धर्म-अध्यात्म

Mahashivratri 2025: महाशिवरात्रि के दिन कुंवारी कन्याएं ऐसे करें महादेव की पूजा

Sarita
20 Feb 2025 12:30 PM IST
Mahashivratri 2025: महाशिवरात्रि के दिन कुंवारी कन्याएं ऐसे करें  महादेव की पूजा
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Mahashivratri 2025: यह दिन शिव और शक्ति के मिलन को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के दिन महादेव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था। महाशिवरात्रि के दिन देश के अलग-अलग जगहों पर भव्य शिव बारात निकाली जाती है। वहीं शिव मंदिरों में भी खास पूजा-अर्चना की जाती है। महाशिवरात्रि का व्रत करने से जातकों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। तो आइए अब जानते हैं कि कुंवारी कन्याओं के महाशिवरात्रि की पूजा किसी विधि के साथ करनी चाहिए।
महाशिवरात्रि का व्रत करने से मिलता है मनचाहा जीवनसाथी:
भगवान भोले भंडारी अत्यंत दयालु माने जाते हैं वो अपने भक्तों की सभी इच्छा को पूरी करते हैं। हर युवती चाहती हैं कि उसे भगवान शिव जैसा पति मिले। धार्मिक मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन जो भी कुंवारी कन्याएं व्रत कर शिव-पार्वती की विधिपूर्वक पूजा करती हैं उसे मनचाहा जीवनसाथी की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही उसे सुखी दांपत्य जीवन का आशीर्वाद मिलता है। वहीं जिनके विवाह में बाधाएं आ रही हैं वे भी महाशिवरात्रि का व्रत और पूजा अवश्य करें। ऐसा करने से उस जातक का शीघ्र विवाह का योग बनेगा। बता दें कि इस साल महाशिवरात्रि का त्यौहार 26 फरवरी 2025 को मनाया जाएगा।
महाशिवरात्रि के दिन प्रात:काल स्नान कर साफ-सुथरा कपड़ा पहन लें। इस दिन काला और ग्रे रंग का कपड़ा न पहनें।
इसके बाद मंदिर या पूजा घर को साफ कर गंगाजल छिड़कर शुद्ध कर लें।
अब शिवलिंग का गंगाजल, दूध, दही, शहद और शुद्ध जल से अभिषेक करें।
साथ ही शिवलिंग पर फूल, बेलपत्र और धतूरा अर्पित करें। शिवलिंग के पास धूप-दीप जलाएं।
महादेव को मिश्री, खीर, मिठाई और बेर का भोग लगाएं।
माता पार्वती की सुहाग की सामग्री अर्पित करें।
शिव चालीसा का पाठ करें और भगवान शिव के मंत्रों का भी जाप करें।
महाशिवरात्रि के व्रत का पारण दूसरे दिन सूर्योदय के बाद करें और इस दिन नमक, अन्न का सेवन न करें।
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