धर्म-अध्यात्म

धर्म: पैरों में सोना पहनने पर धार्मिक चेतावनी, लक्ष्मी–गुरु दोनों हो सकते हैं कमजोर

Sarita
30 Nov 2025 8:17 AM IST
धर्म: पैरों में सोना पहनने पर धार्मिक चेतावनी, लक्ष्मी–गुरु दोनों हो सकते हैं कमजोर
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धर्म: महिलाओं में सोने के आभूषणों का क्रेज सदियों पुराना है, लेकिन पैरों में सोना पहनने की परंपरा अब भी आम नहीं है। ज्योतिष, धर्म और पारंपरिक मान्यताओं के आधार पर इसे कमर के नीचे सोना धारण न करने के नियम से जोड़ा जाता है।
हिंदू धर्म में सोना माता लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है, जिसे सम्मान और समृद्धि से जोड़ा जाता है। चूंकि पैर शरीर का सबसे निचला हिस्सा होते हैं और गंदगी से भी सीधे जुड़े रहते हैं, ऐसे में पैरों में सोने के गहने पहनना देवी लक्ष्मी का अनादर माना जाता है। धार्मिक ग्रंथों और मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करने से माता लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं, जिसका असर व्यक्ति की आर्थिक स्थिति और गृह–सुख पर पड़ सकता है।
ज्योतिषशास्त्र में सोने का संबंध देवगुरु बृहस्पति (गुरु ग्रह) से बताया गया है। मान्यता है कि सोना धारण करने से गुरु ग्रह की स्थिति मजबूत होती है, लेकिन सोने की पायल या बिछिया पैरों में पहनना कुंडली में गुरु को कमजोर कर सकता है। गुरु की स्थिति कमजोर होने पर घर में सुख–समृद्धि की कमी, वैवाहिक जीवन में तनाव, और मानसिक अस्थिरता जैसी चुनौतियां सामने आ सकती हैं—ऐसा ज्योतिषाचार्यों का कहना है।
हालांकि, इन दावों की पुष्टि केवल धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है। टीवी9 भारतवर्ष ने स्पष्ट किया है कि यह जानकारी सामान्य मान्यताओं पर आधारित है, और आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं की जाती।
धार्मिक परंपरा में जहां चांदी को कमर के नीचे पहनना शुभ माना गया है, वहीं सोना कमर से ऊपर पहनने का ही नियम प्रचलित रहा है। यही कारण है कि महिलाएं पायल और बिछिया में चांदी को ही प्राथमिकता देती हैं।
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