दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की नवनिर्वाचित टीम सम्मानित

दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी इस कार्यक्रम में शिरकत की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इस बार गुरु तेग बहादुर का 350वां शहीदी दिवस यादगार होना चाहिए। गुरु तेग बहादुर ने देश और धर्म की रक्षा के लिए न सिर्फ अपना, बल्कि अपने पूरे परिवार का बलिदान कर दिया था। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में ऐतिहासिक गुरुद्वारा शीशगंज साहिब और गुरुद्वारा रकाबगंज को गुरु तेग बहादुर की याद में बनाया गया है और हर साल गुरु तेग बहादुर के शहीदी दिवस पर यहां देश-विदेश से श्रद्धालु आते हैं। विश्व पंजाबी संगठन के अध्यक्ष डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी, दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका और दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के जनरल सेक्रेटरी जगदीप कहलों ने इस मौके पर मीडिया के सामने अपनी बात कही।
उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर का 350वां शहीदी दिवस मनाने के लिए दिल्ली में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी दिल्ली सरकार और भारत सरकार दोनों के साथ मिलकर ऐतिहासिक प्रोग्राम करेगी। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि दिल्ली में किसी जगह या पार्क का नाम गुरु तेग बहादुर के नाम पर रखा जाए, जिससे उन्हें देश की आने वाली पीढ़ी भी याद करें और उनके द्वारा दिए गए बलिदानों को हमेशा निरंतर याद रखें। गुरु तेग बहादुर का शहीदी दिवस 24 नवंबर को मनाया जाता है। सिख धर्म के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर की शहादत को याद करने के लिए यह दिन मनाया जाता है।





