SBI FD Interest Rates : देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी कराने वाले ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। अगर आप अपनी बचत को सुरक्षित तरीके से निवेश करके निश्चित ब्याज कमाना चाहते हैं, तो एसबीआई की एफडी एक विकल्प हो सकती है। बैंक सामान्य ग्राहकों और वरिष्ठ नागरिकों को अलग-अलग ब्याज दरें प्रदान करता है। खास बात यह है कि 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के निवेशकों को सामान्य ग्राहकों के मुकाबले अतिरिक्त ब्याज मिलता है। अक्टूबर 2026 में बैंक की तीन करोड़ रुपये से कम की सामान्य रिटेल एफडी पर ब्याज दरें 3.05 प्रतिशत से 6.40 प्रतिशत सालाना तक हैं। वहीं, वरिष्ठ नागरिकों को 3.55 प्रतिशत से 7.05 प्रतिशत तक ब्याज मिल रहा है। ऐसे में एफडी कराने से पहले यह जानना जरूरी है कि किस अवधि में कितना ब्याज मिलेगा और निवेश की अवधि पूरी होने पर कितनी रकम प्राप्त होगी।
सामान्य और वरिष्ठ नागरिकों की ब्याज दरों में कितना अंतर?
एसबीआई में सामान्य ग्राहकों और वरिष्ठ नागरिकों की एफडी ब्याज दरों में अंतर रहता है।बैंक की अधिकांश सामान्य रिटेल एफडी योजनाओं में वरिष्ठ नागरिकों को 0.50 प्रतिशत अंक अतिरिक्त ब्याज मिलता है।हालांकि, पांच वर्ष से दस वर्ष तक की एफडी में विशेष 'एसबीआई वी-केयर' सुविधा के कारण यह अंतर एक प्रतिशत अंक तक पहुंच जाता है।इसका मतलब है कि अगर किसी अवधि की एफडी पर सामान्य ग्राहक को 6 प्रतिशत ब्याज मिलता है, तो वरिष्ठ नागरिक को उसी अवधि के लिए अधिक दर का लाभ मिल सकता है।अतिरिक्त ब्याज का फायदा विशेष रूप से उन सेवानिवृत्त लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है, जो अपनी बचत से नियमित आय या भविष्य के खर्चों के लिए रकम तैयार करना चाहते हैं।
अक्टूबर 2026 में एसबीआई की एफडी ब्याज दरें
एसबीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध दरों के अनुसार, तीन करोड़ रुपये से कम की सामान्य रिटेल एफडी पर निम्न ब्याज दरें लागू हैं।
एफडी की अवधि सामान्य नागरिक वरिष्ठ नागरिक
7 से 45 दिन 3.05% 3.55%
46 से 179 दिन 4.90% 5.40%
180 से 210 दिन 5.65% 6.15%
211 दिन से 1 साल से कम 5.90% 6.40%
1 साल से 2 साल से कम 6.25% 6.75%
2 साल से 3 साल से कम 6.40% 6.90%
3 साल से 5 साल से कम 6.30% 6.80%
5 से 10 साल 6.05% 7.05%
ये दरें वार्षिक हैं। पांच से दस साल की वरिष्ठ नागरिक दर में वी-केयर का अतिरिक्त लाभ शामिल है। स्रोत: एसबीआई की आधिकारिक दर सूची, 19 अक्टूबर 2026 तक अपडेट।
1 लाख रुपये की एफडी पर कितना मिलेगा ब्याज?
मान लीजिए कोई सामान्य ग्राहक एसबीआई में एक लाख रुपये की एफडी एक वर्ष के लिए कराता है।वर्तमान 6.25 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर और तिमाही चक्रवृद्धि ब्याज के उदाहरण में मैच्योरिटी पर उसे लगभग 1,06,398 रुपये मिल सकते हैं।यानी एक वर्ष में करीब 6,398 रुपये की ब्याज आय होगी।वहीं, अगर कोई वरिष्ठ नागरिक इतनी ही राशि एक वर्ष के लिए जमा करता है, तो उसे 6.75 प्रतिशत की दर से लगभग 1,06,923 रुपये मिल सकते हैं।इस तरह वरिष्ठ नागरिक को लगभग 525 रुपये अतिरिक्त ब्याज मिलेगा।यह उदाहरण संचयी एफडी और तिमाही चक्रवृद्धि ब्याज पर आधारित है। वास्तविक मैच्योरिटी राशि जमा करने की तारीख, अवधि और लागू गणना नियमों के अनुसार थोड़ी अलग हो सकती है।
पांच साल की एफडी में वरिष्ठ नागरिकों को बड़ा फायदा
अगर कोई व्यक्ति लंबी अवधि के लिए पैसा जमा करना चाहता है, तो पांच वर्ष की एफडी का विकल्प भी देख सकता है।एसबीआई की पांच से दस साल की एफडी पर सामान्य ग्राहकों को 6.05 प्रतिशत वार्षिक ब्याज मिल रहा है।इसके मुकाबले वरिष्ठ नागरिकों को 7.05 प्रतिशत तक ब्याज मिलता है।एक लाख रुपये की संचयी एफडी के उदाहरण में सामान्य ग्राहक को पांच वर्ष बाद लगभग 1.35 लाख रुपये मिल सकते हैं।वहीं, वरिष्ठ नागरिक को लगभग 1.42 लाख रुपये मिल सकते हैं।इसका मतलब है कि एक जैसी रकम और अवधि में वरिष्ठ नागरिक को करीब सात हजार रुपये अधिक मिल सकते हैं।हालांकि, यह गणना कर से पहले की है और वास्तविक लाभ एफडी की शर्तों पर निर्भर करेगा।
80 साल से अधिक उम्र वालों को भी अतिरिक्त लाभ
एसबीआई ने सुपर सीनियर सिटीजन्स यानी 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के ग्राहकों के लिए भी विशेष सुविधा उपलब्ध कराई है।बैंक की 'एसबीआई पैट्रन्स' सुविधा के अंतर्गत पात्र सुपर सीनियर सिटीजन्स को वरिष्ठ नागरिकों की लागू ब्याज दर से अतिरिक्त 0.10 प्रतिशत अंक ब्याज मिलता है।हालांकि, यह लाभ सभी प्रकार की जमा योजनाओं में उपलब्ध नहीं है।बैंक ने रिकरिंग डिपॉजिट, टैक्स सेविंग एफडी, कुछ विशेष जमा योजनाओं और नॉन-कॉलेबल एफडी को इस अतिरिक्त लाभ से अलग रखा है।इसलिए 80 वर्ष से अधिक उम्र के ग्राहकों को एफडी कराने से पहले संबंधित योजना की शर्तें जरूर जांचनी चाहिए।
444 दिन की अमृत वृष्टि एफडी भी है विकल्प
एसबीआई ग्राहकों को विशेष अवधि वाली अमृत वृष्टि एफडी का विकल्प भी देता है।इस योजना की अवधि 444 दिन है। बैंक की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सामान्य ग्राहकों के लिए इसकी ब्याज दर 6.45 प्रतिशत सालाना है।वरिष्ठ नागरिकों और सुपर सीनियर सिटीजन्स के लिए संबंधित अतिरिक्त ब्याज लाभ लागू हो सकते हैं।इस योजना की खासियत यह है कि निवेशक एक वर्ष से थोड़ी अधिक अवधि के लिए अपनी रकम जमा कर सकते हैं।हालांकि, निवेश करने से पहले सामान्य एफडी और विशेष अवधि वाली एफडी के बीच मिलने वाले रिटर्न की तुलना करना जरूरी है।
एफडी पर टैक्स और समय से पहले पैसे निकालने के नियम
एसबीआई में एफडी कराने से पहले ब्याज पर लगने वाले आयकर और समय से पहले निकासी से संबंधित नियमों को समझना जरूरी है।एफडी से प्राप्त ब्याज सामान्यतः निवेशक की कर योग्य आय में शामिल होता है।लागू आयकर प्रावधानों के अनुसार, एक वित्त वर्ष में निर्धारित सीमा से अधिक ब्याज मिलने पर बैंक स्रोत पर कर कटौती यानी टीडीएस कर सकता है।इसके अलावा एफडी की अवधि पूरी होने से पहले रकम निकालने पर बैंक निर्धारित पेनल्टी लागू कर सकता है।इसलिए निवेशकों को अपनी आर्थिक जरूरतों और भविष्य के खर्चों के अनुसार एफडी की अवधि चुननी चाहिए।
एफडी कराने से पहले इन बातों पर जरूर दें ध्यान
अगर आप अपनी बचत का पैसा एसबीआई की एफडी में जमा करने की योजना बना रहे हैं, तो सबसे पहले यह तय करें कि आपको रकम कब चाहिए।छोटी अवधि के खर्चों के लिए कम समय की एफडी उपयोगी हो सकती है, जबकि लंबी अवधि के निवेश में अलग ब्याज दरें मिल सकती हैं।वरिष्ठ नागरिकों के लिए अतिरिक्त ब्याज महत्वपूर्ण लाभ है, लेकिन केवल सबसे अधिक ब्याज दर देखकर निवेश नहीं करना चाहिए।
बैंक जमा बीमा के तहत प्रति जमाकर्ता, प्रति बैंक मूलधन और ब्याज मिलाकर अधिकतम पांच लाख रुपये तक की पात्र जमा राशि बीमित होती है।इसके अलावा एफडी पर मिलने वाले ब्याज की कर-पश्चात वास्तविक कमाई और महंगाई के प्रभाव पर भी विचार करना चाहिए।
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