केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर DA मर्जर से बढ़ सकती है बेसिक सैलरी
नई दिल्ली : केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच 8वें वेतन आयोग को लेकर उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि नए वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद कर्मचारियों की सैलरी में आखिर कितनी बढ़ोतरी होगी और हर महीने हाथ में आने वाली रकम कितनी बढ़ सकती है। हालांकि, अभी तक सरकार की ओर से फिटमेंट फैक्टर, बेसिक पे में महंगाई भत्ते यानी DA के विलय और अलग-अलग भत्तों में बदलाव को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। ऐसे में फिलहाल सामने आ रहे आंकड़े केवल संभावित अनुमान हैं।
8वें केंद्रीय वेतन आयोग की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। आयोग ने केंद्रीय कर्मचारियों, पेंशनर्स, कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और अन्य हितधारकों से सुझाव और जरूरी आंकड़े लेने की प्रक्रिया जुलाई में पूरी कर ली है। अब इन सुझावों और आंकड़ों का अध्ययन किया जाएगा। इसके बाद आयोग केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी, भत्ते, पेंशन और दूसरे लाभों में बदलाव को लेकर अपनी सिफारिशें तैयार करेगा।
आयोग ने अगस्त और सितंबर के दौरान अलग-अलग राज्यों में कर्मचारियों और संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात का कार्यक्रम भी तैयार किया है। दिल्ली के अलावा चेन्नई, पुडुचेरी, चंडीगढ़, जयपुर और मुंबई जैसे शहरों में बैठकें प्रस्तावित हैं। इन बैठकों में केंद्रीय कर्मचारी, पेंशनर्स, रेलवे और रक्षा क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि अपनी मांगों और समस्याओं को आयोग के सामने रख सकते हैं। इन सुझावों का इस्तेमाल आयोग अपनी सिफारिश तैयार करने में कर सकता है।
अब सबसे बड़ा सवाल सैलरी में संभावित बढ़ोतरी का है। फिलहाल 8वें वेतन आयोग में सैलरी कितनी बढ़ेगी, इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। अलग-अलग अनुमानों में करीब 20 से 30 फीसदी तक की वृद्धि से लेकर 30 से 50 फीसदी तक बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। कुछ ऊंचे अनुमानों में यह वृद्धि 80 फीसदी से अधिक तक पहुंचने की बात भी कही जा रही है। हालांकि, इन आंकड़ों को आधिकारिक फैसला नहीं माना जाना चाहिए।
सैलरी बढ़ोतरी का सबसे महत्वपूर्ण आधार फिटमेंट फैक्टर होगा। फिटमेंट फैक्टर एक ऐसा मल्टीप्लायर है, जिसके जरिए मौजूदा बेसिक पे को नई बेसिक पे में बदला जाता है। 8वें केंद्रीय वेतन आयोग ने अभी तक फिटमेंट फैक्टर को अंतिम रूप नहीं दिया है। अलग-अलग कर्मचारी संगठनों और रिपोर्टों में इसे लगभग 2.28 से 3.83 के बीच रहने का अनुमान लगाया जा रहा है। अंतिम फिटमेंट फैक्टर तय होने के बाद ही नई बेसिक सैलरी का वास्तविक अनुमान लगाया जा सकेगा।
उदाहरण के तौर पर, अगर किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है तो फिटमेंट फैक्टर के आधार पर नई बेसिक पे का हिसाब काफी बदल सकता है। हालांकि, केवल मौजूदा बेसिक पे को फिटमेंट फैक्टर से गुणा करना ही अंतिम वेतन नहीं होगा। इसमें DA, HRA और दूसरे भत्तों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी। इसलिए किसी भी अनुमान को वास्तविक सैलरी मानना अभी जल्दबाजी होगी।
DA मर्जर भी कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा है। कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगों में महंगाई भत्ते को बेसिक पे में शामिल करना भी शामिल है। अगर भविष्य में DA का बेसिक सैलरी में विलय किया जाता है तो इसका असर केवल मासिक वेतन तक सीमित नहीं रहेगा। इससे PF, पेंशन, ग्रेच्युटी और कुछ अन्य भत्तों की गणना पर भी प्रभाव पड़ सकता है।
फिलहाल 8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिशें आना बाकी हैं। आयोग को अपनी सिफारिशें तैयार करने में करीब 18 महीने लगने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में 2027 के आसपास कर्मचारियों को वेतन वृद्धि को लेकर ज्यादा स्पष्ट तस्वीर मिल सकती है। इसके बाद सरकार सिफारिशों को स्वीकार करने, उनमें बदलाव करने या उन्हें लागू करने को लेकर अंतिम निर्णय लेगी।
इसलिए अभी कर्मचारियों को 20, 30, 50 या 80 फीसदी वेतन वृद्धि के अनुमानों को लेकर निश्चित नहीं होना चाहिए। वास्तविक बढ़ोतरी फिटमेंट फैक्टर, DA मर्जर, नए बेसिक पे, भत्तों और सरकार के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगी। 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट आने और सरकार की मंजूरी के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि किस कर्मचारी की सैलरी में कितनी वास्तविक बढ़ोतरी होगी।