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धर्म-अध्यात्म
Surya Grahan 2025: सूर्य ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं बरतें ये सावधानियां और अपनाएं ये उपाय
Sarita
20 Sept 2025 7:04 AM IST

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Surya Grahan 2025: हिंदू मान्यताओं के अनुसार सूर्य ग्रहण के समय वातावरण में नकारात्मक ऊर्जाओं का प्रभाव अधिक होता है। माना जाता है कि इसका असर सभी पर पड़ता है, लेकिन गर्भवती महिलाओं के लिए यह समय विशेष रूप से संवेदनशील होता है। यही कारण है कि ज्योतिष और धार्मिक दृष्टि से उन्हें ग्रहण के दौरान कुछ खास नियमों और सावधानियों का पालन करने की सलाह दी जाती है। इस वर्ष का अंतिम सूर्य ग्रहण 21 सितंबर 2025 को लगने वाला है। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस समय गर्भवती महिलाओं को किन कार्यों से बचना चाहिए और किन उपायों से शुभ फल प्राप्त हो सकते हैं।
गर्भवती महिलाओं को किन चीजों से बचना चाहिए:
ग्रहण लगने से लगभग 12 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। इस दौरान गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर निकलने से परहेज करना चाहिए।
इस अवधि में नुकीली वस्तुओं जैसे चाकू, कैंची या सुई का उपयोग वर्जित माना गया है। इनका इस्तेमाल गर्भवती महिला और गर्भस्थ शिशु पर नकारात्मक असर डाल सकता है।
रसोई से जुड़े कामों को भी टालना चाहिए और कोशिश करनी चाहिए कि अधिकतर समय आराम करने में बिताएं।
घर की खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें ताकि सूर्य की किरणें सीधे शरीर पर न पड़ें। मान्यता है कि ग्रहण काल में यह किरणें गर्भवती महिलाओं के लिए हानिकारक हो सकती हैं।
इस समय क्रोध, वाद-विवाद या किसी के प्रति नकारात्मक विचार मन में लाना भी उचित नहीं है, क्योंकि इसका बुरा असर गर्भ में पल रहे शिशु पर पड़ सकता है।
बाल और नाखून काटने से बचना चाहिए और नकारात्मक वातावरण वाले स्थानों से दूरी बनानी चाहिए।
ग्रहण के दिन क्या करना चाहिए:
सूर्य ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को सकारात्मक गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
भगवान का ध्यान करें और धार्मिक ग्रंथों का पाठ करें।
मंत्रजप जैसे गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र या भगवान विष्णु के नामों का स्मरण करना शुभ माना गया है।
ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। यह प्रक्रिया नकारात्मकता को दूर करने में सहायक मानी जाती है।
विष्णु सहस्त्रनाम और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं और उनके गर्भस्थ शिशु दोनों के लिए मंगलकारी माना जाता है।
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