धर्म-अध्यात्म

Kalashtami 2025: कालाष्टमी के दिन काल भैरव को अर्पित करें ये चीजें, जल्द पूरी होगी मनोकामना

Sarita
17 Feb 2025 9:20 AM IST
Kalashtami 2025: कालाष्टमी के दिन काल भैरव को अर्पित करें ये चीजें, जल्द पूरी होगी मनोकामना
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Kalashtami 2025: कालाष्टमी हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण पर्व है जो हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है. यह दिन भगवान भैरव को समर्पित है, जो भगवान शिव के उग्र रूप माने जाते हैं. कालाष्टमी के दिन भगवान भैरव की पूजा करने से सभी प्रकार के भय और संकट दूर होते हैं. मान्यता है कि भगवान भैरव अपने भक्तों की रक्षा करते हैं और उन्हें नकारात्मक शक्तियों से बचाते हैं. कालाष्टमी के दिन भगवान भैरव की पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं. जो लोग सच्चे मन से भगवान भैरव की पूजा करते हैं, उनकी सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं|
कालाष्टमी का महत्व-
ऐसी मान्यता है कि कालाष्टमी के दिन भगवान भैरव की पूजा करने से जीवन में समृद्धि और सफलता आती है. भगवान भैरव को धन और ऐश्वर्य का देवता भी माना जाता है. कालाष्टमी के दिन भगवान भैरव की पूजा करने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है. यह दिन बुरी शक्तियों को दूर करने और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने के लिए बहुत शुभ माना जाता है. भगवान भैरव की पूजा करने से आध्यात्मिक विकास होता है. यह दिन आत्मा को शुद्ध करने और मोक्ष की प्राप्ति के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है|
पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 20 फरवरी दिन गुरुवार को सुबह 03 बजकर 30 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन 21 फरवरी दिन शुक्रवार को सुबह 01 बजकर 45 मिनट पर समाप्त होगी. उदया तिथि के अनुसार कालाष्टमी की पूजा 20 फरवरी को करना शुभ रहेगा|
कालाष्टमी की पूजा विधि-
कालाष्टमी के दिन सुबह उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें.
भगवान भैरव की प्रतिमा को एक चौकी पर स्थापित करें.
भगवान भैरव को धूप, दीप, नैवेद्य आदि अर्पित करें.
कालाष्टमी की व्रत कथा सुनें-
दिन भर व्रत रखें और भगवान भैरव का ध्यान करें.
शाम को चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रत का पारण करें.
व्रत पारण के लिए सबसे पहले भगवान भैरव को मोदक का भोग लगाएं.
इसके बाद आप फल, मिठाई और अन्य सात्विक भोजन ग्रहण कर सकते हैं.
इस दिन गरीबों और जरूरतमंदों को दान देना शुभ माना जाता है.
काल भैरव को अर्पित करें ये चीजें
कालाष्टमी के दिन काल भैरव की पूजा का विशेष महत्व है. इस दिन काल भैरव को कुछ विशेष चीजें अर्पित करने से मनोकामनाएं जल्द पूरी होती हैं. यहां कुछ चीजें बताई गई हैं जिन्हें आप कालाष्टमी के दिन काल भैरव को अर्पित कर सकते हैं|
काला तिल: कालाष्टमी के दिन काल भैरव को काले तिल अर्पित करना बहुत शुभ माना जाता है. इससे पितृ दोष शांत होता है और राहु-केतु के दोष भी दूर होते हैं.
उड़द की दाल: उड़द की दाल से बनी चीजें जैसे कि पकौड़े, बड़े आदि काल भैरव को अर्पित करने से शनि के दोष शांत होते हैं.
सरसों का तेल: कालाष्टमी के दिन काल भैरव को सरसों का तेल अर्पित करना चाहिए. इससे रोगों से मुक्ति मिलती है और स्वास्थ्य अच्छा रहता है.
भैरव अष्टमी: इस दिन काल भैरव को आठ प्रकार के फल अर्पित करने से अष्टलक्ष्मी की प्राप्ति होती है.
काले वस्त्र: काल भैरव को काले वस्त्र अर्पित करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सुरक्षा मिलती है.
पंच मेवा: काल भैरव को पंच मेवा अर्पित करने से धन और समृद्धि में वृद्धि होती है.
मदिरा: कुछ लोग कालाष्टमी के दिन काल भैरव को मदिरा भी अर्पित करते हैं.
कुत्ते को भोजन: कालाष्टमी के दिन काले कुत्ते को भोजन कराना बहुत शुभ माना जाता है. इससे काल भैरव प्रसन्न होते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
कालाष्टमी के दिन काल भैरव को ये चीजें अर्पित करने से आपके जीवन में आने वाली सभी बाधाएं दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं|
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