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धर्म-अध्यात्म
Chandra Grahan 2026: ग्रहण के दौरान यात्रा से बचें या करें? शास्त्रों में क्या है नियम
Sarita
26 Feb 2026 12:13 PM IST

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Chandra Grahan 2026: साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण फाल्गुन पूर्णिमा यानी 3 मार्च को लगने जा रहा है. हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में ग्रहण की घटना को केवल एक खगोलीय घटना नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और ऊर्जा के नजरिए से बहुत महत्वपूर्ण माना गया है. अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि क्या ग्रहण के दौरान यात्रा करनी चाहिए? क्या घर से बाहर निकलना सुरक्षित है? आइए जानते हैं शास्त्रों के अनुसार ग्रहण के दौरान यात्रा से जुड़े नियम और सावधानियां.
ग्रहण काल क्यों माना जाता है संवेदनशील?
हिंदू परंपरा में सूर्य और चंद्र ग्रहण को सामान्य खगोलीय घटना भर नहीं माना जाता, बल्कि इसे आध्यात्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण समय समझा जाता है. पौराणिक मान्यता के अनुसार, जब राहु-केतु सूर्य या चंद्रमा को ग्रसित करते हैं, तब वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ जाती है. इसी कारण ग्रहण के समय विशेष सावधानी बरतने, जप-तप करने और अनावश्यक कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है.
सूतक काल क्या होता है?
ग्रहण से कुछ समय पहले सूतक काल शुरू हो जाता है.
चंद्र ग्रहण के लिए सूतक काल लगभग 9 घंटे पहले माना जाता है.
इस दौरान मंदिरों के पट बंद कर दिए जाते हैं.
शुभ कार्य, यात्रा, विवाह, खरीदारी या नए काम की शुरुआत वर्जित मानी जाती है.
सूतक काल को शास्त्रों में संयम और साधना का समय बताया गया है.
क्या ग्रहण के दौरान यात्रा करनी चाहिए?
शास्त्रों और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के दौरान यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है. इसके पीछे कई कारण बताए गए हैं.
नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव: मान्यता है कि ग्रहण के समय वातावरण में नकारात्मक कंपन बढ़ जाते हैं, जो मानसिक शांति को प्रभावित कर सकते हैं.
बाधाओं की आशंका: कहा जाता है कि इस समय शुरू की गई यात्रा में रुकावटें आ सकती हैं.
शुभ कार्य वर्जित: यात्रा को भी एक प्रकार का शुभ आरंभ माना जाता है, इसलिए इसे टालना बेहतर समझा जाता है.
विशेषकर लंबी दूरी की यात्रा, नया व्यवसायिक सफर या महत्वपूर्ण मीटिंग के लिए निकलने से बचना चाहिए.
अगर यात्रा जरूरी हो तो क्या करें?
कई बार परिस्थितियां ऐसी होती हैं कि यात्रा टालना संभव नहीं होता. ऐसे में शास्त्र कुछ उपाय भी बताते हैं जैसे, घर से निकलने से पहले भगवान का स्मरण करें.यात्रा से लौटने के बाद स्नान अवश्य करें फिर साफ वस्त्र धारण कर पूजा-पाठ करें. माना जाता है इससे इससे नकारात्मक प्रभाव कम होने की मान्यता है|
ग्रहण काल में क्या करें?
भगवान का नाम जपें और ध्यान करें.
जरूरतमंदों को दान करें.
ग्रहण समाप्त होने के बाद घर की साफ-सफाई करें.
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