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उइगरों पर कथित दमन को लेकर WUC ने चीन पर उठाए सवाल

Gulabi Jagat
22 Aug 2026 7:20 PM IST
उइगरों पर कथित दमन को लेकर WUC ने चीन पर उठाए सवाल
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म्यूनिख: वर्ल्ड उइघुर कांग्रेस (WUC) की हालिया साप्ताहिक रिपोर्ट में चीन में उइघुर लोगों के साथ हो रहे बर्ताव और विदेशों में उइघुर समुदायों के कथित अंतरराष्ट्रीय दमन को लेकर नई चिंताएं जताई गई हैं। WUC के अनुसार, ह्यूमन राइट्स फाउंडेशन ने 11 अगस्त को एक टूलकिट लॉन्च की। इसका मकसद विदेशों में रह रहे कमजोर उइघुर समुदायों की मदद करना है ताकि वे चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के कथित अंतरराष्ट्रीय दमन के तरीकों का सामना कर सकें। इस टूलकिट में डिजिटल निगरानी, ​​ऑनलाइन उत्पीड़न और सार्वजनिक प्रदर्शनों के दौरान डराने-धमकाने जैसी धमकियों को शामिल किया गया है। WUC की उपाध्यक्ष ज़ुमरेटे अर्किन ने भी इस पहल में योगदान दिया।

WUC ने पूर्वी तुर्किस्तान की यात्रा करने वाले उइघुर ऑस्ट्रेलियाई लोगों को डराने-धमकाने की घटनाओं की भी निंदा की। ह्यूमन राइट्स वॉच की हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए संगठन ने कहा कि कुछ यात्रियों से लंबी पूछताछ की गई, उनकी आवाजाही पर रोक लगाई गई और उन पर उइघुर कार्यकर्ताओं और भाषा स्कूलों के बारे में जानकारी देने का दबाव डाला गया। WUC ने ऑस्ट्रेलिया से देश में रहने वाले उइघुर लोगों की सुरक्षा के लिए कदम उठाने की अपील की।

इस बीच, WUC ने शिनजियांग में मछली पालन उद्योग की 'आउटलॉ ओशन प्रोजेक्ट' द्वारा की गई जांच पर भी प्रकाश डाला। यह जांच 'शिनजियांग तियानयुन ऑर्गेनिक एग्रीकल्चर' पर केंद्रित थी, जिसे रेनबो ट्राउट मछली का एक बड़ा उत्पादक बताया जाता है। WUC ने आरोप लगाया कि यह उद्योग सरकारी लेबर-ट्रांसफर प्रोग्राम और उइघुर व अन्य तुर्किक अल्पसंख्यक समुदायों को मुख्यधारा में मिलाने की व्यापक कोशिशों से भी जुड़ा है। इस कंपनी को अगस्त 2026 में अमेरिकी 'उइघुर फोर्सड लेबर प्रिवेंशन एक्ट एंटिटी लिस्ट' में शामिल किया गया था।

WUC ने हडसन इंस्टीट्यूट की उस रिपोर्ट का भी स्वागत किया जिसमें अमेरिका से उइघुर डॉक्टर गुलशन अब्बास की रिहाई के लिए चीन पर दबाव डालने का आग्रह किया गया है। अब्बास 2018 में हिरासत में लिए जाने के बाद से ही जेल में बंद हैं।

WUC ने कहा कि अब्बास का मामला मनमानी हिरासत, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ी चिंताओं को उजागर करता है। संगठन ने वाशिंगटन से उनकी और अन्य उइघुर राजनीतिक कैदियों की रिहाई के लिए प्रयास तेज करने का आग्रह किया। WUC ने इन चिंताओं को दूर करने और चीन के अंदर व बाहर उइघुर समुदायों की सुरक्षा के लिए और अधिक कड़े अंतरराष्ट्रीय कदम उठाने की मांग की।

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