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एशियाई खेलों में भारत की गोल्ड जीत पर संजू सैमसन का बयान

Ashish verma
4 Oct 2026 4:05 PM IST
एशियाई खेलों में भारत की गोल्ड जीत पर संजू सैमसन का बयान
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Sanju Samson statment । एशियाई खेलों में भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 19 रन से हराकर भारत ने मेंस क्रिकेट का गोल्ड मेडल बरकरार रखा। इस जीत के बाद विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने टीम के प्रदर्शन और दबाव से निपटने की क्षमता पर बड़ी बात कही। सैमसन का कहना है कि भारत को यह गोल्ड मेडल आसानी से या ‘थाली में परोसकर’ नहीं मिला, बल्कि खिलाड़ियों को इसके लिए मैदान पर कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा।
भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मुकाबला किसी भी स्तर पर हो, दोनों टीमों के खिलाड़ियों पर दबाव काफी अधिक रहता है। जब मुकाबला किसी बड़े टूर्नामेंट का फाइनल हो और दांव पर गोल्ड मेडल लगा हो, तो यह दबाव और बढ़ जाता है। ऐसे में भारतीय टीम ने निर्णायक मुकाबले में संयम बनाए रखा और पाकिस्तान को 19 रन से मात देकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।
संजू सैमसन ने मुकाबले के बाद भारतीय टीम की तैयारियों की तारीफ करते हुए कहा कि अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी ने मुश्किल परिस्थितियों में टीम की काफी मदद की। भारत ने एशियाई खेलों के लिए ऐसे खिलाड़ियों को मौका दिया, जिन्हें घरेलू क्रिकेट और उच्च स्तर की
प्रतियोगिताओं
का अच्छा अनुभव था। सैमसन के मुताबिक, इसी अनुभव ने फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में दबाव को संभालने में अहम भूमिका निभाई।
सैमसन ने साफ किया कि एशियाई खेलों का गोल्ड जीतना उतना आसान नहीं था, जितना परिणाम देखकर लग सकता है। टूर्नामेंट में दूसरी टीमें भी मजबूत तैयारी के साथ उतरी थीं। खासकर पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल में भारतीय खिलाड़ियों को हर समय सतर्क रहना पड़ा। मुकाबले के दौरान परिस्थितियां बदलती रहीं, लेकिन टीम इंडिया ने महत्वपूर्ण मौकों पर बेहतर खेल दिखाया।
भारत-पाकिस्तान मुकाबले में दोनों टीमों के खिलाड़ियों के साथ-साथ क्रिकेट प्रशंसकों की निगाहें भी मैदान पर टिकी रहती हैं। दोनों देशों के बीच क्रिकेट की प्रतिद्वंद्विता दशकों पुरानी है। ऐसे में फाइनल में पाकिस्तान के सामने होने से भारतीय टीम पर अतिरिक्त दबाव होना स्वाभाविक था। हालांकि भारतीय खिलाड़ियों ने दबाव को अपने प्रदर्शन पर हावी नहीं होने दिया।
सैमसन के मुताबिक, अनुभवी क्रिकेटरों को टीम में शामिल करने का फैसला काफी महत्वपूर्ण साबित हुआ। बड़े मुकाबलों का अनुभव रखने वाले खिलाड़ी जानते हैं कि मुश्किल परिस्थितियों में किस तरह अपनी भावनाओं को नियंत्रित करना है। फाइनल में यही अनुभव
भारतीय टीम
के काम आया। खिलाड़ियों ने जल्दबाजी करने के बजाय परिस्थितियों के अनुसार अपनी रणनीति बनाई और आखिर में जीत हासिल की।
भारत ने पाकिस्तान को 19 रन से हराकर न केवल गोल्ड मेडल जीता बल्कि एशियाई खेलों में पुरुष क्रिकेट में अपना दबदबा भी बरकरार रखा। इस जीत का महत्व इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि सामने पाकिस्तान जैसी मजबूत टीम थी। फाइनल में छोटी सी गलती भी मुकाबले का रुख बदल सकती थी, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने अहम मौकों पर बेहतर प्रदर्शन किया।
संजू सैमसन का ‘थाली में परोसकर गोल्ड नहीं मिला’ वाला बयान टीम के संघर्ष को दर्शाता है। उनके मुताबिक, गोल्ड मेडल के पीछे खिलाड़ियों की तैयारी, अनुभव और दबाव में सही फैसले लेने की क्षमता का बड़ा योगदान रहा। मैदान पर टीम को हर रन और हर विकेट के लिए मेहनत करनी पड़ी।
भारतीय क्रिकेट में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का मिश्रण लंबे समय से टीम की ताकत रहा है। एशियाई खेलों में भी इसका फायदा देखने को मिला। अनुभवी खिलाड़ियों ने मुश्किल समय में टीम को संभाला, जबकि अन्य खिलाड़ियों ने अपनी भूमिका को सही तरीके से निभाया। यही सामूहिक प्रदर्शन भारत की जीत का आधार बना।
पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल में जीत भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए भी खास रही। भारत-पाकिस्तान मैच को लेकर हमेशा जबरदस्त उत्साह रहता है और इस बार मुकाबले के साथ गोल्ड मेडल भी दांव पर था। ऐसे में भारतीय टीम की 19 रन की जीत ने इस उपलब्धि को और यादगार बना दिया।
सैमसन के बयान से यह भी साफ होता है कि टीम इंडिया ने विपक्षी टीम को किसी भी स्तर पर हल्के में नहीं लिया था। खिलाड़ियों को पता था कि एक खराब सत्र या कुछ गलत फैसले पूरे मुकाबले को बदल सकते हैं। इसलिए टीम ने फाइनल में अपनी रणनीति पर भरोसा बनाए रखा और दबाव के क्षणों में संयम दिखाया।
इस जीत के साथ भारत ने महाद्वीपीय प्रतियोगिता में पुरुष क्रिकेट का स्वर्ण पदक अपने पास बरकरार रखा। यह सफलता भारतीय क्रिकेट की मजबूत बेंच स्ट्रेंथ को भी दिखाती है। प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों से अलग खिलाड़ियों को मौका मिलने के बावजूद टीम ने खिताब जीतकर यह साबित किया कि देश के पास प्रतिभाशाली और दबाव में प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की लंबी कतार मौजूद है।
संजू सैमसन के लिए भी यह जीत खास रही। उन्होंने टीम की सफलता को किसी एक खिलाड़ी की उपलब्धि के बजाय सामूहिक प्रयास का परिणाम बताया। उनका संदेश साफ था कि गोल्ड मेडल तक पहुंचने का सफर चुनौतीपूर्ण था और खिलाड़ियों ने मैदान पर मेहनत करके इसे हासिल किया।
पाकिस्तान के खिलाफ 19 रन की जीत और गोल्ड मेडल ने भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के एशियाई खेलों के अभियान को यादगार बना दिया। अब इस जीत को सिर्फ पदक के तौर पर नहीं, बल्कि दबाव में भारतीय खिलाड़ियों के संयम, अनुभव और टीम भावना के उदाहरण के रूप में भी देखा जाएगा।
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