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कांगड़ा को सबसे बड़ा झटका, धर्मशाला में नहीं खुलेगी हाईकोर्ट की बेंच

Shantanu Roy
29 March 2025 3:49 PM IST
कांगड़ा को सबसे बड़ा झटका, धर्मशाला में नहीं खुलेगी हाईकोर्ट की बेंच
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Shimla. शिमला। धर्मशाला में हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट की बेंच स्थापित करने का फिलहाल सरकार का कोई विचार नहीं है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में कांग्रेस विधायक केवल सिंह पठानिया के सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक अधिकरण स्थापित करने की प्रक्रिया जारी है। इसकी औपचारिकताएं पूरी होने और भारत सरकार द्वारा मंजूरी मिलने के बाद ही अधिकरण को शुरू किया जाएगा। कांग्रेस विधायक सुधीर शर्मा ने प्रदेश में दो वर्षों से अधिक समय से एक ही स्थान पर कार्यरत भारतीय प्रशासनिक सेवा, हिमाचल प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय वन सेवा अधिकारियों की जानकारी मांगी। इसके लिखित जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में ऐसे 85 एचएएस, 44 आईएएस, 17 आईपीएस और 17 आईएफएस अधिकारी कार्यरत हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी एचएएस, आईएएस या आईएफएस अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच या अन्य मामलों में जनता की शिकायत के आधार पर कोई मामला अदालत में विचाराधीन
नहीं है।

हालांकि एक आईपीएस अधिकारी के खिलाफ मामला अदालत में लंबित है। बड़सर से कांग्रेस विधायक इंद्रदत्त लखनपाल के सवाल के लिखित जवाब में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि कोविड महामारी के दौरान बस ऑपरेटरों को आर्थिक राहत देने के लिए सरकार ने कार्यशील पूंजी ऋण पर ब्याज उपदान योजना शुरू की थी। हालांकि अब तक किसी भी बस ऑपरेटर को इस योजना के तहत उपदान जारी नहीं किया गया है। उपमुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का इस योजना के तहत बस ऑपरेटरों को दिए जाने वाले उपदान की राशि को कर में समायोजित करने का कोई विचार नहीं है। मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के तहत पिछले दो वर्षों में कुल 8155 लाभार्थियों को सहायता प्रदान की गई है। इस योजना के तहत वितीय वर्ष 2023.24 में 3730 और 2024.25 में 4425 लाभार्थियों को लाभ मिला है। यह जानकारी प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ धनी राम शांडिल ने विधायक सुधीर शर्मा द्वारा पूछे गए सवाल के लिखित जवाब में दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के तहत विभिन्न निजी संस्थाओं और व्यक्तियों से कुल 7 करोड़ 85 लाख 19 हजार 174 रुपये की धनराशि प्राप्त हुई है। इसमें से 5 करोड़ 70 लाख 7 हजार 674 रुपये राज्य स्तरीय मुख्यमंत्री सुख आश्रय कोष में और 2 करोड़ 15 लाख 11 हजार रूपए अन्य योजना में दिया गया है।
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