Bonus share : जीटीवी इंजीनियरिंग लिमिटेड के शेयरधारकों के लिए 7 अक्टूबर 2026 बेहद अहम तारीख है। कंपनी का शेयर बुधवार से एक्स-बोनस ट्रेड करेगा। कंपनी ने अपने निवेशकों को 2:1 के अनुपात में बोनस शेयर देने का फैसला किया है। इसका मतलब है कि रिकॉर्ड डेट पर जिन निवेशकों के पास कंपनी का 1 शेयर होगा, उन्हें उसके बदले 2 अतिरिक्त बोनस शेयर मिलेंगे। कंपनी ने इस बोनस इश्यू के लिए 7 अक्टूबर 2026 को रिकॉर्ड डेट तय किया है।
इस बोनस शेयर का फायदा लेने के लिए निवेशकों को 6 अक्टूबर तक कंपनी के शेयर खरीदने होंगे। 7 अक्टूबर को शेयर एक्स-बोनस हो जाएगा। ऐसे में 7 अक्टूबर को शेयर खरीदने वाले नए निवेशक इस बोनस इश्यू के लिए पात्र नहीं होंगे। बोनस शेयर पाने की पात्रता रिकॉर्ड डेट पर शेयरधारकों की होल्डिंग के आधार पर तय होगी।
कंपनी के बोनस इश्यू का अनुपात 2:1 है। आसान भाषा में समझें तो अगर किसी निवेशक के पास रिकॉर्ड डेट पर जीटीवी इंजीनियरिंग के 100 शेयर हैं, तो उसे 200 नए बोनस शेयर मिलेंगे। बोनस शेयर जारी होने के बाद उस निवेशक के पास कुल 300 शेयर हो जाएंगे। हालांकि बोनस मिलने का मतलब यह नहीं है कि निवेशक की कुल संपत्ति तुरंत तीन गुना हो जाएगी, क्योंकि एक्स-बोनस होने के बाद शेयर की कीमत भी अनुपात के मुताबिक एडजस्ट होती है।
जीटीवी इंजीनियरिंग ने इस बोनस इश्यू की घोषणा 14 अगस्त 2026 को की थी। इसके बाद कंपनी ने 7 अक्टूबर को रिकॉर्ड डेट और एक्स-बोनस डेट तय किया। कंपनी के शेयर का फेस वैल्यू 2 रुपये है। रिकॉर्ड डेट के आधार पर पात्र शेयरधारकों को प्रत्येक 1 मौजूदा इक्विटी शेयर पर 2 नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे।
बोनस शेयर कंपनियां आमतौर पर अपने फ्री रिजर्व या संचित मुनाफे को पूंजी में बदलकर जारी करती हैं। इसमें निवेशकों को किसी अतिरिक्त भुगतान की जरूरत नहीं होती। कंपनी शेयरधारकों को उनके पास मौजूद शेयरों की संख्या के अनुपात में नए शेयर देती है। इससे कंपनी के कुल बकाया शेयरों की संख्या बढ़ जाती है, लेकिन कंपनी की कुल मार्केट वैल्यू केवल बोनस जारी होने भर से अपने आप नहीं बढ़ती।
बोनस शेयर का सबसे बड़ा असर शेयर की बाजार कीमत पर दिखाई देता है। 2:1 बोनस इश्यू के बाद शेयरों की संख्या तीन गुना हो जाती है। इसलिए शेयर की कीमत भी सैद्धांतिक रूप से उसी अनुपात में एडजस्ट हो सकती है। उदाहरण के लिए अगर एक्स-बोनस से पहले किसी शेयर की कीमत 90 रुपये है, तो 2:1 बोनस के बाद सैद्धांतिक रूप से उसका एडजस्टेड भाव लगभग 30 रुपये के आसपास हो सकता है। वास्तविक बाजार भाव मांग और आपूर्ति के आधार पर अलग हो सकता है।
जीटीवी इंजीनियरिंग का यह पहला बोनस इश्यू नहीं है। कंपनी इससे पहले जुलाई 2025 में भी 2:1 के अनुपात में बोनस शेयर जारी कर चुकी है। उस समय भी निवेशकों को हर 1 शेयर के बदले 2 अतिरिक्त शेयर मिले थे। इसके साथ ही कंपनी ने पिछले साल शेयरों के फेस वैल्यू में भी बदलाव किया था।
लगातार दूसरे साल 2:1 बोनस शेयर घोषित किए जाने के कारण कंपनी का स्टॉक निवेशकों के बीच चर्चा में है। बोनस इश्यू के जरिए कंपनी बाजार में शेयरों की संख्या बढ़ाती है, जिससे कई मामलों में शेयर की लिक्विडिटी बढ़ सकती है। कम कीमत पर अधिक शेयर उपलब्ध होने से छोटे निवेशकों के लिए भी शेयर में ट्रेडिंग करना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है।
हालांकि निवेशकों को यह समझना जरूरी है कि बोनस शेयर अपने आप में किसी कंपनी के कारोबार की गुणवत्ता या भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं होते। बोनस जारी होने से निवेशक के पास शेयरों की संख्या तो बढ़ती है, लेकिन प्रति शेयर कीमत एडजस्ट हो जाती है। किसी भी शेयर में निवेश का फैसला कंपनी की वित्तीय स्थिति, मुनाफा, कर्ज, कारोबार की संभावनाओं और वैल्यूएशन को देखकर ही करना चाहिए।
मंगलवार 6 अक्टूबर को जीटीवी इंजीनियरिंग के शेयर करीब 68 रुपये के आसपास कारोबार करते दिखाई दिए। कंपनी का शेयर BSE पर 539479 कोड से लिस्टेड है। हाल के कारोबारी सत्रों में इसमें अच्छी वॉल्यूम भी देखने को मिली है। बोनस शेयर की रिकॉर्ड डेट नजदीक आने के कारण स्टॉक में निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है।
बोनस शेयर मिलने के बाद उन्हें निवेशकों के डीमैट खाते में क्रेडिट किया जाता है। इसके लिए शेयरधारकों को अलग से कोई आवेदन करने की जरूरत नहीं होती। जिन निवेशकों का नाम रिकॉर्ड डेट पर कंपनी के शेयरधारकों की सूची में होगा, उन्हें तय अनुपात के अनुसार बोनस शेयर मिल जाएंगे।
यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि बोनस शेयर पर टैक्स का असर बेचने के समय सामने आ सकता है। बोनस शेयर प्राप्त करने पर सामान्य तौर पर निवेशक को तत्काल खरीद लागत नहीं देनी पड़ती, लेकिन बाद में इन्हें बेचने पर लागू टैक्स नियमों के अनुसार कैपिटल गेन की गणना की जाती है। ऐसे मामलों में निवेशकों को अपने टैक्स सलाहकार से जानकारी लेना बेहतर रहता है।
7 अक्टूबर के बाद जीटीवी इंजीनियरिंग का शेयर एडजस्टेड कीमत पर ट्रेड कर सकता है। ऐसे में निवेशकों को केवल शेयर भाव में अचानक आई गिरावट देखकर घबराना नहीं चाहिए। बोनस शेयर के कारण कीमत में तकनीकी एडजस्टमेंट होना सामान्य प्रक्रिया है।
कुल मिलाकर जीटीवी इंजीनियरिंग के निवेशकों के लिए 7 अक्टूबर बेहद महत्वपूर्ण है। कंपनी 1 शेयर पर 2 बोनस शेयर देने जा रही है और इसी दिन रिकॉर्ड डेट तथा एक्स-बोनस डेट है। इस कॉरपोरेट एक्शन का फायदा उन्हीं निवेशकों को मिलेगा जो तय समय के भीतर पात्र शेयरधारक बन चुके होंगे। बोनस इश्यू के बाद निवेशकों के पास शेयरों की संख्या तीन गुना हो जाएगी, लेकिन शेयर का भाव भी अनुपात के मुताबिक एडजस्ट होगा।