
पाकिस्तान | पाकिस्तान की सेना एक बार फिर बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) के निशाने पर आ गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीएलए ने एक बड़े हमले में 90 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने का दावा किया है। यह हमला बलूचिस्तान में पांच दिनों के भीतर दूसरी बड़ी कार्रवाई है, जिससे पाकिस्तानी सेना में हड़कंप मच गया है।
कैसे हुआ हमला?
बीएलए के मुताबिक, उनके लड़ाकों ने पाकिस्तानी सेना की एक अहम चौकी को निशाना बनाया। हमले में भारी विस्फोटक और आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया गया। बताया जा रहा है कि सेना को संभलने का मौका ही नहीं मिला और कई सैनिकों की मौके पर ही मौत हो गई।
पाकिस्तानी सेना पर बढ़ता दबाव
बलूच लिबरेशन आर्मी बीते कुछ सालों में पाकिस्तान के खिलाफ अपने हमलों की संख्या और तीव्रता बढ़ा चुकी है। हाल के महीनों में यह दूसरा बड़ा हमला है, जिससे साफ है कि पाकिस्तानी सेना के लिए बलूच विद्रोहियों को काबू में रखना मुश्किल होता जा रहा है।
क्या बोले बीएलए के कमांडर?
बीएलए के एक वरिष्ठ नेता ने बयान जारी कर कहा कि उनका संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक बलूचिस्तान को पाकिस्तान से आज़ादी नहीं मिल जाती। उन्होंने यह भी दावा किया कि पाकिस्तानी सेना अब कमजोर हो चुकी है और उनके हमलों का जवाब देने में नाकाम है।
पाकिस्तानी सरकार की चुप्पी!
इस हमले पर अभी तक पाकिस्तानी सेना या सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, सेना पर बढ़ते हमलों से यह साफ है कि बलूचिस्तान में पाकिस्तान का नियंत्रण लगातार कमजोर हो रहा है।
क्या बलूचिस्तान पाकिस्तान के लिए बना नया संकट?
इस तरह के हमलों से साफ है कि पाकिस्तान को अब आंतरिक विद्रोह और बाहरी दबाव दोनों का सामना करना पड़ रहा है। बलूच लिबरेशन आर्मी लगातार हमलों के जरिए पाकिस्तान की सैन्य कमजोरी को उजागर कर रही है। सवाल उठता है—क्या पाकिस्तान अपने ही हिस्से में नियंत्रण बनाए रख पाएगा या बलूचिस्तान में संघर्ष और तेज़ होगा?





