
दिल्ली | भारत की राजधानी नई दिल्ली में आज से बहुप्रतीक्षित रायसीना डायलॉग 2024 की शुरुआत हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे, जिसमें दुनिया भर के राजनेता, नीति निर्माता और विशेषज्ञ भू-राजनीति, वैश्विक चुनौतियों और रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
दुनिया के बड़े नेता होंगे शामिल
इस बार रायसीना डायलॉग में अमेरिका, यूरोप, एशिया और अफ्रीका के कई शीर्ष नेता और विशेषज्ञ भाग लेंगे। सम्मेलन का फोकस वैश्विक सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, जलवायु परिवर्तन और इंडो-पैसिफिक रणनीति जैसे अहम विषयों पर रहेगा।
भारत की भूमिका होगी अहम
भारत इस आयोजन के माध्यम से वैश्विक कूटनीति में अपनी मजबूत स्थिति को और सुदृढ़ करने की कोशिश करेगा। विशेष रूप से इंडो-पैसिफिक, चीन की बढ़ती ताकत, रूस-यूक्रेन युद्ध और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता जैसे मुद्दों पर भारत की रणनीतिक भूमिका पर चर्चा हो सकती है।
क्या है रायसीना डायलॉग?
रायसीना डायलॉग भारत का सबसे बड़ा भू-राजनीतिक और भू-आर्थिक सम्मेलन है, जिसका आयोजन ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ORF) और भारत सरकार के सहयोग से किया जाता है। यह मंच वैश्विक शक्ति संतुलन, सुरक्षा और विकास से जुड़े अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिए जाना जाता है।
क्यों खास है इस साल का सम्मेलन?
- चीन और अमेरिका के बीच तनाव पर खुलकर चर्चा हो सकती है।
- रूस-यूक्रेन युद्ध का प्रभाव और वैश्विक स्थिरता पर मंथन होगा।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सुरक्षा जैसे आधुनिक मुद्दों पर भी विचार किया जाएगा।
- भारत की वैश्विक नेतृत्व क्षमता पर चर्चा होने की संभावना है।
भारत के लिए क्या फायदे?
इस डायलॉग से भारत को वैश्विक कूटनीति में एक मजबूत मध्यस्थ के रूप में उभरने का मौका मिलेगा। साथ ही, यह मंच नई विदेश नीति रणनीतियों को मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को बढ़ाने में मदद करेगा।
