छत्तीसगढ़
CRPF ने नक्सल प्रभावित बीजापुर में नया अग्रिम परिचालन बेस बनाया
Shantanu Roy
21 Sept 2025 10:44 PM IST

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छग
Bastar/Bijapur. बस्तर/बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद को रोकने और सुरक्षा स्थिति को मजबूत करने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने बीजापुर जिले के गुंडराजगुडेम में नया अग्रिम परिचालन बेस स्थापित किया है। इस कदम से सुरक्षा बलों की नक्सल प्रभावित इलाकों में पकड़ और बढ़ेगी और वहां की निगरानी अधिक प्रभावी बनेगी। सूत्रों के अनुसार, इस नए कैंप की स्थापना में सीआरपीएफ की 2 बटालियन, 150 बटालियन और 203 कोबरा बटालियन शामिल रही। इन बटालियनों ने छत्तीसगढ़ पुलिस के साथ समन्वय करते हुए प्रतिकूल मौसम की चुनौतियों को पार किया और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस बेस को तैयार किया।
#CRPF Deepens Presence in Naxal Zone in Bastar
— 🇮🇳CRPF🇮🇳 (@crpfindia) September 21, 2025
A new Forward Oprating Base has been successfully established at Gundrajgudem in Bijapur District of Bastar Region by 2 Bn, 150 Bn & 203 CoBRA #CRPF in co-ordination with Chhattisgarh Police overcoming adverse weather conditions.… pic.twitter.com/WQd6DeIIpY
नया अग्रिम परिचालन बेस आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों और बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था से लैस है। इसमें रहने, खान-पान और आवश्यक अन्य सुविधाओं की पूरी व्यवस्था की गई है। यह कैंप न केवल सुरक्षा बलों के लिए सुरक्षित स्थान के रूप में कार्य करेगा, बल्कि नक्सल प्रभावित इलाकों में तेजी से परिचालन करने की क्षमता भी बढ़ाएगा। बीजापुर जिले के गुंडराजगुडेम क्षेत्र को नक्सलियों के गढ़ों के नज़दीक माना जाता है। इस क्षेत्र में नक्सलियों की गतिविधियों पर नजर रखना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है। सीआरपीएफ अधिकारियों का कहना है कि इस नए कैंप की स्थापना से सुरक्षा बल नक्सलियों के ठिकानों और गढ़ों में अधिक गहराई तक पहुँच सकते हैं और सटीक अभियानों को अंजाम दे सकते हैं।
सीआरपीएफ और छत्तीसगढ़ पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि इस बेस के माध्यम से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नागरिक सुरक्षा और विकास कार्यक्रमों की भी बेहतर निगरानी संभव होगी। स्थानीय लोगों के साथ संपर्क बढ़ाने और उनके सहयोग से सुरक्षा कवरेज और मजबूत होगी। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि बस्तर में इस तरह के अग्रिम परिचालन बेस न केवल नक्सलियों पर दबाव बढ़ाते हैं, बल्कि सुरक्षा बलों के लिए भी रणनीतिक और सुरक्षित ठिकाना प्रदान करते हैं। इसके अलावा, क्षेत्र में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ने से ग्रामीणों में भी सुरक्षा का भरोसा बढ़ता है।
सीआरपीएफ ने स्पष्ट किया है कि इस नए बेस के माध्यम से नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई तेज की जाएगी और इलाके में हिंसा को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। सुरक्षा बल लगातार इलाके में गश्त और निगरानी बढ़ाएंगे, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की संभावना कम हो। बीजापुर के अधिकारियों का कहना है कि इस कैंप से क्षेत्रीय विकास और स्थानीय प्रशासन के कामकाज को भी सुविधा मिलेगी। इससे दूरदराज के क्षेत्रों तक सरकारी योजनाओं और सुरक्षा कवरेज को तेजी से पहुँचाया जा सकेगा। कुल मिलाकर, बस्तर के नक्सल प्रभावित इलाकों में इस नए अग्रिम परिचालन बेस की स्थापना सुरक्षा बलों की ताकत बढ़ाने और क्षेत्र में स्थायी शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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