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धर्म-अध्यात्म
Vinayak Chaturthi 2025: कब है विनायक चतुर्थी,जानें तिथि, शुभ मुहूर्त
Sarita
19 Nov 2025 12:44 PM IST

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Vinayak Chaturthi 2025: हिंदू धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य देवता माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले उनकी पूजा अनिवार्य मानी जाती है। हर महीने में दो चतुर्थी तिथियाँ होती हैं - कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहा जाता है। मार्गशीर्ष (अगहन) माह की विनायक चतुर्थी का विशेष महत्व है। अगर आप इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि विनायक चतुर्थी 24 नवंबर को है या 25 नवंबर को, तो पंचांग के अनुसार इसकी सही तिथि और महत्व के बारे में विस्तार से जानें।
विनायक चतुर्थी शुभ मुहूर्त और तिथि:
चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 24 नवंबर 2025, सोमवार - प्रातः 11:04 बजे
चतुर्थी तिथि समाप्त: 25 नवंबर 2025, मंगलवार - दोपहर 1:11 बजे
पूजा का शुभ मुहूर्त: 24 नवंबर 2025, सोमवार - प्रातः 11:04 बजे से दोपहर 1:11 बजे तक
कुल अवधि: 2 घंटे 7 मिनट
चूँकि भगवान गणेश की पूजा मध्याह्न काल में की जाती है, इसलिए उदया तिथि और शुभ मुहूर्त को ध्यान में रखते हुए, विनायक चतुर्थी का व्रत और पूजा सोमवार, 24 नवंबर 2025 को करना सबसे शुभ रहेगा।
विनायक चतुर्थी पूजा विधि:
प्रातः स्नान: सुबह जल्दी उठें, स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। व्रत रखने का संकल्प लें।
पूजा की तैयारी: पूजा स्थल को साफ़ करें और एक पाटे पर भगवान गणेश की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
अभिषेक और वस्त्र: गणेश जी का गंगाजल से अभिषेक करें और उन्हें नए या साफ़ वस्त्र पहनाएँ।
नैवेद्य: उन्हें सिंदूर, चावल, रोली, फूल, माला और दूर्वा घास की 21 गांठें अर्पित करें। दूर्वा घास गणेश जी को बहुत प्रिय है।
भोग: गणेश जी को मोदक या लड्डू का भोग लगाएँ। यह भोग पूजा का एक अनिवार्य हिस्सा है।
कथा और आरती: विनायक चतुर्थी व्रत की कथा पढ़ें या सुनें। इसके बाद धूप जलाएँ और गणेश जी की आरती करें।
चंद्रमा से बचें: इस दिन शाम के समय चंद्रमा को नहीं देखना चाहिए।
दान: विनायक चतुर्थी पर दान करना भी बहुत शुभ माना जाता है। आप गरीबों और ज़रूरतमंदों को अनाज, कपड़े या दक्षिणा दान कर सकते हैं।
विनायक चतुर्थी का महत्व, यह व्रत क्यों रखा जाता है?
भगवान गणेश को बुद्धि, ज्ञान और सभी विघ्नों के निवारणकर्ता के रूप में पूजा जाता है। विनायक चतुर्थी व्रत का विशेष महत्व है। इस दिन भगवान गणेश का व्रत और पूजन करने से जीवन की सभी बाधाएँ, कष्ट और समस्याएँ दूर होती हैं। गणेश जी को "विघ्नहर्ता" भी कहा जाता है।
ऐसा माना जाता है कि जो भक्त सच्ची श्रद्धा से इस व्रत का पालन करते हैं, उनके घर में सुख, समृद्धि और खुशहाली आती है। गणेश जी को बुद्धि का देवता भी माना जाता है। यह व्रत विद्यार्थियों और ज्ञान प्राप्ति के इच्छुक लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी है। इस दिन व्रत, पूजन और दूर्वा अर्पित करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएँ पूरी होती हैं।
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