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ताइपे : ताइपे टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ताइवान की मेनलैंड अफेयर्स काउंसिल (MAC) ने हांगकांग के दो लोकतंत्र-समर्थक कार्यकर्ताओं को सरकार विरोधी गतिविधियों (सबवर्जन) के आरोप में दोषी ठहराए जाने के बाद उनकी तुरंत रिहाई की मांग की है। काउंसिल ने असहमति को दबाने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा कानूनों के बढ़ते इस्तेमाल पर चिंता जताई है। रिपोर्ट के मुताबिक, MAC ने इन लोगों को दोषी ठहराए जाने पर "गहरा खेद और दुख" जताया और बीजिंग तथा हांगकांग सरकार से आग्रह किया कि वे जिसे "राजनीतिक उत्पीड़न" बता रहे हैं, उसे खत्म करें और हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करें।
हांगकांग के मीडिया संस्थान 'सिंग ताओ डेली' का हवाला देते हुए ताइपे टाइम्स ने बताया कि दोषी ठहराए गए कार्यकर्ताओं में 'हांगकांग अलायंस इन सपोर्ट ऑफ पैट्रियटिक डेमोक्रेटिक मूवमेंट्स ऑफ चाइना' के पूर्व चेयरमैन ली चेउक-यान और पूर्व वाइस-चेयरवुमन चाउ हैंग-तुंग शामिल हैं। पूर्व वाइस-चेयरमैन अल्बर्ट हो ने मुकदमे की शुरुआत से पहले ही अपना अपराध स्वीकार कर लिया था।
MAC के अनुसार, 2021 में भंग किए गए 'हांगकांग अलायंस' ने दशकों तक 1989 के तियानमेन स्क्वायर दमन की याद में शांतिपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए थे और चीन में लोकतंत्र तथा अधिक स्वतंत्रता की वकालत की थी।
'सिंग ताओ डेली' का हवाला देते हुए ताइपे टाइम्स ने बताया कि आरोपियों पर हांगकांग के राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत मुकदमा चलाया गया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने 1 जुलाई 2020 और 8 सितंबर 2021 के बीच राज्य की सत्ता को पलटने के मकसद से की जाने वाली गतिविधियों को आयोजित करने, उनकी योजना बनाने या उनमें भाग लेने के लिए दूसरों को उकसाया था।
ताइपे टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, MAC ने कानूनी कार्यवाही में लगे लगभग पांच साल के समय और आरोपियों की लंबी हिरासत की आलोचना की। काउंसिल ने कहा कि इस मामले ने हांगकांग में मानवाधिकारों और कानून के शासन को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंताएं पैदा की हैं। साथ ही, इस बात पर जोर दिया कि शहर की अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र के तौर पर पहचान बनाए रखने और उसकी समृद्धि व स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए इन अधिकारों के साथ-साथ अभिव्यक्ति और विचार की स्वतंत्रता की रक्षा करना बहुत ज़रूरी है।
ताइपे टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, MAC ने असहमति को दबाने के लिए बीजिंग और हांगकांग के अधिकारियों द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा कानूनों के इस्तेमाल पर चिंता जताई और इस दमन को खत्म करने तथा हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने की मांग की।
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