छत्तीसगढ़

बैलों की भिड़ंत से मचा हड़कंप, 13 महीने का मासूम समेत चार लोग घायल

Shantanu Roy
30 Aug 2025 6:38 PM IST
बैलों की भिड़ंत से मचा हड़कंप, 13 महीने का मासूम समेत चार लोग घायल
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Balod. बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के दल्लीराजहरा में गणेश पंडाल के पास रविवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब दो बैल आपस में भिड़ते हुए लोगों के बीच घुस आए। अचानक हुए इस हादसे में 13 महीने का मासूम समेत चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। इस घटना के बाद से क्षेत्र के लोग मवेशियों की बढ़ती समस्या को लेकर नाराज हैं और प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
भिड़ते हुए पंडाल तक पहुंचे बैल
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वार्ड क्रमांक-22 निवासी राकेश देवांगन का परिवार गणेश पंडाल के सामने खड़ा था। इस दौरान अचानक दो बैल लड़ते-लड़ते वहां पहुंच गए और अपनी चपेट में 13 महीने के युगार्थ, 13 वर्षीय सौम्या, 70 वर्षीय बसंती बाई और 45 वर्षीय गोकुल ठाकुर को ले लिया। लोग बचाव के लिए इधर-उधर भागे, लेकिन कुछ ही पलों में हादसा हो गया।
मासूम को आंख और दांत में चोट
हादसे में मासूम युगार्थ को आंख के पास गंभीर चोट आई है और उसका एक दांत भी टूट गया है। वहीं, सौम्या, बसंती बाई और गोकुल ठाकुर को भी चोटें आई हैं। सभी को दल्लीराजहरा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों ने बताया कि घायलों की स्थिति अभी स्थिर है, लेकिन मासूम की चोट गंभीर है।
मवेशियों की समस्या से लोग परेशान
स्थानीय निवासी राकेश देवांगन का कहना है कि गली-मोहल्लों और मुख्य मार्गों पर मवेशियों का झुंड रोजाना बैठा रहता है। कई बार लोग इनकी वजह से दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन को इन्हें सुरक्षित स्थान पर रखने और नियंत्रित करने की ठोस योजना बनानी चाहिए ताकि आमजन सुरक्षित रह सकें।
20 दिन पहले भी हुआ था हादसा
यह कोई पहला मामला नहीं है। करीब 20 दिन पहले दल्लीराजहरा के जैन भवन के पास एक्सिस बैंक के सामने भी दो बैल आपस में भिड़ गए थे। उस दौरान तीन बाइक सवार युवक इनकी चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हालत गंभीर होने के चलते उनमें से दो को बड़े अस्पताल रेफर करना पड़ा था। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से लोग दहशत में हैं।
ठोस कार्ययोजना की मांग
लोगों का कहना है कि नगर निगम और प्रशासन को मिलकर मवेशियों को नियंत्रित करने के लिए ठोस कार्ययोजना बनानी चाहिए। यदि इन्हें सुरक्षित स्थान पर रखा जाए तो इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि त्योहारों और सार्वजनिक आयोजनों के दौरान विशेष सतर्कता बरती जानी चाहिए ताकि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर इस तरह की अनचाही घटनाओं को टाला जा सके।
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