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धर्म-अध्यात्म
Holi 2025: होली के अवसर पर क्यों गाए जाते हैं फगुआ गीत, क्या है परंपरा
Sarita
5 March 2025 9:40 AM IST

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Holi 2025: हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहार होली का बहुत महत्व है। होली का त्योहार हर साल फाल्गुन मास की पूर्णिमा के दिन बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। होली का त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत और वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक भी माना जाता है। होली के अवसर पर फगुआ गीत गाने की परंपरा सदियों पुरानी है। फगुआ शब्द 'फाल्गुन' का एक रूप है। होली का त्योहार फाल्गुन माह में आता है, इसलिए इस दौरान गाए जाने वाले गीतों को फगुआ कहा जाता है।
फाल्गुन माह में प्रकृति में नए रंग खिलते हैं और हर तरफ उत्साह और उमंग का माहौल होता है। फगुआ गीत प्रकृति के इस त्योहार को मनाने का एक तरीका है। होली का त्योहार प्रेम और सौहार्द का प्रतीक है। फगुआ गीत इन भावनाओं को व्यक्त करने का एक माध्यम हैं। इन गीतों में राधा-कृष्ण के प्रेम, हंसी-मजाक और सामाजिक संदेशों का वर्णन किया जाता है। इस साल होली का त्योहार 14 मार्च को धूमधाम से मनाया जाएगा।
फगुआ गीत हमारी सांस्कृतिक परंपरा का अहम हिस्सा हैं। ये गीत पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ते हैं और हमारी संस्कृति को जीवित रखते हैं। फगुआ गीत सामूहिक रूप से गाए जाते हैं, जिससे लोगों में एकता और भाईचारे की भावना बढ़ती है। ये गीत होली के त्योहार को और भी रंगीन और मजेदार बना देते हैं। फगुआ गीत मनोरंजन का एक लोकप्रिय माध्यम हैं। इन गीतों में हास्य, चुटकुले और सामाजिक व्यंग्य होते हैं, जो लोगों को हंसाते और गुदगुदाते हैं। इस प्रकार, फगुआ गीत होली के त्योहार का एक अभिन्न अंग हैं और हमारी संस्कृति और परंपरा को दर्शाते हैं।
एकता का प्रतीक है होली का त्योहार
ऐसा माना जाता है कि होली का त्योहार हमें हिरण्यकश्यप की बहन होलिका के दहन की याद दिलाता है। होलिका अपने भाई के आदेश पर प्रह्लाद को जलाने के लिए आग में बैठ गई, लेकिन भगवान विष्णु की कृपा से प्रह्लाद बच गया और होलिका जल गई। यह घटना बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। होली के त्योहार पर गाए जाने वाले फगुआ गीत लोगों को एक-दूसरे के करीब लाते हैं। इस दिन लोग अपने मतभेद भुलाकर एक-दूसरे को रंग लगाते हैं और गले मिलते हैं। यह त्योहार प्रेम और सौहार्द का प्रतीक है।
सामाजिक महत्व
होली के त्यौहार पर हर तरफ उत्साह और उमंग का माहौल रहता है। होली का सामाजिक महत्व भी है। यह एक ऐसा त्यौहार है जब लोग अपने मतभेद भूलकर एक हो जाते हैं। मान्यता है कि अगर इस दिन किसी को लाल रंग का गुलाल लगाया जाए तो सभी तरह के मतभेद और मनमुटाव दूर हो जाते हैं। क्योंकि लाल रंग प्रेम और सौहार्द का प्रतीक है।
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