धर्म-अध्यात्म

Pithori Amavasya 2025: पिठोरी अमावस्या पर जरूर पढ़ें ये कथा, आपकी संतान होगी लंबी आयु

Sarita
23 Aug 2025 6:47 AM IST
Pithori Amavasya 2025: पिठोरी अमावस्या पर जरूर पढ़ें ये कथा, आपकी संतान होगी लंबी आयु
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Pithori Amavasya 2025: हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि को विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व प्राप्त है। खासतौर पर भाद्रपद माह की अमावस्या को पिठोरी अमावस्या के रूप में मनाया जाता है। यह दिन माताओं द्वारा अपने बच्चों की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और सुरक्षा के लिए व्रत रखने के लिए समर्पित होता है। वर्ष 2025 में यह व्रत 23 अगस्त, शनिवार को मनाया जा रहा है।पिठोरी अमावस्या के दिन महिलाएं मां दुर्गा की आराधना करती हैं और आटे से 64 योगिनियों के प्रतीक रूप में पिंड बनाकर विधिवत पूजा करती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत से मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं। इस अवसर पर व्रत कथा सुनने और पूजा विधि का विशेष महत्व होता है।
पिठोरी अमावस्या की कथा:
पिठोरी अमावस्या से जुड़ी एक रोचक और पौराणिक कथा प्रचलित है। कहा जाता है कि प्राचीन समय में एक गांव में सात भाई रहते थे। उनकी पत्नियां हर साल श्रद्धा भाव से पिठोरी अमावस्या का व्रत करती थीं।
पहले वर्ष जब सबसे बड़े भाई की पत्नी ने यह व्रत रखा, तो उसके बेटे की मृत्यु हो गई। अगले साल फिर व्रत रखा गया, लेकिन फिर किसी न किसी बेटे की मौत हो जाती। ऐसा लगातार सात वर्षों तक होता रहा। सातवें साल जब फिर बेटे की मृत्यु हुई, तो दुखी मां ने उसका शव छुपा दिया और गांव की कुलदेवी मां पोलेरम्मा के पास गई।
मां पोलेरम्मा ने जब उसकी व्यथा सुनी तो उसे हल्दी लेकर उन स्थानों पर छिड़कने को कहा जहां उसके बेटों का अंतिम संस्कार हुआ था। महिला ने वैसा ही किया। जब वह घर लौटी तो देखा कि उसके सातों बेटे जीवित हो गए हैं। इस चमत्कार को देखकर गांव की सभी महिलाएं श्रद्धा से भर उठीं और तभी से संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए पिठोरी अमावस्या का व्रत करने की परंपरा शुरू हो गई|
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