
अमेरिका | अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सरकारी वित्तपोषित समाचार एजेंसी वॉयस ऑफ अमेरिका (VOA) को बंद करने का आदेश दिया है। उन्होंने इस एजेंसी पर पक्षपातपूर्ण रिपोर्टिंग का आरोप लगाया और कहा कि यह सरकारी फंडिंग का दुरुपयोग कर रही है।
VOA पर ट्रंप का आरोप
ट्रंप का कहना है कि वॉयस ऑफ अमेरिका निष्पक्ष पत्रकारिता की जगह राजनीतिक एजेंडा चला रही है। उन्होंने इसे अमेरिका-विरोधी नैरेटिव को बढ़ावा देने वाला संगठन बताया।
मीडिया और विपक्ष की कड़ी प्रतिक्रिया
इस फैसले के बाद अमेरिकी मीडिया और विपक्षी दलों ने ट्रंप पर निशाना साधा है। डेमोक्रेट्स ने इसे मीडिया की स्वतंत्रता पर हमला करार दिया, जबकि कई पत्रकार संगठनों ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया।
VOA: 80 साल पुरानी संस्था पर खतरा
VOA की स्थापना 1942 में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हुई थी। यह अमेरिकी सरकार द्वारा वित्त पोषित एक अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी है, जो कई भाषाओं में समाचार प्रसारित करती है। ट्रंप के आदेश के बाद इसके भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं।
क्या ट्रंप के सत्ता में लौटने से होगा असर?
2024 के राष्ट्रपति चुनावों में ट्रंप की वापसी की संभावनाओं को देखते हुए, उनके इस फैसले का दूरगामी असर हो सकता है। यदि वह फिर से राष्ट्रपति बनते हैं, तो अमेरिकी मीडिया की संरचना में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।





