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धर्म-अध्यात्म
Pitru Paksha 2025: जानिए धार्मिक कारण, पितृ पक्ष में मांसाहार क्यों नहीं खाना चाहिए
Sarita
4 Sept 2025 6:35 AM IST

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Pitru Paksha 2025:पितृ पक्ष के 15 दिनों में पितरों का पिंडदान, तर्पण और श्राद्ध किया जाता है। इस बार पितृ पक्ष 7 सितंबर से शुरू हो रहा है, जो 21 सितंबर को समाप्त होगा। श्राद्ध पक्ष पितरों के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है और इस दौरान कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य नहीं किया जाता है। इसके अलावा, पितृ पक्ष के दौरान खाने-पीने को लेकर भी कई नियम बताए गए हैं। धार्मिक मान्यता है कि अगर पितृ पक्ष में इन नियमों का पालन नहीं किया जाता है, तो पितृ नाराज हो जाते हैं, जिससे पितृ दोष लग सकता है।
क्या श्राद्ध में मांसाहार खाना वर्जित है?
पितृ पक्ष में मांसाहार खाना भी पूरी तरह वर्जित है। श्राद्ध के दौरान मांस, मछली, अंडा जैसी किसी भी तामसिक चीज का सेवन वर्जित है। अब आप सोच रहे होंगे कि ऐसा क्यों है? इस लेख में हम आपको बताएंगे कि पितृ पक्ष के दौरान मांसाहार क्यों नहीं खाना चाहिए।
पितृ पक्ष में मांसाहार क्यों नहीं खाना चाहिए?
श्राद्ध के दौरान मांसाहारी भोजन नहीं करना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह काल आध्यात्मिक शुद्धि का काल माना जाता है और मांस, मछली और मदिरा जैसे तामसिक भोजन का सेवन वर्जित है। ऐसा माना जाता है कि ऐसा करने से पूर्वज नाराज़ हो सकते हैं और जीवन में नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं, इसलिए इस दौरान शाकाहारी और सात्विक भोजन का सेवन करना चाहिए।
पितृ दोष लग सकता है:
गया सहित पूरे भारत में पितृ पक्ष के दौरान मांसाहारी और तामसिक भोजन (जैसे प्याज, लहसुन, मदिरा आदि) नहीं खाया जाता है। यह परंपरा पूर्वजों के प्रति सम्मान और आत्मा की शांति के लिए अपनाई जाती है, क्योंकि तामसिक भोजन करने से पूर्वजों की आत्मा नाराज़ हो सकती है। यह भी माना जाता है कि पितृ पक्ष के दौरान मांसाहारी भोजन करने से पितृ दोष लग सकता है, जिसके कारण जीवन में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
तामसिक भोजन: - मांस, मछली और अंडे तामसिक प्रकृति के माने जाते हैं, इसलिए पितृ पक्ष के दौरान तामसिक भोजन से बचना चाहिए।
आध्यात्मिक वातावरण:- मांसाहारी भोजन आध्यात्मिक वातावरण को बिगाड़ता है, इसलिए शुद्धता बनाए रखने के लिए शाकाहारी भोजन करना चाहिए।
पितृ-सम्मान:- पितृ पक्ष की यह अवधि पितरों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का समय है और मांसाहारी भोजन से परहेज इसी सम्मान का प्रतीक माना जाता है।
पितृ-पक्ष के दौरान मांस, मछली, अंडा, प्याज, लहसुन और शराब का सेवन भी पूरी तरह वर्जित है। इसके अलावा, मसूर, चना और अधिक मसालेदार भोजन से भी पितृ-पक्ष के दौरान बचना चाहिए।
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