धर्म-अध्यात्म

Falgun Month 2026: कब शुरू होता है फाल्गुन महीना, यहाँ देखें प्रमुख त्योहारों की पूरी लिस्ट

Sarita
29 Jan 2026 6:39 AM IST
Falgun Month 2026:  कब शुरू होता है फाल्गुन महीना, यहाँ देखें प्रमुख त्योहारों की पूरी लिस्ट
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Falgun Month 2026: पंचांग में फाल्गुन मास का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है. यह वर्ष का बारहवां और आखिरी महीना होता है, जिसमें भगवान शिव, श्रीकृष्ण और विष्णु जी की उपासना का खास महत्व होता है. इसी महीने महाशिवरात्रि और होली जैसे बड़े पर्व मनाए जाते हैं. फाल्गुन के महीने में शुद्ध जल से स्नान करना और भगवान को सफेद फूल व अबीर-गुलाल अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, साल 2026 में फाल्गुन मास की शुरुआत 2 फरवरी से हो रही है, जो 3 मार्च तक चलेगा. आइए जानते हैं इस माह कौन-कौन से बड़े त्योहार पड़ते हैं|
फाल्गुन 2026 के प्रमुख व्रत-त्योहार:
02 फरवरी- फाल्गुन माह का शुभारंभ
07 फरवरी- यशोदा जयंती
09 फरवरी- जानकी जयंती
13 फरवरी- विजया एकादशी
15 फरवरी- महाशिवरात्रि
17 फरवरी- फाल्गुन अमावस्या
19 फरवरी- फुलेरा दूज
24 फरवरी- होलाष्टक
27 फरवरी- आंवला एकादशी
03 मार्च- होलिका दहन
04 मार्च- होली (धुलेंडी)
फाल्गुन मास का धार्मिक महत्व:
हिंदू धर्म में फाल्गुन मास का विशेष स्थान है क्योंकि यह साल का बारहवां और अंतिम महीना होता है. इस महीने में शीत ऋतु (सर्दी) विदा लेती है और वसंत का पूर्ण आगमन होता है, जो मन में नई ऊर्जा भरता है. वफाल्गुन में दान और तर्पण का विशेष फल मिलता है. पितरों की शांति के लिए यह महीना उत्तम माना जाता है. चंद्रमा का जन्म भी इसी महीने में माना जाता है, इसलिए मानसिक शांति के लिए इस दौरान विशेष पूजा की जाती है|
किन देवी-देवताओं की होती है पूजा?
फाल्गुन मास में मुख्य रूप से तीन स्वरूपों की आराधना की जाती है|
भगवान शिव: महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर शिव और शक्ति के मिलन का उत्सव मनाया जाता है. फाल्गुन में शिव पूजा से सभी संकट दूर होते हैं|
श्री कृष्ण: यह महीना कान्हा की भक्ति का महीना है. फुलेरा दूज और होली के दौरान भगवान कृष्ण को गुलाल अर्पित किया जाता है|
चंद्र देव: चूंकि फाल्गुन मास का नाम ‘फाल्गुनी’ नक्षत्र पर आधारित है, इसलिए इस महीने में चंद्रमा की पूजा करने से मानसिक कष्टों से मुक्ति मिलती है|
श्री हरि विष्णु: आमलकी एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा का विधान है|
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