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कुसल मेंडिस बने श्रीलंका के नए टेस्ट कप्तान

Ashish verma
8 Oct 2026 6:30 PM IST
कुसल मेंडिस बने श्रीलंका के नए टेस्ट कप्तान
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स्पोर्ट्स। श्रीलंका क्रिकेट टीम में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज कुसल मेंडिस को श्रीलंका की टेस्ट टीम का नया कप्तान नियुक्त किया गया है। वह धनंजय डी सिल्वा की जगह यह जिम्मेदारी संभालेंगे। श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को आधिकारिक रूप से इसकी घोषणा की। धनंजय डी सिल्वा ने तत्काल प्रभाव से टेस्ट कप्तानी छोड़ने का फैसला किया है। इसके बाद चयन समिति ने कुसल मेंडिस को टीम की कमान सौंपने का निर्णय लिया। अब पाकिस्तान के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज में मेंडिस पहली बार श्रीलंका की टेस्ट टीम की कप्तानी करते नजर आएंगे।
श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने किया बड़ा ऐलान
श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने अपने आधिकारिक बयान में बताया कि कुसल मेंडिस को राष्ट्रीय पुरुष टेस्ट टीम का नया कप्तान नियुक्त किया गया है। यह फैसला गुरुवार को बोर्ड मुख्यालय में आयोजित चयन समिति की बैठक में लिया गया।
बोर्ड ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के खिलाफ नवंबर में होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज में मेंडिस पहली बार टेस्ट कप्तान की भूमिका निभाएंगे।इस नियुक्ति के साथ मेंडिस अब श्रीलंका की तीनों प्रारूपों की टीमों के कप्तान बन गए हैं। वह पहले से वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।
धनंजय डी सिल्वा ने क्यों छोड़ी कप्तानी?
धनंजय डी सिल्वा ने खुद टेस्ट कप्तानी छोड़ने का निर्णय लिया है। उन्होंने श्रीलंका क्रिकेट की चयन समिति को लिखे पत्र में कहा कि उनकी राय में अब नेतृत्व की जिम्मेदारी अगली पीढ़ी को सौंपने का समय आ गया है।
डी सिल्वा के इस फैसले के बाद श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने उन्हें कप्तान के रूप में दी गई सेवाओं के लिए धन्यवाद दिया।बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एश्ले डी सिल्वा ने उनके नेतृत्व और योगदान की सराहना की। उन्होंने भविष्य में भी टीम के लिए उनके योगदान की उम्मीद जताई।
हालांकि, धनंजय डी सिल्वा ने कप्तानी छोड़ी है, लेकिन वह अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट से संन्यास नहीं ले रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह एक खिलाड़ी के रूप में चयन के लिए उपलब्ध रहेंगे।
18 टेस्ट मैचों में की श्रीलंका की कप्तानी
धनंजय डी सिल्वा ने जनवरी 2024 में श्रीलंका की टेस्ट टीम की कप्तानी संभाली थी। उन्हें दिमुथ करुणारत्ने की जगह यह जिम्मेदारी दी गई थी।उनके नेतृत्व में श्रीलंका ने कुल 18 टेस्ट मैच खेले, जिनमें टीम को सात मुकाबलों में जीत मिली।कप्तान के रूप में डी सिल्वा ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में योगदान दिया। उन्होंने कप्तानी के दौरान 1,130 रन बनाए और नौ विकेट भी हासिल किए।उनका बल्लेबाजी औसत 36.45 रहा। इन आंकड़ों से पता चलता है कि उन्होंने टीम के नेतृत्व के साथ एक ऑलराउंडर के रूप में भी भूमिका निभाई।
कुसल मेंडिस के पास टेस्ट क्रिकेट का लंबा अनुभव
31 वर्षीय कुसल मेंडिस श्रीलंका के अनुभवी बल्लेबाजों में शामिल हैं। उन्होंने अब तक 75 टेस्ट मैचों में 4,836 रन बनाए हैं।इस दौरान उनका बल्लेबाजी औसत 36.36 रहा है। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 10 शतक और 23 अर्धशतक दर्ज हैं।मेंडिस लंबे समय से श्रीलंका की बल्लेबाजी का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। उन्होंने कई मौकों पर टीम के लिए उपयोगी पारियां खेली हैं।
श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के अनुसार, मेंडिस अब तक तीनों प्रारूपों को मिलाकर 343 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।उनके पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का पर्याप्त अनुभव है, हालांकि टेस्ट कप्तान के रूप में यह उनकी पहली जिम्मेदारी होगी।
वनडे और टी20 में पहले से संभाल रहे जिम्मेदारी
कुसल मेंडिस के लिए कप्तानी की भूमिका नई नहीं है। वह इससे पहले श्रीलंका की वनडे और टी20 टीमों का नेतृत्व कर चुके हैं।अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आईसीसी के अनुसार, मेंडिस ने अब तक 22 वनडे और तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में श्रीलंका की कप्तानी की है।हालांकि, उन्होंने अभी तक किसी टेस्ट मुकाबले में राष्ट्रीय टीम का नेतृत्व नहीं किया है।
सीमित ओवरों के क्रिकेट में कप्तानी का अनुभव उन्हें टेस्ट प्रारूप में मदद कर सकता है। लेकिन पांच दिन के मुकाबले में गेंदबाजों का इस्तेमाल, फील्डिंग सजाना और परिस्थितियों के अनुसार फैसले लेना उनके लिए महत्वपूर्ण चुनौती होगी।
पाकिस्तान के खिलाफ होगी पहली परीक्षा
कुसल मेंडिस की टेस्ट कप्तानी का पहला मुकाबला पाकिस्तान के खिलाफ होगा। श्रीलंका की टीम नवंबर में दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए पाकिस्तान का दौरा करेगी।आईसीसी द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, पहला टेस्ट मुकाबला 9 से 13 नवंबर तक रावलपिंडी में खेला जाएगा।इसके बाद दूसरा टेस्ट 17 से 21 नवंबर तक लाहौर में आयोजित होना निर्धारित है।
यह सीरीज आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 का हिस्सा होगी।पाकिस्तान की परिस्थितियों में श्रीलंका के बल्लेबाजों और गेंदबाजों के प्रदर्शन के साथ नए कप्तान की रणनीति पर भी विशेष नजर रहेगी।
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में सुधार की चुनौती
श्रीलंका के लिए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में बेहतर प्रदर्शन करना महत्वपूर्ण होगा। टीम को हाल के मुकाबलों में अपेक्षित सफलता नहीं मिली है।वर्तमान विश्व टेस्ट चैंपियनशिप अंक तालिका में श्रीलंका सातवें स्थान पर है। ऐसे में पाकिस्तान के खिलाफ आगामी सीरीज टीम के लिए अहम साबित हो सकती है।
कुसल मेंडिस के सामने बल्लेबाजी को मजबूती देने, गेंदबाजी आक्रमण का बेहतर इस्तेमाल करने और टीम के प्रदर्शन में निरंतरता लाने की चुनौती होगी।इसके अलावा कप्तानी संभालने के बाद उन्हें अपने व्यक्तिगत बल्लेबाजी प्रदर्शन पर भी ध्यान देना होगा।
तीनों प्रारूपों की कप्तानी से बढ़ी जिम्मेदारी
श्रीलंका की टेस्ट टीम की कप्तानी मिलने के बाद कुसल मेंडिस के कंधों पर जिम्मेदारी और बढ़ गई है।अब उन्हें वनडे, टी20 और टेस्ट क्रिकेट में टीम का नेतृत्व करना होगा। तीनों प्रारूपों में खेल की रणनीति और परिस्थितियां अलग होती हैं।
टेस्ट क्रिकेट में धैर्य, लंबी साझेदारियां और गेंदबाजों का योजनाबद्ध इस्तेमाल महत्वपूर्ण होता है, जबकि सीमित ओवरों के मुकाबलों में तेज फैसले और आक्रामक रणनीति की आवश्यकता अधिक रहती है।ऐसे में मेंडिस के लिए तीनों प्रारूपों के बीच तालमेल बनाए रखना जरूरी होगा।
कप्तानी छोड़ने के बाद भी टीम में रहेंगे डी सिल्वा
धनंजय डी सिल्वा का कप्तानी छोड़ने का फैसला उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का अंत नहीं है।वह आगे भी श्रीलंका के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलने को उपलब्ध रहेंगे। उनके अनुभव का फायदा नए कप्तान और टीम के अन्य खिलाड़ियों को मिल सकता है।
डी सिल्वा ने अपने फैसले के माध्यम से युवा नेतृत्व को अवसर देने की इच्छा जताई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि श्रीलंका क्रिकेट इस बदलाव के बाद किस तरह अपना प्रदर्शन बेहतर बनाता है।
कुल मिलाकर, कुसल मेंडिस की नियुक्ति श्रीलंका टेस्ट क्रिकेट में नेतृत्व परिवर्तन का महत्वपूर्ण कदम है। धनंजय डी सिल्वा की जगह जिम्मेदारी संभालने वाले मेंडिस की पहली परीक्षा नवंबर में पाकिस्तान के खिलाफ होगी। टीम को उनसे बेहतर नेतृत्व और बल्लेबाजी में महत्वपूर्ण योगदान की उम्मीद रहेगी।
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