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एम्स बिलासपुर में हृदय रोगों की तुरंत पहचान

Shantanu Roy
26 March 2026 5:30 PM IST
एम्स बिलासपुर में हृदय रोगों की तुरंत पहचान
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बिलासपुर। एम्स बिलासपुर में हृदय रोग एवं आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पहल करते हुए संस्थान में पहली बार कार्डिया 12एल ईसीजी प्रणाली की सफलतापूर्वक स्थापना की गई है। खास बात यह है कि यह देश के किसी भी केंद्रीय सरकारी अस्पताल में इस अत्याधुनिक प्रणाली की प्रथम स्थापना है, जो स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है। एम्स के कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) डा. दलजीत सिंह के नेतृत्व में यह उपलब्धि सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में (यूएसएफडीए) स्वीकृत उन्नत हृदय जांच तकनीक के समावेश को दर्शाती है, जिसका उद्देश्य हृदय रोगों की शीघ्र पहचान कर उनके प्रभावी प्रबंधन को सुनिश्चित करना है। कार्डिया 12एल ईसीजी प्रणाली इलेक्ट्रोकार्डियोग्राफी की नवीनतम पीढ़ी की तकनीक है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित है। यह प्रणाली पारंपरिक ईसीजी मशीनों की तुलना में अधिक सटीक, तीव्र एवं
उपयोग में सरल है।

इसके माध्यम से चिकित्सकों को हृदय संबंधी विकारों की पहचान में बुद्धिमत्तापूर्ण सहायता प्राप्त होती है, जिससे वे त्वरित एवं सटीक चिकित्सकीय निर्णय लेने में सक्षम होते हैं। पारंपरिक ईसीजी की तुलना में कार्डिया 12एल के प्रमुख लाभ हैं कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित विश्लेषण, यह प्रणाली उन्नत एआई एल्गोरिदम का उपयोग कर हृदय की धडक़न की अनियमितताओं इस्कीमिया एवं अन्य हृदय रोगों की पहचान में सहायता करती है, जबकि पारंपरिक ईसीजी पूर्णत: मैनुअल व्याख्या पर आधारित होता है। रोगों की प्रारंभिक अवस्था में ही पहचान सुनिश्चित करती है, जिससे गंभीर जटिलताओं को रोका जा सकता है। तेज़ एवं स्वचालित विश्लेषण के कारण आपातकालीन परिस्थितियों तथा अधिक रोगी संख्या वाले संस्थानों में उपचार प्रक्रिया अधिक तीव्र एवं प्रभावी हो जाती है। कार्डिया 12एल को इस प्रकार विकसित किया गया है कि इसका उपयोग बेडसाइडए बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) तथा दूरस्थ क्षेत्रों में भी सहजता से किया जा सकता है। यह प्रणाली डिजिटल संग्रहण एवं डेटा एकीकरण की सुविधा प्रदान करती है, जिससे रोगियों का चिकित्सीय इतिहास सुरक्षित रहता है और उपचार की निरंतरता बनी रहती है।
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