
वर्ल्ड | अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित नए पारस्परिक टैरिफ (Reciprocal Tariffs) का दुनियाभर में विरोध शुरू हो गया है। कई देशों ने इसे व्यापार के मूल सिद्धांतों के खिलाफ बताया है, वहीं ब्राजील इस मुद्दे को लेकर वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (WTO) जाने की तैयारी कर रहा है। इटली ने भी इस फैसले की आलोचना करते हुए इसे "अन्यायपूर्ण और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए खतरनाक" करार दिया है।
इटली ने जताई आपत्ति
इटली के वित्त मंत्री ने ट्रंप के इस कदम को "अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए गलत दिशा में उठाया गया कदम" बताया। उनका कहना है कि इस तरह के एकतरफा टैरिफ लगाने से वैश्विक बाजार अस्थिर हो सकता है और व्यापार संतुलन बिगड़ सकता है।
ब्राजील की WTO में शिकायत की तैयारी
ब्राजील, जो अमेरिका के साथ कई कृषि उत्पादों का व्यापार करता है, इस फैसले से सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकता है। ब्राजील के व्यापार मंत्रालय ने घोषणा की है कि वे WTO में अपील दायर करेंगे, क्योंकि यह टैरिफ अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों का उल्लंघन करता है।
यूरोपीय संघ की प्रतिक्रिया
यूरोपीय संघ (EU) ने भी इस टैरिफ नीति की आलोचना की है। EU के व्यापार आयुक्त ने कहा,
"अगर अमेरिका इस तरह के कदम उठाता है, तो अन्य देश भी जवाबी टैरिफ लगाएंगे, जिससे वैश्विक व्यापार युद्ध की स्थिति बन सकती है।"
चीन और भारत भी सतर्क
भारत और चीन ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देश जल्द ही कोई ठोस कदम उठा सकते हैं।
वैश्विक मंदी की आशंका बढ़ी
ट्रंप के इस फैसले से दुनिया भर के बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस मुद्दे को जल्द हल नहीं किया गया, तो यह व्यापार युद्ध का रूप ले सकता है और वैश्विक मंदी की आशंका गहरा सकती है।
अब सवाल यह है कि क्या अमेरिका अपने फैसले पर कायम रहेगा या वैश्विक दबाव के बाद इसे वापस लेगा? आने वाले दिनों में इस पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक बातचीत देखने को मिल सकती है।





