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पुलिस और एसटीएफ ने नकल माफिया हाकम सिंह और पंकज गौड़ को किया गिरफ्तार

Shantanu Roy
22 Sept 2025 12:17 AM IST
पुलिस और एसटीएफ ने नकल माफिया हाकम सिंह और पंकज गौड़ को किया गिरफ्तार
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बड़ी खबर
Dehradun. देहरादून। उत्तराखंड पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने नकल माफिया हाकम सिंह और उनके सहयोगी पंकज सिंह गौड़ के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी अभ्यर्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने के नाम पर लाखों रुपये वसूल रहे थे। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा लागू किए गए सख्त नकल विरोधी कानून के तहत की गई।
नकल माफिया की साजिश का पर्दाफाश
पुलिस के अनुसार, गहन जांच और निगरानी के दौरान सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध लोग प्रतियोगी परीक्षाओं में धोखाधड़ी के लिए सक्रिय हैं। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि उत्तरकाशी निवासी पंकज गौड़ कुख्यात नकल माफिया हाकम सिंह के संपर्क में है और अभ्यर्थियों से पैसे की मांग कर रहा था। पुलिस ने आरोपियों की गतिविधियों का खुलासा किया। आरोपियों द्वारा अभ्यर्थियों से 12 से 15 लाख रुपये तक की मांग की जा रही थी। अगर कोई अभ्यर्थी बिना उनकी मदद के चयनित हो जाता, तो आरोपी पूरी रकम हड़प लेते। वहीं असफल होने की स्थिति में भविष्य की परीक्षाओं में चयन का झांसा देकर अभ्यर्थियों को अपने जाल में फंसाए रखते।
गिरफ्तारी की कार्रवाई
उत्तराखंड एसटीएफ और पुलिस ने देहरादून के पटेल नगर क्षेत्र में आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई:
हाकम सिंह, उम्र 42 वर्ष, पुत्र केदार सिंह, निवासी ग्राम निवाड़ी, थाना मोरी, जनपद उत्तरकाशी।
पंकज गौड़, उम्र 32 वर्ष, पुत्र केशवानंद गौड़, निवासी ग्राम कंडारी, ब्लॉक नौगांव, राजस्व थाना कंडारी, बारकोड जनपद उत्तरकाशी।
दोनों आरोपियों के खिलाफ कोतवाली पटेल नगर में उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा में छात्रों से अवैध वसूली और नकल विरोधी कानून के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
परीक्षा की गोपनीयता बनी सुरक्षित
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अपनी साजिश से परीक्षा की गोपनीयता को कोई नुकसान नहीं पहुंचा पाए। अधिकारियों ने बताया कि समय रहते उनकी गतिविधियों का खुलासा होने से छात्रों के हित में बड़ी सुरक्षा सुनिश्चित हुई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बयान
इस कार्रवाई पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। नकल विरोधी कानून के तहत ऐसे माफियाओं के खिलाफ हमेशा सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह कानून उत्तराखंड के छात्रों के हित और उनकी प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षा की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
हाकम सिंह की आपराधिक पृष्ठभूमि
हाकम सिंह पहले भी लंबे समय तक जेल की हवा खा चुका है और प्रदेश का बड़ा नकल माफिया है। उनके कारण ही उत्तराखंड में नकल विरोधी कानून बनाने की जरूरत पड़ी थी। पुलिस और STF की इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि प्रदेश में शिक्षा क्षेत्र में धोखाधड़ी करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
जांच और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से लेन-देन के प्रमाण, मोबाइल फोन और दस्तावेज जब्त किए गए हैं। इन सामग्रियों की जांच जारी है, जिससे यह स्पष्ट किया जा सके कि किन अभ्यर्थियों और परीक्षाओं में इनकी संलिप्तता रही। अधिकारियों ने कहा कि सख्त निगरानी और कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
छात्रों और अभ्यर्थियों के लिए संदेश
इस गिरफ्तारी के माध्यम से सरकार और पुलिस ने छात्रों को संदेश दिया है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में ईमानदारी और मेहनत ही सफलता की असली कुंजी है। किसी भी नकल माफिया या भ्रष्टाचारी की मदद लेकर परीक्षा में चयन पाने की कोशिश करना कानून के खिलाफ अपराध है।
प्रभाव और सामाजिक संदेश
पुलिस और STF की यह कार्रवाई प्रदेश में नकल विरोधी कानून के सख्त क्रियान्वयन का प्रतीक है। इससे अन्य नकल माफियाओं और भ्रष्टाचार में संलिप्त लोगों को चेतावनी भी मिलती है कि कानून अपना काम करेगा और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
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