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भीख मांगता पाकिस्तान, घंटे भर भी भारत के सामने टिकने की क्षमता नहीं!

Shantanu Roy
2 May 2025 8:18 PM IST
भीख मांगता पाकिस्तान, घंटे भर भी भारत के सामने टिकने की क्षमता नहीं!
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चीन ने भी झाड़ा पाकिस्तान से पल्ला
New Delhi. नई दिल्ली। युद्ध से पहले पाकिस्तान अपनी औक़ात में आ गया IMF विश्व बैंक और अमेरिका तीनों से गुहार लगाता पाकिस्तान क्या कोई बेवक़ूफ़ होगा जो युद्ध लड़ने के लिए पैसा इस पाकिस्तान को देगा वो भी युद्ध हारने के लिए चीन को अपना बंद होता अंतरराष्ट्रीय बाज़ार से घबराहट है भारत अपना मार्केट चीन के लिए बंद करता है तो चीन के लिए बहुत बड़ी परेशानी होगी इसलिए चीन भी पाकिस्तान को साथ नहीं दे रहा है सऊदी अरब भी पाकिस्तान को साथ देने से मना कर चुका है क्योंकि सऊदी अरब के पास अब मात्र 20 साल का ही तेल बचा है और सऊदी अरब भारत के साथ टेक्नोलॉजी और अन्य क्षेत्रों में अपनी संभावना देखता है इस लिए सऊदी अरब भी पाकिस्तान को साथ नहीं दे रहा है रहा अफ़ग़ानिस्तान की बात तो अफ़ग़ानिस्तान पूरी तरीक़े से भारत के साथ और भी POK क़ब्ज़ा करने के लिए या क़ब्ज़ाने के लिए भारत की मदद अफ़ग़ानिस्तान ज़रूर करेगा अफ़ग़ानिस्तान की पूरी आर्थिक नीति भारत के ऊपर निर्भर है इसलिए अफ़ग़ानिस्तान भी पाकिस्तान का साथ नहीं दे रहा है।


अब कहीं ऐसा ना हो पाकिस्तान पहलगाम और अन्य आतंकवादी भारत को सीधा चीन और अमरीका की मदद से बिना युद्ध में जाए भारत को सौंप सकता है। वर्तमान वैश्विक परिप्रेक्ष्य में पाकिस्तान की कूटनीतिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। युद्ध की आशंका के बीच पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आर्थिक मदद की
गुहार
लगाता नजर आ रहा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF), विश्व बैंक और अमेरिका से लगातार समर्थन की मांग कर रहा पाकिस्तान अब आलोचकों की नजर में एक "आर्थिक रूप से जर्जर देश" के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा परिस्थितियों में कोई भी प्रमुख देश पाकिस्तान को युद्ध के लिए वित्तीय सहायता देने की स्थिति में नहीं है, विशेषकर तब जब उसके पास युद्ध जीतने की कोई ठोस योजना या क्षमता नहीं दिखती। चीन, जो पहले पाकिस्तान का मजबूत समर्थक माना जाता था, अब भारत के साथ अपने आर्थिक संबंधों को प्राथमिकता दे रहा है।

जानकारों के मुताबिक यदि भारत चीन के लिए अपना बाजार बंद करता है, तो इससे चीन की अर्थव्यवस्था पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा। यही कारण है कि चीन भी अब पाकिस्तान के पक्ष में खुलकर नहीं आ रहा है। सऊदी अरब ने भी पाकिस्तान से दूरी बना ली है। तेल भंडार सीमित होने और भविष्य में ऊर्जा क्षेत्र से परे तकनीकी और आर्थिक संभावनाओं की तलाश में सऊदी अरब अब भारत के साथ सहयोग बढ़ाने की दिशा में अग्रसर है। जहां तक अफगानिस्तान की बात है, वह भी भारत के साथ अपने संबंधों को प्राथमिकता दे रहा है।
अफगानिस्तान
की आर्थिक नीति काफी हद तक भारत पर निर्भर है, और क्षेत्रीय स्थिरता के संदर्भ में वह भारत के हितों का समर्थन करता दिखाई दे रहा है। इस परिप्रेक्ष्य में विशेषज्ञ आशंका जता रहे हैं कि कहीं पाकिस्तान, अंतरराष्ट्रीय समर्थन न मिलने की स्थिति में, आतंकवादी गतिविधियों के जरिए भारत को अस्थिर करने का प्रयास न करे। यह परिस्थिति क्षेत्र में भारत की सामरिक और आर्थिक स्थिति को और मजबूत बनाती है, जबकि पाकिस्तान वैश्विक स्तर पर अलग-थलग पड़ता जा रहा है।

पहलगाम हमले के बाद बढ़े तनाव के बीच भारत ने अपनी सैन्य तैयारियों को और तेज कर दिया है। इसी कड़ी में भारतीय वायुसेना ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में स्थित गंगा एक्सप्रेसवे पर बड़ा युद्धाभ्यास किया। इस अभ्यास में वायुसेना के अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों ने अपनी ताकत का जोरदार प्रदर्शन किया। गंगा एक्सप्रेसवे की 3.5 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी पर 'टच एंड गो' अभ्यास के तहत राफेल, सुखोई, मिराज, जगुआर और AN-32 जैसे विमानों ने भाग लिया। अभ्यास की शुरुआत C-130J सुपर
हरक्यूलिस
विमान के टचडाउन से हुई, जिसके बाद जगुआर, मिग और राफेल विमानों ने एक साथ आसमान में हैरतअंगेज करतब दिखाए। अभ्यास के दौरान एक दिलचस्प वाकया तब हुआ जब AN-32 विमान की लैंडिंग के बाद तेज हवा के कारण विमान आगे नहीं बढ़ सका। पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए विमान को हवा की दिशा में मोड़ दिया और अभ्यास को सफल बनाया। करीब दो घंटे तक चले इस व्यापक युद्धाभ्यास के बाद शाम को एक नाइट लैंडिंग शो भी आयोजित किया जाएगा। यह शो शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक चलेगा, जिसमें विशेष रूप से रात 9 से 10 बजे के बीच गंगा एक्सप्रेसवे की हवाई पट्टी पर लड़ाकू विमानों की लैंडिंग की जाएगी। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह अभ्यास न केवल पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश देता है, बल्कि भारत की तेज, सक्षम और आधुनिक सैन्य तैयारियों का भी प्रमाण है।
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