
x
Shimla. शिमला। हिमाचल प्रदेश में नौतोड़ वन भूमि को स्वीकृति प्रदान करने को लेकर राज्य में एक बार फिर से सियायत गर्मा सकती है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने राज्यपाल से मुलाकात कर जनजातीय क्षेत्रों में लोगों को नौतोड़ वन भूमि की स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया है। राजस्व, बागबानी, जनजातीय विकास एवं जनशिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने इस संबंध में लोक भवन में राज्यपाल कविंद्र गुप्ता से भेंट के दौरान यह मामला उठाया है। इससे पूर्व राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से भी राजस्व मंत्री ने वन भूमि को स्वीकृति प्रदान करने का मामला उठाया था, लेकिन राज्यपाल द्वारा मंजूरी नहीं दी गई थी।
जिसको लेकर राजस्व मंत्री ने राज्यपाल से खासी नाराजगी जाहिर की थी। वहीं, एक बार फिर से जगत सिंह नेगी ने राज्यपाल से जनजातीय क्षेत्रों में लोगों को नौतोड़ वन भूमि की स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने सत्ता संभालते ही वर्ष 2023 में नौतोड़ भूमि आबंटन को लेकर जनजातीय क्षेत्रों में वन संरक्षण अधिनियम 1980 को हटाने का आग्रह किया था। नौतोड़ वन भूमि की स्वीकृति संविधान के शेड्यूल-5 के अंतर्गत राज्यपाल के पास निहित है। उन्होंने आग्रह किया कि वन संरक्षण अधिनियम 1980 को निरस्त किया जाए, ताकि प्रदेश के जनजातीय क्षेत्र और सीमावर्ती क्षेत्र की युवा पीढ़ी को नौतोड़ भूमि का लाभ मिल सके। राज्यपाल ने इस विषय पर गंभीरता से चर्चा की और जल्द निर्णय लेने का आश्वासन दिया।
Tagsहिमाचल प्रदेश न्यूज हिंदीहिमाचल प्रदेश न्यूजहिमाचल प्रदेश की खबरहिमाचल प्रदेश लेटेस्ट न्यूजहिमाचल प्रदेश क्राइमहिमाचल प्रदेश न्यूज अपडेटहिमाचल प्रदेश हिंदी न्यूज टुडेहिमाचल प्रदेश हिंदीन्यूज हिंदी न्यूज हिमाचल प्रदेशहिमाचल प्रदेश हिंदी खबरहिमाचल प्रदेश समाचार लाइवHimachal Pradesh News HindiHimachal Pradesh NewsHimachal Pradesh Latest NewsHimachal Pradesh CrimeHimachal Pradesh News UpdateHimachal Pradesh Hindi News TodayHimachal Pradesh HindiNews Hindi News Himachal PradeshHimachal Pradesh Hindi NewsHimachal Pradesh News Live
Next Story





