भारत

गरीबी की मार: अंतिम संस्कार के पैसे नहीं थे, 3 दिन तक पति के शव के पास बैठी रही महिला

SHIDDHANT
24 July 2026 8:12 PM IST
गरीबी की मार: अंतिम संस्कार के पैसे नहीं थे, 3 दिन तक पति के शव के पास बैठी रही महिला
x
पत्नी ने दी मुखाग्नि
Khagaria खगड़िया। बिहार के खगड़िया जिले से गरीबी और बेबसी की ऐसी मार्मिक तस्वीर सामने आई है, जिसने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। पति की मौत के बाद अंतिम संस्कार के लिए पैसे नहीं होने के कारण एक महिला तीन दिनों तक अपने पति के शव के पास झोपड़ी में बैठी रही। महिला अपने पति की मौत का गम तो सह रही थी, लेकिन आर्थिक मजबूरी ने उसे अंतिम विदाई देने से भी रोक दिया। यह घटना गंगौर थाना क्षेत्र के रामचंद्रा गांव की है। गांव के वार्ड नंबर-5 निवासी मनु साह दिहाड़ी मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। कुछ समय पहले वह गंभीर बीमारी कैंसर की चपेट में आ गए थे। परिवार ने उनके इलाज के लिए अपनी जमा पूंजी तक खर्च कर दी, लेकिन बीमारी ठीक नहीं हो सकी।
इलाज के दौरान सदर अस्पताल में मनु साह की मौत हो गई। पति की मौत के बाद पत्नी शव को लेकर घर पहुंची, लेकिन अंतिम संस्कार के लिए उसके पास पैसे नहीं थे। मजबूरी में वह तीन दिनों तक झोपड़ी में शव के पास बैठी रही। इस दौरान वह लगातार रोती रही और पति की अंतिम विदाई का इंतजार करती रही। तीन दिन बाद जब शव से दुर्गंध आने लगी तो आसपास के लोगों को घटना की जानकारी हुई। ग्रामीणों ने जब महिला की स्थिति देखी तो उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों को इसकी सूचना दी। इसके बाद लोगों ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया और अंतिम संस्कार की व्यवस्था कराई गई।
सबसे भावुक दृश्य तब सामने आया जब महिला ने खुद कफन पहनकर अपने पति की चिता को मुखाग्नि दी। पति को अंतिम विदाई देते समय महिला की आंखों से आंसू छलक पड़े। इस घटना ने पूरे इलाके में चर्चा का माहौल पैदा कर दिया है। ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़कर परिवार की मदद की। लोगों का कहना है कि गरीबी के कारण किसी व्यक्ति को अपने परिजन का अंतिम संस्कार करने के लिए इस तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए समाज और प्रशासन को जरूरतमंद परिवारों की मदद करनी चाहिए। इस घटना ने एक बार फिर गरीब परिवारों की आर्थिक चुनौतियों और सामाजिक सहयोग की जरूरत को सामने ला दिया है
Next Story