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गुडिय़ा कांड के गवाह कांस्टेबल का निलंबन, विवाद बढ़ा

Shantanu Roy
1 Aug 2026 4:29 PM IST
गुडिय़ा कांड के गवाह कांस्टेबल का निलंबन, विवाद बढ़ा
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Shimla. शिमला। प्रदेश के चर्चित गुडिय़ा दुष्कर्म एवं हत्या मामले में कथित आरोपी सूरज की कस्टोडियल डेथ केस के अहम गवाह रहे कांस्टेबल दिनेश शर्मा के निलंबन को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। एक ओर दिनेश शर्मा के परिवार ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं शिमला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि उनके खिलाफ की गई कार्रवाई का गुडिय़ा कांड से कोई संबंध नहीं है और यह पूरी तरह विभागीय अनुशासन से जुड़ा मामला है। गुरुवार को शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता में दिनेश शर्मा के भाई सुरेश शांडिल्य और उनकी मां ने आरोप लगाया कि दिनेश शर्मा को लगातार प्रताडि़त किया जा रहा है। सुरेश शांडिल्य ने कहा कि पिछले डेढ़ महीने में उनके भाई की पांच बार ड्यूटी बदली गई।
उनका आरोप है कि जब दिनेश शर्मा ने पारिवारिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए तबादला रोकने का अनुरोध किया और इस संबंध में लोक भवन पहुंचे, तो उन्हें निलंबित कर दिया गया। परिवार का कहना है कि दिनेश शर्मा का बेटा दिव्यांग है और वह बिना पिता के नहीं रह पाता। बच्चे की देखभाल और स्कूल लाने-ले जाने के लिए पिता की जरूरत होती है। इसी कारण दिनेश शर्मा ने चौपाल से तबादला नहीं करने की गुहार लगाई थी। आरोप लगाया कि उनके बेटे को मानसिक रूप से इतना परेशान किया गया कि वह जहर खाने जैसी बातें करने लगा है। उन्होंने मांग की कि जिन अधिकारियों ने दिनेश शर्मा को प्रताडि़त किया है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। यदि समय रहते न्याय नहीं मिला, तो वे हाई कोर्ट, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे।
एसएसपी गौरव सिंह का कहना है कि शिमला पुलिस द्वारा दिनेश कुमार के खिलाफ की जा रही विभागीय कार्रवाई पूरी तरह नियमों के अनुसार और निष्पक्ष है। जांच पूरी होने तक किसी भी तरह का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा और कांस्टेबल को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, 30 अप्रैल 2026 को कालरा धार क्षेत्र, जो पुलिस थाना कुपवी और पुलिस थाना चौपाल की सीमा के पास स्थित है, में हुई एक घटना को लेकर तत्कालीन थाना प्रभारी चौपाल और कांस्टेबल दिनेश कुमार के खिलाफ शिकायत मिली थी। इस शिकायत की जांच उस समय एसडीपीओ चौपाल का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे एसडीपीओ ठियोग ने की। जांच में सामने आया कि दोनों पुलिस कर्मियों ने कुछ स्थानीय लोगों के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया। शिकायत में यह भी पाया गया कि संबंधित लोगों से पैसे और सामान छीने गए तथा उन्हें झूठे मामले में फंसाने की धमकी भी दी गई।
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