भारतीय अर्थव्यवस्था में 7.8% की तेजी: विशेषज्ञों ने मोदी सरकार की सराहना की
DELHI दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को अर्थशास्त्रियों और विश्लेषकों ने सराहना दी है। अप्रैल-जून 2025 तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही, जो पिछली पांच तिमाहियों में सबसे अधिक है। यह वृद्धि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ और वैश्विक संकट के बावजूद दर्ज की गई है। केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBEC) के पूर्व अध्यक्ष नजीब शाह ने कहा कि यह आंकड़ा भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत बुनियाद का प्रतीक है। गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के पूर्व अध्यक्ष शैलेश पटवारी ने कहा कि अमेरिकी टैरिफ को चुनौती की बजाय अवसर की तरह लेना चाहिए। उन्होंने बताया कि कृषि, सेवाएं और निर्माण क्षेत्र में तेजी से जीडीपी वृद्धि दर मजबूत हुई है।
अर्थशास्त्री प्रोफेसर बिमल अंजुम के अनुसार, अमेरिकी टैरिफ से निर्यात प्रभावित हो सकता है, लेकिन 32 से अधिक देशों के साथ समझौतों के कारण भारत नए बाजारों में अपनी स्थिति मजबूत कर सकता है। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका पूरी तरह सहयोग बंद भी कर दे, तो भारत की जीडीपी पर केवल 0.9% असर पड़ेगा। इन्फोमेरिक्स रेटिंग्स के चीफ इकोनॉमिस्ट डॉ. मनोरंजन शर्मा ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध और मिडिल ईस्ट संकट के बावजूद यह वृद्धि भारत की मजबूती का संकेत है। उन्होंने अनुमान जताया कि यदि यही रफ्तार बनी रही तो भारत 2030 तक 20.7 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन सकता है।
इकोनॉमिक्स एक्सपर्ट प्रबीर कुमार सरकार ने कहा कि आरबीआई का अनुमान 6.5-6.7 प्रतिशत था, जबकि एनएसओ के अनुसार वास्तविक वृद्धि 7.8 प्रतिशत रही। उन्होंने बताया कि यह वृद्धि तृतीयक क्षेत्र, खासकर सेवा और वित्तीय क्षेत्र की मजबूती के कारण हुई। सरकार के 52% अधिक पूंजीगत व्यय ने भी इसमें योगदान दिया।
विशेषज्ञ सिद्धार्थ कलहंस ने कहा कि भारत निर्यात-आधारित अर्थव्यवस्था नहीं है, इसलिए अमेरिकी टैरिफ का असर सीमित है। वहीं, अर्थशास्त्री सूर्या नारायणन ने कहा कि भारत ने पहले ही 100 देशों को कृषि उत्पादों का निर्यात शुरू कर दिया है, जिसके चलते वैश्विक दबाव के बावजूद वृद्धि जारी है। सीए राजीव साहू ने कहा कि सरकार के लगातार सुधारों का प्रत्यक्ष लाभ जीडीपी वृद्धि दर में दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे और उद्योगों में निवेश ने अर्थव्यवस्था को गति दी है।