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Health Tips: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों को अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने का समय मुश्किल से मिल पाता है। सुबह से शाम तक ऑफिस में काम करना, लंबे समय तक खड़े रहना, लगातार चलना या घर के कामों में व्यस्त रहने के कारण पैरों में दर्द, भारीपन और थकान की समस्या आम हो गई है। कई बार दिनभर की थकान इतनी ज्यादा होती है कि शाम तक पैरों में खिंचाव और सूजन महसूस होने लगती है। ऐसे में आराम पाने के लिए लोग मालिश, गर्म पानी या दूसरी घरेलू तकनीकों का सहारा लेते हैं। हालांकि, योग में एक ऐसा आसान आसन भी है, जिसे घर पर बिना किसी विशेष उपकरण के किया जा सकता है।
वुमन हेल्थ स्पेशलिस्ट और सर्टिफाइड मेनोपॉज कोच निधि कक्कड़ ने इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक वीडियो में पैरों की थकान दूर करने के लिए एक सरल योग मुद्रा के बारे में बताया है। उनके अनुसार, दीवार के सहारे पैरों को ऊपर उठाकर करीब 10 मिनट तक लेटने से आराम महसूस हो सकता है। योग की भाषा में इस मुद्रा को विपरीत करणी आसन कहा जाता है। यह एक आरामदायक योग मुद्रा है, जो विशेष रूप से दिनभर पैरों पर दबाव पड़ने के बाद राहत देने में मददगार हो सकती है।
क्या है विपरीत करणी आसन?
विपरीत करणी योग का एक सरल आसन है, जिसे अंग्रेजी में 'लेग्स अप द वॉल पोज' भी कहा जाता है। इस आसन में व्यक्ति जमीन पर पीठ के बल लेटकर अपने दोनों पैरों को दीवार के सहारे ऊपर की ओर रखता है। इस दौरान शरीर का ऊपरी हिस्सा जमीन पर आराम की स्थिति में रहता है, जबकि पैर ऊपर उठे होते हैं।
इस मुद्रा की खासियत यह है कि इसे करने के लिए कठिन शारीरिक अभ्यास या विशेष लचीलेपन की आवश्यकता नहीं होती। अधिकांश स्वस्थ लोग अपनी सुविधा के अनुसार इसका अभ्यास कर सकते हैं। हालांकि, इसे करते समय शरीर की स्थिति सही रखना और किसी तरह का अनावश्यक दबाव नहीं डालना जरूरी है।
पैरों की थकान कम करने में कैसे मिलती है मदद?
लगातार खड़े रहने या लंबे समय तक एक ही जगह बैठने से पैरों के निचले हिस्से में रक्त और तरल पदार्थ जमा होने की समस्या हो सकती है। इसकी वजह से टखनों के आसपास सूजन, भारीपन और असहजता महसूस हो सकती है।
विपरीत करणी आसन में पैरों को शरीर से ऊंचा रखने पर गुरुत्वाकर्षण की मदद से रक्त और तरल पदार्थ की वापसी आसान हो सकती है। इससे हल्की सूजन और भारीपन में अस्थायी राहत मिल सकती है। क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, यह मुद्रा पैरों में जमा तरल पदार्थ को वापस परिसंचरण में लाने और आराम महसूस कराने में सहायक हो सकती है।
हालांकि, यह आसन पैरों के हर प्रकार के दर्द का इलाज नहीं है। यदि दर्द किसी चोट, नसों की समस्या या दूसरी बीमारी के कारण हो रहा है, तो केवल योगासन पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।
मानसिक तनाव और थकान से भी मिल सकता है आराम
विपरीत करणी आसन केवल पैरों को आराम देने तक सीमित नहीं है। यह शरीर को विश्राम देने वाली योग मुद्राओं में शामिल है। दिनभर काम करने के बाद जब व्यक्ति शांत वातावरण में कुछ मिनट तक लेटता है और धीरे-धीरे सांस लेता है, तो मानसिक तनाव कम महसूस हो सकता है।
इस मुद्रा के दौरान शरीर को स्थिर रखने और सांसों पर ध्यान देने से मन शांत करने में मदद मिल सकती है। खासतौर पर उन लोगों के लिए यह उपयोगी हो सकता है, जिनका ज्यादातर समय ऑफिस, घर या दूसरे कामों में बीतता है।
हालांकि, इससे नींद की बीमारी, तनाव या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं ठीक होने के दावों के पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।
विपरीत करणी आसन करने का सही तरीका
इस योगासन को करने के लिए सबसे पहले घर में एक साफ और शांत जगह चुनें, जहां दीवार के पास पर्याप्त स्थान हो। जमीन पर योगा मैट या मुलायम चादर बिछा लें।
इसके बाद दीवार के पास बैठें और धीरे-धीरे करवट लेते हुए पीठ के बल लेट जाएं। अब अपने दोनों पैरों को ऊपर उठाकर दीवार के सहारे टिका दें। ध्यान रखें कि आपकी पीठ और सिर जमीन पर आराम से टिके रहें।
दोनों हाथों को शरीर के बगल में रखें और कंधों को ढीला छोड़ दें। आंखें बंद करके सामान्य गति से सांस लेते रहें। घुटनों को जबरदस्ती सीधा करने की जरूरत नहीं है।
शुरुआत में दो से तीन मिनट तक इस स्थिति में रह सकते हैं। यदि कोई परेशानी नहीं होती, तो धीरे-धीरे समय बढ़ाकर करीब 10 मिनट तक अभ्यास किया जा सकता है। आसन समाप्त करने के बाद पैरों को आराम से नीचे लाएं और धीरे-धीरे बैठें। अचानक उठने से बचें।
किन लोगों के लिए हो सकता है फायदेमंद?
यह आसन विशेष रूप से उन स्वस्थ लोगों के लिए आरामदायक हो सकता है, जो दिनभर खड़े रहकर काम करते हैं। दुकानदार, शिक्षक, ऑफिस कर्मचारी और घरेलू कामकाज में व्यस्त लोग अपने आराम के समय इसका अभ्यास कर सकते हैं।
लंबे समय तक कुर्सी पर बैठकर काम करने वाले लोगों को भी पैरों में भारीपन महसूस हो सकता है। ऐसे में यह मुद्रा कुछ समय के लिए आराम दे सकती है। हालांकि, नियमित रूप से चलना, बीच-बीच में उठना और हल्की शारीरिक गतिविधियां करना भी जरूरी है।
इन सावधानियों को नजरअंदाज न करें
विपरीत करणी आसन सरल जरूर है, लेकिन हर व्यक्ति के लिए सुरक्षित नहीं है। ग्लूकोमा यानी आंखों के बढ़े हुए दबाव, अनियंत्रित उच्च रक्तचाप, गंभीर हृदय रोग या किडनी और लिवर की कुछ गंभीर समस्याओं से पीड़ित लोगों को डॉक्टर की सलाह के बिना इसका अभ्यास नहीं करना चाहिए।
गर्भवती महिलाओं और पीठ या गर्दन की चोट से परेशान लोगों को भी पहले चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। अभ्यास के दौरान चक्कर, दर्द या सांस लेने में परेशानी हो, तो आसन तुरंत रोक देना चाहिए।
अगर किसी एक पैर में अचानक सूजन, तेज दर्द, लालिमा या गर्माहट महसूस हो, तो इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।
विशेषज्ञों के मुताबिक, स्वस्थ जीवनशैली के लिए नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, संतुलित आहार और आराम भी महत्वपूर्ण हैं। विपरीत करणी आसन को दिनचर्या में शामिल करना कुछ लोगों के लिए राहत पाने का आसान तरीका हो सकता है, लेकिन इसे किसी बीमारी के इलाज का विकल्प नहीं मानना चाहिए।
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