धर्म-अध्यात्म

Hanuman Ji Bhog: हनुमान जी को लगाएं ये पांच चीजें, मिलेंगे चमत्कारी लाभ

Sarita
26 April 2025 6:57 AM IST
Hanuman Ji Bhog: हनुमान जी को लगाएं ये पांच चीजें, मिलेंगे चमत्कारी लाभ
x
Hanuman Ji Bhog: हमारे देश में हनुमान जी की पूजा अलग-अलग तरीकों से की जाती है. यदि कोई व्यक्ति संकट में होता है तो वह हनुमान जी के नाम का ही स्मरण करता है. मान्यता है कि यदि कोई किसी व्यक्ति को बड़े संकट से मुक्ति पानी होती है तब वह हनुमान जी की पूजा अर्चना करने के साथ इन विशेष चीज को भोग लगाने से हनुमान जी जल्द ही प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति के कष्टों का निवारण करते हैं.
गुड़ चने का प्रसाद
हनुमान जी की पूजा में अक्सर गुड़ चने का प्रसाद चढ़ाया जाता है. यह मंगल का उपाय भी है. हनुमान जी को गुड़ चने का प्रसाद चढ़ाने से मंगल दोष से मुक्ति मिलती है. हर मंगलवार और शनिवार के दिन हनुमान जी को गुड़ चने का भोग लगाने से जीवन की तमाम परेशानियां दूर होती हैं साथ ही खुशियों का संचार बढ़ता है.
नारियल
हिंदू धर्म में पूजा पाठ के दौरान बहुत से देवी देवताओं को नारियल अर्पित किया जाता है. लेकिन सभी देवी देवताओं को नारियल अर्पित करने के नियम अलग-अलग होते हैं. किसी को साबुत नारियल अर्पित किया जाता है तो किसी के सामने नारियल को फोड़ा जाता है. मान्यताओं के अनुसार, हनुमान जी के समक्ष नारियल चढ़ाने से पहले उस पर सिंदूर लगाकर कलावा बांधने के बाद सबूत नारियल को हनुमानजी को अर्पित कर दें. ऐसा करने के व्यक्ति को आर्थिक तंगी और दरिद्रता से छुटकारा मिलता है.
पान का बीड़ा
यदि आपके जीवन में कोई घोर संकट और जोखिम भरा काम है जो आपके बस में ही नहीं है तो आप उस कार्य को पान के साथ हनुमान जी को सौंप दें. इसके लिए आप मंगलवार के दिन किसी मंदिर में हनुमान जी की पूजा करने के बाद पान का बीड़ा अर्पित करें. मान्यता है कि ऐसा करने से लोगों के बिगड़े काम भी बन जाते हैं.
हनुमान जी को इमरती बहुत प्रिय है यदि कोई व्यक्ति मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा करने के बाद इमरती का भोग लगाता है तो व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
केसर भात
हनुमान जी को केसर भात बहुत प्रिय है यदि आप हनुमान जी को प्रसन्न करना चाहते हैं तो आप मंगलवार के दिन हनुमान जी को केसर भात का भोग लगा सकते हैं. मंगल की शांति के लिए उज्जैन में मंगलनाथ पर केसर भात चढ़ाने की परंपरा भी निभाई जाती है|
Next Story