला 9 सितंबर को हुआ था, लेकिन इसका सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद 19 सितंबर को मामला व्यापक रूप से चर्चा में आया। सीसीटीवी कैमरे में पूरी घटना रिकॉर्ड हुई है। वीडियो में बच्चा दूसरे बच्चों के साथ घर के बाहर खेलता दिखाई देता है। इसी दौरान एक काले रंग का कुत्ता अचानक उसकी ओर दौड़ता है और उस पर झपट पड़ता है।
कुत्ते के हमले से बच्चा जमीन पर गिर गया। इसके बाद कुत्ते ने उसके चेहरे को निशाना बनाया। कुछ ही सेकंड में मासूम गंभीर रूप से घायल हो गया। बच्चे की चीख सुनकर आसपास मौजूद लोग दौड़कर पहुंचे। इसी दौरान बच्चे के रिश्तेदार इलियास ने तेजी से आगे बढ़कर कुत्ते को भगाया और अब्बास को उसके चंगुल से छुड़ाया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पूरी घटना करीब 20 से 25 सेकंड के भीतर हुई।
घायल बच्चे की हालत देखकर परिवार के लोग घबरा गए। अब्बास के पिता इसराज खान के मुताबिक शोर सुनकर परिवार बाहर आया तो बच्चा लहूलुहान हालत में मिला। परिजन उसे तत्काल हिंदू राव अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार और जरूरी इंजेक्शन देने के बाद डॉक्टरों ने उसे सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया। इसके बाद बच्चे का आगे का इलाज सफदरजंग अस्पताल में किया गया।
हमले में बच्चे के दाएं गाल पर गंभीर चोट आई है। रिपोर्ट के अनुसार कुत्ते ने गाल का मांस तक नोच दिया, जिससे जख्म काफी गहरा हो गया। बच्चे को 15 से अधिक टांके लगाए गए हैं। चेहरे पर हुए नुकसान को देखते हुए डॉक्टरों ने आगे प्लास्टिक सर्जरी की जरूरत बताई है। अलग-अलग शुरुआती रिपोर्टों में बच्चे को ICU में भर्ती किए जाने की जानकारी दी गई, जबकि बाद की रिपोर्ट में पिता के हवाले से उसकी हालत स्थिर बताई गई है।
घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद इलाके के लोगों में नाराजगी फैल गई। फुटेज में कुत्ते को अचानक बच्चे पर हमला करते देखा जा सकता है। आसपास के लोगों का कहना है कि घटना इतनी तेजी से हुई कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। अगर समय रहते लोग बच्चे को नहीं बचाते तो उसकी चोटें और गंभीर हो सकती थीं।
बच्चे को बचाने वाले इलियास ने बताया कि कुत्ता पीछे से दौड़ता हुआ आया था और सीधे अब्बास पर हमला कर दिया। उनके अनुसार कुत्ते को पहले किसी ने परेशान नहीं किया था। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने उस कुत्ते को इससे पहले गली में नहीं देखा था। घटना के बाद मोहल्ले में बच्चों को अकेले बाहर भेजने को लेकर डर बढ़ गया है।
अब्बास के पिता इसराज खान पेशे से ऑटो चालक बताए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिस कुत्ते ने बच्चे पर हमला किया, वह बाहर से इलाके में आया था। परिवार के अनुसार उनकी गली में सामान्य तौर पर उस कुत्ते को नहीं देखा जाता था। हमले के बाद परिवार की प्राथमिकता बच्चे का इलाज रही।
घटना की जानकारी सामने आने के बाद दिल्ली नगर निगम की टीम भी इलाके में पहुंची। नगर निगम की ओर से क्षेत्र से कुछ आवारा कुत्तों को रेस्क्यू किया गया और उन्हें सुरक्षित स्थान पर भेजा गया। हालांकि शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक अब्बास पर हमला करने वाले कुत्ते की पहचान और उसके पकड़े जाने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी। कुछ रिपोर्टों में हमलावर कुत्ते के नहीं पकड़े जाने की जानकारी दी गई है।
स्थानीय लोगों ने इस घटना के बाद आवारा कुत्तों की समस्या पर स्थायी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि संगम विहार की कई गलियां संकरी हैं और छोटे बच्चे अक्सर घरों के बाहर खेलते हैं। ऐसी स्थिति में आक्रामक कुत्ता बच्चों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
इलाके के लोगों ने नगर निगम से नियमित निगरानी बढ़ाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि केवल घटना होने के बाद कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। कुत्तों की आबादी के प्रबंधन, नसबंदी और टीकाकरण जैसी व्यवस्थाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने की जरूरत है।
बच्चे के पिता ने भी स्थानीय स्तर पर निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मांग की है कि जिस कुत्ते ने उनके बेटे पर हमला किया उसे जल्द खोजा जाए। इसके अलावा गलियों में ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे भविष्य में किसी दूसरे बच्चे के साथ इस तरह की घटना न हो।
घटना के बाद मोहल्ले के कई परिवारों ने अपने छोटे बच्चों को अकेले बाहर भेजना बंद कर दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हमले का दृश्य इतना भयावह था कि अब बच्चों को बाहर खेलते देखकर भी परिवार चिंतित हो जाते हैं। स्थानीय निवासी मोहम्मद गुलफाम ने भी नगर निगम से आक्रामक आवारा कुत्तों के संबंध में प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
इस घटना ने दिल्ली में आवारा कुत्तों के प्रबंधन और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चल रही बहस को फिर सामने ला दिया है। आवारा कुत्तों से जुड़े मामलों में एक ओर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है, वहीं पशु कल्याण और लागू नियमों के मुताबिक मानवीय तरीके से कुत्तों की आबादी का प्रबंधन भी आवश्यक है।
ऐसे मामलों में नसबंदी, एंटी-रेबीज टीकाकरण, कचरा प्रबंधन और स्थानीय स्तर पर कुत्तों की निगरानी जैसे कदम महत्वपूर्ण माने जाते हैं। खासकर किसी कुत्ते में असामान्य या आक्रामक व्यवहार दिखाई देने पर संबंधित स्थानीय निकाय को तुरंत सूचना देना जरूरी होता है।
संगम विहार की घटना में राहत की बात यह है कि बच्चे को समय रहते आसपास के लोगों ने कुत्ते से छुड़ा लिया और अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि उसके चेहरे पर लगी गंभीर चोट के कारण इलाज लंबा चल सकता है। डॉक्टरों ने चेहरे को सामान्य करने के लिए प्लास्टिक सर्जरी की बात कही है।
अब्बास पर हुए हमले का वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों की मुख्य मांग हमलावर कुत्ते को तलाशने और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की है। नगर निगम की टीम ने इलाके से कुछ कुत्तों को रेस्क्यू किया है, लेकिन घटना ने यह सवाल फिर खड़ा कर दिया है कि घनी आबादी वाली गलियों में आवारा और आक्रामक कुत्तों की पहचान तथा प्रबंधन के लिए स्थानीय स्तर पर व्यवस्था कितनी प्रभावी है।
फिलहाल मासूम का उपचार जारी है। घटना की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बच्चे की हालत को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में गंभीरता और ICU में भर्ती होने की जानकारी आई थी, जबकि बाद में परिवार ने उसकी हालत स्थिर बताई। इसलिए बच्चे की मौजूदा चिकित्सा स्थिति के बारे में अस्पताल या परिवार के नवीनतम आधिकारिक अपडेट को प्राथमिकता देना जरूरी है।
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