- Home
- /
- अन्य खबरें
- /
- धर्म-अध्यात्म
- /
- Pradosh Vrat 2025:...
धर्म-अध्यात्म
Pradosh Vrat 2025: मंगला गौरी व्रत को मिला भौम प्रदोष का साथ इस विधि से रखें व्रत, सुधरेगा दांपत्य जीवन
Sarita
20 July 2025 10:31 AM IST

x
Pradosh Vrat 2025: हिंदू धर्म में सावन सावन के प्रदोष व्रत को बेहद खास माना गया है. पूरे साल के ही प्रदोष व्रत को भगवान शिव के खास व्रत में गिना जाता है लेकिन सावन के प्रदोष का महत्व कई गुना बढ़ जाता है क्योंकि यही वह महीना है जब प्रदोष व्रत की शुरुआत हुई थी|
साथ ही सावन के महीने में माता पार्वती के निमित्त रखे जाने वाले व्रत को मंगला गौरी व्रत गया जाता है. इस व्रत को मंगलवार को रखा जाता है. माना जाता है कि इससे मां पार्वती की कृपा प्राप्त होती है. वहीं मंगलवार को पड़ने वाले प्रदोष व्रत को भौम प्रदोष कहा जाता है. माना जाता है कि इससे मंगल के दोषों का भी निवारण होता है|
तीन शुभ संयोग एक साथ:
अब यह तीनों संयोग एक ही दिन 22 जुलाई को बनने जा रहे हैं, इस दिन मंगला गौरी व्रत और प्रदोष एक साथ हैं ऐसे में शिव और पार्वती से आशीर्वाद पाने का इससे खास और शुभ मौका और नहीं हो सकता|
गौरीशंकर बरसायेंगे कृपा:
ज्योतिषाचार्य की मान्यता है इन तीन शुभ संयोगों से ये दिन अत्यंत प्रभावशाली हो गया है. इस दिन के व्रत पूजन से आप माता पार्वती और भगवान शिव की कृपा तो प्राप्त कर ही सकते हैं, साथ ही अपने मंगल दोष का भी निवारण कर सकते हैं|
सुखमय दांपत्य जीवन का मिलेगा वरदान:
यह दिन दांपत्य जीवन के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकता है जिसके भी दान दांपत्य जीवन में परेशानियां आ रही है वह इस दिन के व्रत करने से पीछे ना हटें. प्रदोष में शिव के साथ माता पार्वती की पूजा से आप अखंड सौभाग्य की प्राप्ति कर सकते है. प्रदोष में शिव के साथ माता पार्वती की पूजा की तो आपके सुख सौभाग्य की वृद्धि होती है. इस विधि से कर सकते हैं आप माता पार्वती और शिव को प्रसन्न|
माता को चढ़ाये 16 श्रृंगार:
अगर विवाहित महिलाएं इस व्रत के दिन देवी पार्वती और महादेव की विधिवत पूजा करती हैं तो उनका दाम्पत्य जीवन सुखमय रहता है. प्रदोष व्रत के दिन माता पार्वती की पूजा करके 16 श्रृंगार अर्पित करें. लाल चुनरी माता को जरूर पहनायें. याद रहे ये सामान ऐसा होना चाहिए जो आप इस्तेमाल कर सको.किसी भी पूजा में ऐसा सामान ना चढ़ाएं जो इस्तेमाल के लायक ना हो|
भगवान शिव को ये चढ़ाएं:
भगवान शिव को उनकी पंसदीदा चीजें चढ़ाए जैसे भांग, धतूरा, बेलपत्र, कनेर के फूल, मदार,सफेद वस्त्र इत्यादि|
गोधूलि बेला में करें पूजा:
प्रदोष व्रत के दिन शाम के समय पूजा का विधान है ऐसा करने से कई लाभ मिलते हैं.ऐसा करने से गौरीशंकर का आर्शीवाद मिलता है|
लगायें ये भोग:
इस दिन गौरीशंकर को सफेद चीजों का भोग लगायें लेकिन भूल से भी किसी नमकीन चीज का भोग ना लगायें. इस दिन भगवान को दही का भोग लगाना सबसे उत्तम होता है|
कैसे करें व्रत का पारण:
इस दिन पूजा के पश्चात भगवान को भोग अर्पित करने के बाद है आप भी व्रत का पारण करें. इस व्रत में मीठा खाना ही ग्रहण करना है वो सफेद हो तो और अच्छा लेकिन इस दिन नमक खाना वर्जित है|
प्रदोष व्रत के दिन इस प्रकार पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. परिवार में सुख-समृद्धि आती है वहीं संतान भी उत्तम होती है|
TagsPradosh Vratमंगला गौरी व्रतभौम प्रदोषविधिव्रतसुधरेगादांपत्यजीवनPradosh VratMangala Gauri VratBhaum Pradoshmethodfastwill improvemarriedlife जनता से रिश्तान्यूज़जनता से रिश्ताजनता से रिश्ता.कॉमआज की ताजा न्यूज़हिंन्दीन्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJANTA SE RISHTANEWSJANTA SE RISHTATODAY'S LATEST NEWSHINDINEWSINDIA NEWSKHABRON KA SILSILATODAY'S BREAKINGNEWSTODAY'S BIG NEWSMID DAY NEWSPAPERजनताJANTASAMACHARNEWSSAMACHARहिंन्दी समाचार
Next Story





