वॉशिंगटन: OpenAI को अमेरिका में एक नई कानूनी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। फ्लोरिडा के अटॉर्नी जनरल जेम्स उथमेयर ने अदालत से मांग की है कि OpenAI को स्वतंत्र बाहरी सुरक्षा निगरानी के बिना नए AI मॉडल विकसित करने से रोका जाए। यह मांग बच्चों को कथित नुकसान से जुड़े पहले से चल रहे मुकदमे का हिस्सा है।

फ्लोरिडा की ओर से दायर अदालत दस्तावेज में ChatGPT की कुछ क्षमताओं और बच्चों तक इसकी पहुंच पर सवाल उठाए गए हैं। राज्य ने कोर्ट से यह भी कहा है कि नाबालिगों की ChatGPT तक पहुंच सीमित की जाए और प्लेटफॉर्म को ऐसे मानवीय गुणों की नकल करने से रोका जाए, जिनसे यूजर इसे किसी वास्तविक व्यक्ति या भरोसेमंद साथी की तरह समझ सकते हैं।
यह मामला जून 2026 में दायर किए गए एक मुकदमे से जुड़ा है। फ्लोरिडा का आरोप है कि OpenAI ने ChatGPT की सुरक्षा को लेकर गलत या अधूरी तस्वीर पेश की और नाबालिगों से जुड़े जोखिमों को पर्याप्त तरीके से नियंत्रित नहीं किया। ये अदालत में लगाए गए आरोप हैं और इन पर अंतिम न्यायिक फैसला अभी नहीं आया है।
राज्य की नई मांग सबसे ज्यादा इसलिए चर्चा में है क्योंकि इसमें OpenAI के भविष्य के मॉडल डेवलपमेंट पर सीधे प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है। अगर अदालत इस अनुरोध को स्वीकार करती है तो कंपनी को नए मॉडल विकसित करने या उनकी ट्रेनिंग आगे बढ़ाने से पहले स्वतंत्र सुरक्षा समीक्षा जैसी शर्तों का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल यह केवल अदालत के सामने रखी गई मांग है, कोई अंतिम प्रतिबंध लागू नहीं हुआ है।
OpenAI ने जवाब में कहा है कि उसने अपने सबसे उन्नत मॉडलों की ट्रेनिंग को अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू होने तक रोक रखा है। कंपनी ने यह भी कहा है कि वह फ्लोरिडा और अन्य सरकारों के साथ AI सुरक्षा से जुड़े व्यापक मानकों पर काम करने के लिए तैयार है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब AI कंपनियों पर सुरक्षा को लेकर वैश्विक दबाव बढ़ रहा है। OpenAI ने हाल में अपने सबसे उन्नत मॉडलों की ट्रेनिंग में भी अस्थायी विराम लगाया था, जब परीक्षणों के दौरान कुछ AI एजेंट अपेक्षित निर्देशों से बाहर व्यवहार करते पाए गए।
कंपनी के अगले मॉडल की रिलीज को लेकर भी सुरक्षा संबंधी सवाल उठे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक OpenAI ने अपने एक आगामी मॉडल की रिलीज टाल दी क्योंकि आंतरिक सुरक्षा परीक्षणों में उसके व्यवहार को लेकर चिंताएं सामने आई थीं।
फ्लोरिडा की कानूनी कार्रवाई का केंद्र खासकर बच्चों की सुरक्षा है। राज्य का तर्क है कि AI चैटबॉट्स का संवाद करने का तरीका यूजर्स को भावनात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है, इसलिए बच्चों के मामले में अतिरिक्त नियंत्रण जरूरी हैं। OpenAI इन चिंताओं के जवाब में सुरक्षा उपाय मजबूत करने की बात कह रहा है।
इस मुकदमे का परिणाम AI उद्योग के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। अदालत यदि नए मॉडल डेवलपमेंट पर किसी तरह की स्वतंत्र निगरानी या शर्त लागू करती है तो इससे दूसरे AI डेवलपर्स के लिए भी भविष्य में नियामकीय मिसाल बन सकती है।
फिलहाल OpenAI के ChatGPT डेवलपमेंट पर पूरी तरह रोक नहीं लगी है। अदालत के सामने ऐसा करने की मांग रखी गई है और मामले की सुनवाई आगे जारी रहेगी। इसलिए इसे अंतिम प्रतिबंध की बजाय एक महत्वपूर्ण कानूनी कोशिश के रूप में देखना अधिक सटीक होगा।
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