धर्म-अध्यात्म

Chanakya Nit: इस तरह की कमाई से कभी नहीं मिलती सफलता, छा जाती है गरीबी

Sarita
5 Aug 2025 6:57 AM IST
Chanakya Nit: इस तरह की कमाई से कभी नहीं मिलती सफलता,  छा जाती है  गरीबी
x
Chanakya Nit: एक सुखद और आत्मनिर्भर जीवन के लिए आर्थिक रूप से मजबूत होना आवश्यक है। हर व्यक्ति अपने जीवन को बेहतर बनाने और जरूरतों को पूरा करने के लिए धन अर्जित करता है। लेकिन कुछ लोग कड़ी मेहनत की जगह आसान रास्तों को चुनकर जल्दी अमीर बनना चाहते हैं। ऐसे लोग भले ही थोड़े समय के लिए संपन्न बन जाएं, पर उनका धन टिकता नहीं और वे अक्सर आर्थिक तंगी में फंसे रहते हैं।आचार्य चाणक्य, जिन्हें महान राजनीतिज्ञ, अर्थशास्त्री और कुशल नीतिकार के रूप में जाना जाता है, ने अपने प्रसिद्ध ग्रंथ 'चाणक्य नीति' में ऐसे लोगों के बारे में बताया है, जिन लोगों के पास धन ज्यादा समय तक नहीं ठहरता, चाहे वे कितना भी कमा लें। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
श्लोक:
अन्यायोपार्जितं द्रव्यं दश वर्षाणि तिष्ठति।
प्राप्ते एकादशे वर्षे समूलं च विनश्यति।।
अर्थ: अन्याय या गलत तरीके से अर्जित धन अधिकतम दस वर्षों तक टिकता है, ग्यारहवें वर्ष में वह पूरी तरह नष्ट हो जाता है।
अनैतिक तरीके से कमाया गया धन:
चाणक्य के अनुसार जो धन ईमानदारी से नहीं, बल्कि अनुचित या धोखाधड़ी के माध्यम से अर्जित किया गया हो, वह सिर्फ क्षणिक सुख देता है। ऐसा धन न केवल व्यक्ति की मानसिक शांति छीनता है, बल्कि भविष्य में दुखों का कारण भी बनता है।
चोरी या छल-कपट से मिला पैसा कभी स्थायित्व नहीं देता। यह न तो आत्मिक संतोष देता है और न ही सुख-शांति। चाणक्य मानते हैं कि चोरी की कमाई से न केवल स्वयं व्यक्ति का पतन होता है, बल्कि उसके परिवार और वंश को भी इसका दुष्परिणाम भुगतना पड़ता है।
धोखे से धन कमाने वालों का भविष्य:
अगर कोई व्यक्ति दूसरों को धोखा देकर धन कमाता है, तो उसका सम्मान धीरे-धीरे समाप्त हो जाता है। समाज ऐसे लोगों को तिरस्कृत करता है। उनके संबंध खराब होते हैं और वह कर्ज तथा मानसिक तनाव से घिर जाता है।
Next Story