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IIT Bombay में किस ब्रांच की सबसे ज्यादा डिमांड? JEE Advanced 2026 काउंसलिंग में टॉपर्स की पसंद आई सामने
Rajeshwari Nishad
3 Oct 2026 3:29 PM IST

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नई दिल्ली: आईआईटी बॉम्बे देश के प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थानों में शामिल है और हर साल जेईई एडवांस्ड में शीर्ष रैंक हासिल करने वाले छात्रों के बीच यहां दाखिले को लेकर खास दिलचस्पी देखने को मिलती है। जेईई एडवांस्ड 2026 का रिजल्ट जारी होने और JoSAA काउंसलिंग के बाद इस बार भी छात्रों की ब्रांच पसंद को लेकर चर्चा तेज है। खास बात यह है कि टॉप रैंकर्स के लिए सिर्फ IIT में प्रवेश ही महत्वपूर्ण नहीं रहा, बल्कि वे किस ब्रांच को प्राथमिकता दे रहे हैं, यह भी काउंसलिंग डेटा से सामने आया है।
JoSAA 2026 के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, काउंसलिंग में 23 IIT समेत कई संस्थान शामिल हैं। सीट अलॉटमेंट के प्रत्येक चरण में संस्थान और प्रोग्राम के अनुसार ओपनिंग और क्लोजिंग रैंक जारी की जाती है। इससे यह समझने में मदद मिलती है कि किस ब्रांच में दाखिले के लिए कितनी प्रतिस्पर्धा रही।
टॉप रैंकर्स में IIT बॉम्बे की मजबूत पकड़
जेईई एडवांस्ड 2026 के बाद सामने आए काउंसलिंग ट्रेंड में IIT बॉम्बे शीर्ष रैंकर्स के बीच प्रमुख पसंद बना रहा। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक टॉप 10 रैंकर्स में 9 ने IIT बॉम्बे चुना। टॉप 100 में 73, टॉप 500 में 185 और टॉप 1000 में 258 रैंकर्स ने IIT बॉम्बे को अपनी पसंद में शामिल किया। इसके मुकाबले टॉप 100 में IIT दिल्ली के 20 और IIT मद्रास के 6 रैंकर्स ने संस्थान चुना।
इन आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि शीर्ष छात्रों के बीच संस्थान और ब्रांच का चुनाव अलग-अलग तरीके से किया जाता है। कई छात्रों के लिए पसंदीदा ब्रांच और पसंदीदा IIT के बीच संतुलन बनाना काउंसलिंग का अहम हिस्सा रहता है।
CSE अब भी सबसे प्रतिस्पर्धी ब्रांच
IIT बॉम्बे में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग यानी CSE सबसे अधिक प्रतिस्पर्धी प्रोग्रामों में बना हुआ है। 2026 के JoSAA अंतिम राउंड के उपलब्ध आंकड़ों में सामान्य श्रेणी और जेंडर-न्यूट्रल सीटों के लिए CSE की क्लोजिंग रैंक 67 रही। वहीं इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की क्लोजिंग रैंक 366 और इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग एंड ऑपरेशंस रिसर्च की 695 रही।
कॉलेज प्रेवेश के उपलब्ध JoSAA डेटा में IIT बॉम्बे CSE की राउंड-1 से अंतिम राउंड तक की प्रतिस्पर्धा भी दिखाई देती है। 2026 में CSE की ओपन कैटेगरी में शुरुआती रैंक 1 और अंतिम क्लोजिंग रैंक 65 तक दर्ज की गई है, जबकि इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग 175 से 400 और एयरोस्पेस इंजीनियरिंग 1,785 से 2,593 की रेंज में रही।
CSE के बाद इलेक्ट्रिकल और दूसरी ब्रांचों पर नजर
जेईई टॉपर्स की पसंद में CSE के साथ इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग भी लंबे समय से प्रमुख विकल्प रही है। 2025 के JIC डेटा के अनुसार IIT बॉम्बे के CSE प्रोग्राम के लिए 28,705 उम्मीदवारों ने विकल्प दर्ज किया था, जबकि इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के लिए 24,123 उम्मीदवारों ने पसंद जताई। एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के लिए भी 17,209 उम्मीदवारों ने विकल्प दिया था।
हालांकि किसी ब्रांच में अधिक विकल्प दर्ज होना और उसमें वास्तविक प्रवेश मिलना अलग-अलग बातें हैं। अंतिम आवंटन छात्र की JEE Advanced रैंक, श्रेणी, सीट उपलब्धता और उसके द्वारा भरी गई प्राथमिकताओं पर निर्भर करता है।
IIT बॉम्बे की अलग-अलग ब्रांचों की तस्वीर
IIT बॉम्बे में CSE और इलेक्ट्रिकल के अलावा एयरोस्पेस, केमिकल, सिविल, एनर्जी, इंजीनियरिंग फिजिक्स, पर्यावरण विज्ञान, मैकेनिकल, मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग एंड मैटेरियल्स साइंस तथा इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग एंड ऑपरेशंस रिसर्च जैसे कार्यक्रम भी उपलब्ध हैं। JoSAA की 2026 सीट मैट्रिक्स में इन सभी कार्यक्रमों के लिए अलग-अलग सीटें निर्धारित की गई हैं।
2025-26 के उपलब्ध सीट डेटा के अनुसार IIT बॉम्बे में CSE के लिए 170 प्रोग्राम सीट क्षमता, मैकेनिकल के लिए 169, सिविल के लिए 130 और केमिकल इंजीनियरिंग के लिए 113 सीटें थीं। एयरोस्पेस में 66 और इंजीनियरिंग फिजिक्स में 52 सीटें दर्ज थीं। सीटों की संख्या में बदलाव अलग-अलग शैक्षणिक सत्रों में संभव है, इसलिए 2026 के प्रवेश के लिए आधिकारिक JoSAA सीट मैट्रिक्स को ही अंतिम आधार माना जाना चाहिए।
सिर्फ ब्रांच नहीं, संस्थान भी बन रहा है महत्वपूर्ण
जेईई एडवांस्ड के टॉपर्स की पसंद से यह जरूर सामने आता है कि छात्र अब केवल परंपरागत ब्रांच के आधार पर फैसला नहीं करते। IIT बॉम्बे, IIT दिल्ली, IIT मद्रास और अन्य IIT में उपलब्ध अलग-अलग प्रोग्रामों के बीच वे अपनी रैंक और रुचि के अनुसार विकल्प तय करते हैं।
उदाहरण के लिए, 2026 के टॉप रैंकर्स में AIR 1 शुभम कुमार रहे, जबकि AIR 2 कबीर छिल्लर रहे। जेईई एडवांस्ड 2026 के टॉप रैंकर्स की शुरुआती पसंदों में IIT बॉम्बे, IIT दिल्ली और IIT मद्रास प्रमुख संस्थानों के रूप में सामने आए।
छात्रों के लिए ब्रांच चुनना क्यों चुनौतीपूर्ण?
जेईई एडवांस्ड में अच्छी रैंक हासिल करने के बाद भी छात्र के सामने कई विकल्प होते हैं। एक तरफ CSE जैसी ब्रांच होती है, जिसकी मांग काफी अधिक रहती है, वहीं दूसरी तरफ इलेक्ट्रिकल, एयरोस्पेस, मैकेनिकल, इंजीनियरिंग फिजिक्स और अन्य प्रोग्राम छात्रों को अलग-अलग अध्ययन और करियर क्षेत्रों में जाने का अवसर देते हैं।
JoSAA काउंसलिंग में छात्र अपनी प्राथमिकताओं की सूची तैयार करते हैं। सीट उपलब्धता और रैंक के आधार पर उन्हें सीट आवंटित होती है। इसके बाद उम्मीदवार को फ्रीज, फ्लोट या स्लाइड जैसे विकल्पों के जरिए अपनी आगे की काउंसलिंग प्राथमिकता तय करनी होती है।
इस साल के काउंसलिंग आंकड़ों की तस्वीर से इतना स्पष्ट है कि IIT बॉम्बे अब भी शीर्ष जेईई रैंकर्स के बीच बड़ी पसंद बना हुआ है और CSE सबसे अधिक प्रतिस्पर्धी विकल्पों में शामिल है। हालांकि अलग-अलग छात्रों की पसंद अलग हो सकती है और अंतिम चयन उनकी रैंक, रुचि, उपलब्ध सीट और भविष्य की पढ़ाई की योजना पर निर्भर करता है। इसलिए केवल कटऑफ देखकर किसी ब्रांच का चुनाव करने के बजाय छात्र को पाठ्यक्रम, रुचि और उपलब्ध करियर विकल्पों को भी ध्यान में रखना चाहिए।
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