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RummyCulture मनी लॉन्ड्रिंग केस: ED ने कसा शिकंजा, करोड़ों की संपत्ति अटैच

SHIDDHANT
24 July 2026 8:20 PM IST
RummyCulture मनी लॉन्ड्रिंग केस: ED ने कसा शिकंजा, करोड़ों की संपत्ति अटैच
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ED ने अटैच की अरबों की संपत्ति
Delhi दिल्ली। ऑनलाइन रियल मनी रमी गेमिंग ऐप ‘RummyCulture’ मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत करीब 1,906 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत Gameskraft Technologies Private Limited, उसके शेयरधारकों और संबंधित कंपनियों के खिलाफ की गई है। ED के अनुसार, जांच में सामने आया कि ऑनलाइन असली पैसे वाले रमी गेम के जरिए कथित तौर पर बड़ी रकम अर्जित की गई और बाद में इस धन को विभिन्न निवेश और संपत्तियों के माध्यम से वैध बनाने का प्रयास किया गया। एजेंसी ने आरोप लगाया है कि कंपनियों ने खिलाड़ियों के साथ धोखाधड़ी कर गैर-कानूनी कमाई की।
जांच एजेंसी ने बताया कि अटैच की गई संपत्तियों में बैंक खातों की रकम, फिक्स्ड डिपॉजिट, म्यूचुअल फंड, इक्विटी शेयर, कन्वर्टिबल नोट्स, फार्महाउस और कई रिहायशी व व्यावसायिक संपत्तियां शामिल हैं। इनमें से कुछ संपत्तियां कंपनी के शेयरधारकों, उनके परिवार के सदस्यों, फैमिली ट्रस्ट और संबंधित संस्थाओं के नाम पर दर्ज हैं। ED ने तेलंगाना में दर्ज कई FIR के आधार पर इस मामले की जांच शुरू की थी। जांच के दौरान मई और जून 2026 में कंपनी के कार्यालयों और निदेशकों के ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। इस दौरान एजेंसी को कई दस्तावेज और डिजिटल सबूत मिलने का दावा किया गया है।
जांच में पता चला कि Gameskraft Technologies और RummyTime Technologies RummyCulture, RummyPrime, Playship और RummyTime जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए ऑनलाइन रमी गेम और टूर्नामेंट संचालित कर रही थीं। इन प्लेटफॉर्म से देशभर में करीब 3 करोड़ यूजर्स जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। ED का आरोप है कि कंपनियां खिलाड़ियों द्वारा लगाए गए दांव की रकम पर 10 से 15 प्रतिशत तक कमीशन लेकर मुनाफा कमा रही थीं। एजेंसी ने यह भी दावा किया है कि खिलाड़ियों को निष्पक्ष गेम का भरोसा दिया गया, लेकिन कुछ मामलों में कथित रूप से बॉट्स का इस्तेमाल किया गया, जिससे खिलाड़ियों को नुकसान हुआ। एजेंसी के मुताबिक, खिलाड़ियों को जोड़ने के लिए बोनस, रेफरल ऑफर, फ्री टूर्नामेंट और कैश रिवॉर्ड जैसे प्रचार अभियानों पर बड़ी रकम खर्च की गई। ED ने बताया कि अब तक इस मामले में करीब 2,401 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अटैच, फ्रीज या जब्त किया जा चुका है। प्रवर्तन निदेशालय ने कहा है कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।
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