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धर्म-अध्यात्म
Govardhan Puja 2025: गोवर्धन पूजा के दिन इन बातों का रखें खास ध्यान, गलती से भी न करें आज ये काम
Sarita
22 Oct 2025 7:41 AM IST

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Govardhan Puja 2025 : हर साल दिवाली के बाद गोवर्धन पूजा (गोवर्धन पूजा) का पावन पर्व मनाया जाता है, जिसे अन्नकूट भी कहा जाता है। यह दिन भगवान कृष्ण और गोवर्धन पर्वत को समर्पित है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान कृष्ण ने गोकुलवासियों को इंद्रदेव के प्रकोप से बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठाया था। यह पर्व हमें प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और गायों के महत्व को समझने की शिक्षा देता है। इस वर्ष गोवर्धन पूजा कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि, बुधवार, 22 अक्टूबर 2025 को मनाई जाएगी। इस पर्व को विधि-विधान से मनाने और भगवान कृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए कुछ नियमों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है।
गोवर्धन पूजा के दिन क्या करें:
गाय पूजा: इस दिन गाय की पूजा का विशेष महत्व है। गाय को तिलक लगाएँ, फूल चढ़ाएँ और उसे हरा चारा खिलाएँ।
गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाएँ: गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाएँ। इसे फूल, कंदमूल और चावल से सजाएँ। पूजा के बाद, इसकी सात बार परिक्रमा करें।
अन्नकूट/छप्पन भोग: इस दिन 56 भोग या अन्नकूट (विभिन्न अनाज और व्यंजन) बनाकर भगवान कृष्ण और गोवर्धन महाराज को अर्पित करें। प्रसाद में कढ़ी, चावल और बाजरा शामिल करना शुभ माना जाता है।
सामूहिक पूजा: गोवर्धन पूजा पूरे परिवार के साथ करनी चाहिए। परिवार के सभी सदस्यों का एक साथ पूजा में भाग लेना शुभ माना जाता है।
परिक्रमा: गोबर से बने गोवर्धन पर्वत की सात बार परिक्रमा करें। हो सके तो वास्तविक गोवर्धन पर्वत की भी परिक्रमा करें।
आज ये काम न करें (क्या न करें):
मान्यताओं के अनुसार, पूजा का पूरा लाभ पाने के लिए गोवर्धन पूजा के दिन कुछ खास कामों से बचना चाहिए।
तामसिक भोजन: गोवर्धन पूजा के दिन मांस, मदिरा, लहसुन-प्याज जैसे तामसिक भोजन का सेवन या निर्माण नहीं करना चाहिए। इस दिन केवल सात्विक भोजन ही करें।
तुलसी तोड़ना: गोवर्धन पूजा के दिन या उससे पहले वाली अमावस्या तिथि पर तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए।
पेड़ काटना: यह त्योहार प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का भी पर्व है। इसलिए इस दिन किसी भी पेड़-पौधे या वनस्पति को नुकसान नहीं पहुँचाना चाहिए या काटना नहीं चाहिए।
अन्न का अपमान: अन्नकूट प्रसाद या किसी भी अन्य भोजन को बर्बाद नहीं करना चाहिए। प्रसाद को आदरपूर्वक ग्रहण करें।
चंद्र दर्शन: कुछ मान्यताओं के अनुसार, गोवर्धन पूजा के दिन चंद्रमा को देखना अशुभ माना जाता है।
काले/नीले वस्त्र: पूजा के दौरान काले या नीले वस्त्र पहनने से बचना चाहिए।
गोवर्धन पूजा का महत्व:
गोवर्धन पूजा प्रकृति और भगवान कृष्ण के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पर्व है। यह हमें प्रकृति, भोजन और विशेष रूप से अपनी आजीविका के लिए गाय का सम्मान करना सिखाता है। इस दिन सच्चे मन से पूजा करने से यह सुनिश्चित होता है कि घर में सुख, समृद्धि, धन और अन्न की कभी कमी न हो।
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