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- Science: पत्थर ही नहीं...

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Science: उत्तरी ज़ाम्बिया में कलाम्बो फॉल्स के पास, वैज्ञानिकों ने कुछ ऐसा खोजा है जिसने इतिहास के बारे में हमारी समझ को बदल दिया है। उन्हें ज़मीन के नीचे दबी हुई एक लकड़ी की संरचना मिली है जो लगभग 476,000 साल पुरानी है। यह लकड़ी की संरचना तब बनाई गई थी जब आधुनिक इंसान (होमो सेपियन्स) मौजूद भी नहीं थे। शुरुआती इंसानों ने लकड़ी को उसी तरह से काटा और जोड़ा था जैसे हम आज फर्नीचर या घर बनाते हैं। पहले यह माना जाता था कि उस समय के लोग सिर्फ़ पत्थर के औजार बनाना जानते थे, लेकिन इस खोज से साबित होता है कि वे कुशल बढ़ई भी थे।
यह खोज दिखाती है कि लाखों साल पहले, इंसान सिर्फ़ गुफाओं में नहीं छिपे रहते थे, बल्कि अपनी ज़रूरतों को पूरा करने और अपने आस-पास के माहौल को बदलने के लिए चीज़ें बनाने में सक्षम थे। प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पत्रिका नेचर में छपी स्टडी के अनुसार, यह खोज बताती है कि हमारे पूर्वज बहुत बुद्धिमान थे और उन्होंने मुश्किल कामों को पूरा करने के लिए मिलकर काम करना सीख लिया था।
इन संरचनाओं में क्या खास है?
इन लट्ठों को सिर्फ़ काटा नहीं गया था, बल्कि उन्हें एक खास तरीके से आकार दिया गया था ताकि उन्हें एक साथ जोड़ा जा सके, ठीक वैसे ही जैसे हम आज फर्नीचर बनाने के लिए लकड़ी के टुकड़ों को जोड़ते हैं। लकड़ी पर नुकीले पत्थर के औजारों के निशान मिले हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस तरह से भारी लट्ठों को जोड़ना शुरुआती इंजीनियरिंग का एक उदाहरण है।
इस खोज से क्या पता चला है?
इस खोज ने वैज्ञानिकों को इस विचार पर फिर से सोचने पर मजबूर कर दिया है कि हमारे पूर्वज सिर्फ़ ज़िंदा रहने और जंगली जानवरों से बचने के लिए संघर्ष कर रहे थे; वे सक्रिय रूप से अपनी दुनिया को भी आकार दे रहे थे। वहाँ मिले औजार और लकड़ी के काम से पता चलता है कि इन लोगों ने बहुत कुशलता से काम किया था। यह खोज बताती है कि हमारे प्राचीन पूर्वज बहुत बुद्धिमान थे।
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