बिजनेस : शेयर बाजार में बड़ी और स्थापित कंपनियों के बीच कम कीमत वाले कुछ पेनी स्टॉक्स ने भी 2026 में निवेशकों का ध्यान खींचा है। उपलब्ध बाजार आंकड़ों के अनुसार, इस साल अब तक कई पेनी शेयरों ने 40 प्रतिशत से 326 प्रतिशत तक का रिटर्न दिया है। तीन शेयरों ने तो निवेशकों की पूंजी दोगुनी से अधिक कर दी है। हालांकि, शानदार रिटर्न के साथ इन शेयरों में भारी अस्थिरता और नुकसान का जोखिम भी जुड़ा हुआ है।
इस सूची के लिए उन कंपनियों को शामिल किया गया है, जिनका बाजार पूंजीकरण 1,000 करोड़ रुपये से कम, शेयर मूल्य 20 रुपये से नीचे और हाल का औसत ट्रेडिंग वॉल्यूम कम से कम पांच लाख शेयर प्रतिदिन रहा है। इन शर्तों के कारण सूची में कम कीमत के साथ अपेक्षाकृत सक्रिय कारोबार वाले माइक्रोकैप शेयर शामिल हुए हैं।
 ट्रियो मर्केंटाइल ने दिया सबसे अधिक रिटर्न
प्रदर्शन के मामले में ट्रियो मर्केंटाइल एंड ट्रेडिंग सबसे आगे रहा। इस शेयर ने 2026 की शुरुआत से अब तक लगभग 326 प्रतिशत की तेजी दर्ज की है। 14 अगस्त को बीएसई पर इसका बंद भाव 2.94 रुपये रहा। शेयर का 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर 3.18 रुपये और न्यूनतम स्तर 0.62 रुपये है। कंपनी का बाजार पूंजीकरण करीब 20 करोड़ रुपये है। इसका पीई अनुपात नकारात्मक है, जो कंपनी की कमाई से संबंधित जोखिम की ओर संकेत करता है।
दूसरे स्थान पर गुजरात इंजेक्ट केरल का शेयर रहा, जिसने वर्ष 2026 में अब तक करीब 254 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। 14 अगस्त को यह शेयर 12.66 रुपये पर बंद हुआ। इसका 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर 14.30 रुपये और न्यूनतम स्तर 1.90 रुपये है।
स्टारलाइनपीएस एंटरप्राइजेज ने लगभग 156 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की है। इसका पिछला बंद भाव 8.57 रुपये बताया गया है। इन तीनों शेयरों ने 100 प्रतिशत से अधिक रिटर्न दिया है, इसलिए प्रदर्शन के आधार पर इन्हें मल्टीबैगर शेयरों की श्रेणी में रखा जा सकता है।
दूसरे पेनी शेयरों का प्रदर्शन
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक ACI Infocom के शेयर ने वर्ष 2026 में अब तक करीब 63 प्रतिशत और NHC Foods ने लगभग 60 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। Mena Mani Industries में 54 प्रतिशत की तेजी आई है। NCL Research and Financial Services का शेयर 44 प्रतिशत, जबकि GACM Technologies करीब 42 प्रतिशत चढ़ा है।
Quadrant Televentures में लगभग 38 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई है। Growington Ventures India ने करीब 23 प्रतिशत का रिटर्न दिया है और इसका पिछला बंद भाव 0.98 रुपये बताया गया है। सूची में शामिल ज्यादातर शेयरों की कीमत एक से 15 रुपये के बीच है।
कम कीमत का मतलब सस्ता निवेश नहीं
पेनी स्टॉक्स की कीमत कम होने के कारण निवेशक छोटी रकम में बड़ी संख्या में शेयर खरीद सकते हैं। कम बाजार पूंजीकरण और सीमित उपलब्ध शेयरों के चलते थोड़ी सी खरीदारी से भी इनके भाव में बड़ा प्रतिशत बदलाव दिखाई दे सकता है। यही स्थिति गिरावट के समय भारी नुकसान का कारण भी बन सकती है।
किसी शेयर का भाव दो या पांच रुपये होने से वह अपने आप सस्ता या आकर्षक निवेश नहीं बन जाता। कंपनी का वास्तविक मूल्यांकन उसकी बिक्री, मुनाफे, कर्ज, नकदी प्रवाह, प्रमोटर हिस्सेदारी और कारोबारी संभावनाओं पर निर्भर करता है। कई पेनी शेयरों में वित्तीय जानकारी सीमित, लिक्विडिटी कम और कीमतों में हेरफेर का जोखिम अधिक हो सकता है।
निवेशकों को पिछले रिटर्न के साथ कंपनी के फंडामेंटल, ऑडिटर की टिप्पणियां, प्रमोटरों द्वारा गिरवी रखे शेयर और नियामकीय खुलासे भी जांचने चाहिए। 326 प्रतिशत या 254 प्रतिशत का पुराना रिटर्न भविष्य में ऐसी ही तेजी की गारंटी नहीं देता।
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