नई दिल्ली। डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म Razorpay ने पेमेंट इंडस्ट्री के लिए एक नया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित फाउंडेशन मॉडल ‘Vulcan’ लॉन्च किया है। यह ट्रांसफॉर्मर-बेस्ड AI मॉडल खास तौर पर पेमेंट सिस्टम को बेहतर बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

कंपनी के अनुसार, Vulcan को NVIDIA और AWS की अत्याधुनिक तकनीकों की मदद से विकसित किया गया है। इस मॉडल में Razorpay के बड़े पैमाने पर उपलब्ध पेमेंट डेटा को NVIDIA की हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग क्षमता और AWS के क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ जोड़ा गया है।

कंपनी का कहना है कि Vulcan का उद्देश्य डिजिटल पेमेंट के दौरान आने वाली समस्याओं को समझना, उनका समाधान निकालना और लेनदेन को अधिक तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना है।

पेमेंट डेटा और AI का इस्तेमाल

Razorpay के मुताबिक, आज डिजिटल पेमेंट सिस्टम में करोड़ों लेनदेन रोजाना होते हैं। इन लेनदेन से मिलने वाला डेटा पेमेंट व्यवहार, ट्रांजैक्शन पैटर्न और ग्राहकों की समस्याओं को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

Vulcan इसी डेटा का उपयोग करते हुए पेमेंट से जुड़ी जटिलताओं को पहचानने और बेहतर समाधान विकसित करने में मदद करेगा। ट्रांसफॉर्मर आधारित AI मॉडल बड़ी मात्रा में डेटा का विश्लेषण करने और उसमें छिपे पैटर्न को समझने की क्षमता रखते हैं।

कंपनी का लक्ष्य है कि AI की मदद से पेमेंट फेल होने की घटनाओं को कम किया जा सके और ग्राहकों को अधिक सहज डिजिटल भुगतान अनुभव दिया जा सके।

15 लाख खरीदारों और 51 हजार कारोबारियों पर अध्ययन

Razorpay ने बताया कि कंपनी की एक आंतरिक स्टडी में 15 लाख से अधिक खरीदारों और 51,000 से ज्यादा कारोबारियों के पेमेंट अनुभव का विश्लेषण किया गया।

इस अध्ययन में सामने आया कि डिजिटल पेमेंट से जुड़ी समस्याएं केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं हैं। मेट्रो शहरों के बड़े बाजारों से लेकर छोटे कस्बों और स्थानीय बाजारों तक, पेमेंट फेल होने, ट्रांजैक्शन ड्रॉप होने और भुगतान में देरी जैसी समस्याएं लगभग समान रूप से सामने आती हैं।

कंपनी का कहना है कि Vulcan का विकास इन्हीं वास्तविक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए किया गया है।

छोटे कारोबारियों को भी मिलेगा फायदा

भारत में डिजिटल पेमेंट का विस्तार तेजी से हुआ है। छोटे व्यापारी, दुकानदार और स्थानीय व्यवसाय भी ऑनलाइन भुगतान पर निर्भर हो रहे हैं।

हालांकि, कई बार तकनीकी समस्याओं के कारण ग्राहकों और व्यापारियों दोनों को परेशानी होती है। ट्रांजैक्शन फेल होने से बिक्री प्रभावित होती है और ग्राहक अनुभव खराब हो सकता है।

Razorpay का कहना है कि Vulcan जैसे AI मॉडल इन समस्याओं को कम करने में मदद कर सकते हैं। इससे व्यापारियों को बेहतर पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर मिलेगा और ग्राहकों का भरोसा बढ़ेगा।

NVIDIA और AWS की तकनीकी साझेदारी

Vulcan को विकसित करने में NVIDIA और AWS की तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। NVIDIA की तेज कंप्यूटिंग क्षमता AI मॉडल को प्रशिक्षित करने और बड़े डेटा सेट को प्रोसेस करने में मदद करती है।

वहीं AWS का क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल को स्केलेबल और भरोसेमंद बनाने में भूमिका निभाता है। इससे Razorpay को बड़ी मात्रा में पेमेंट डेटा को सुरक्षित तरीके से संभालने और AI क्षमताओं को विस्तार देने में सहायता मिलेगी।

पेमेंट सेक्टर में AI की बढ़ती भूमिका

दुनिया भर में वित्तीय सेवाओं और पेमेंट सेक्टर में AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। बैंकिंग, फ्रॉड डिटेक्शन, ग्राहक सहायता और जोखिम प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में AI तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

पेमेंट इंडस्ट्री में AI का उपयोग विशेष रूप से ट्रांजैक्शन पैटर्न समझने, धोखाधड़ी रोकने और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने के लिए किया जा रहा है।

Razorpay का Vulcan इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

डिजिटल इकोनॉमी को मिलेगा समर्थन

भारत में डिजिटल भुगतान का दायरा लगातार बढ़ रहा है। UPI और अन्य डिजिटल माध्यमों के विस्तार के साथ पेमेंट सिस्टम को अधिक मजबूत और भरोसेमंद बनाने की जरूरत भी बढ़ी है।

Razorpay का कहना है कि Vulcan जैसे AI मॉडल भविष्य के डिजिटल पेमेंट सिस्टम को अधिक स्मार्ट बनाने में मदद करेंगे।

कंपनी का उद्देश्य केवल लेनदेन को प्रोसेस करना नहीं बल्कि पेमेंट अनुभव को बेहतर बनाना है, ताकि ग्राहक और व्यापारी दोनों को कम परेशानी का सामना करना पड़े।

भविष्य में AI आधारित पेमेंट समाधान

Razorpay का Vulcan लॉन्च ऐसे समय हुआ है जब वित्तीय तकनीक कंपनियां AI को अपनी सेवाओं में तेजी से शामिल कर रही हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में AI आधारित पेमेंट सिस्टम अधिक व्यक्तिगत, सुरक्षित और तेज हो सकते हैं। इससे डिजिटल अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

Razorpay की नई पहल यह संकेत देती है कि पेमेंट इंडस्ट्री अब केवल लेनदेन तक सीमित नहीं रहकर डेटा और AI आधारित स्मार्ट सेवाओं की ओर बढ़ रही है।

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