
x
Hospice. धर्मशाला। ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ देशव्यापी हड़ताल का जिला कांगड़ा में काफी असर देखने को मिला। जिला भर में सभी निजी मेडिकल स्टोर पूरी तरह से बंद रहे, जिससे मरीजों को भारी परेशानियां झेलनी पड़ी। इतना ही नहीं, कई दूरदराज के मरीजों को अपनी अति अवश्यक दवाइयों के बिना निराश होकर वापस लौटना पड़ा। वहीं, सरकारी अस्पतालों में भी अधिकतर बाहर की दवाइयां लिखने के ट्रेंड से भी मरीज काफी परेशान हुए है।
हालांकि इस बीच मात्र राहत ये रही कि 10 प्रतिशत छूट के साथ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम शिमला व प्रधानमंत्री जन औषधी केंद्र खुले रहे, जिसमें मरीजों की लंबी-लंबी कतारें दवाइयां लेने के लिए देखने को मिली, जिससे मरीजों को अधिक ब्रांडेड दवाइयों को छोडक़र अन्य काफी दवाइयां मिल पाईं। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (एआईओसीडी) के आह्वान पर देशभर के केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट्स बुधवार को हड़ताल पर रहे। अवैध एवं अनियंत्रित ऑनलाइन दवा बिक्री तथा जन स्वास्थ्य एवं लाखों छोटे केमिस्ट्स के अस्तित्व से जुड़े गंभीर मुद्दों के विरोध में राष्ट्रव्यापी एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल की गई।
कांगड़ा के सभी केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट्स ने अपने प्रतिष्ठान पूर्णत: बंद रखकर आंदोलन का समर्थन किया और पीएम को मांगों के संबंध में ज्ञापन भी भेजे गए। केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट्स के सचिव राजेश शर्मा ने बताया कि हड़ताल के माध्यम से दवाओं की अवैध एवं अनियमित ऑनलाइन बिक्री, बिना वैध एवं सत्यापित चिकित्सकीय पर्चे के दवाओं की बिक्री एवं होम डिलीवरी, ऑनलाइन दवा प्लेटफॉम्र्स द्वारा अत्यधिक छूट की अनुचित नीति का विरोध किया गया, जिससे छोटे एवं लाइसेंस धारी केमिस्ट्स गंभीर रूप से प्रभावित हो रहे हैं। संगठन के पदाधिकारियों राजेश शर्मा व महामंत्री प्रणव सचदेवा ने बताया कि देशभर के 12 लाख से अधिक केमिस्ट इस आंदोलन में एकजुट हो रहे हैं।
उन्होंने इसे राष्ट्रव्यापी केमिस्ट आंदोलन बताते हुए कहा कि इसका काउंटडाउन शुरू हो चुका है। यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो देश के लाखों रिटेल केमिस्ट्स और फार्मा व्यापार से जुड़े लोगों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर बुधवार को धर्मशाला सहित पूरे कांगड़ा जिला में मेडिकल शॉप्स बंद रहीं। मेडिकल स्टोर बंद रहने से आम लोगों और मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। खासकर नियमित दवाइयां लेने वाले मरीजों को दिक्कतें झेलनी पड़ीं।
Tagsहिमाचल प्रदेश न्यूज हिंदीहिमाचल प्रदेश न्यूजहिमाचल प्रदेश की खबरहिमाचल प्रदेश लेटेस्ट न्यूजहिमाचल प्रदेश क्राइमहिमाचल प्रदेश न्यूज अपडेटहिमाचल प्रदेश हिंदी न्यूज टुडेहिमाचल प्रदेश हिंदीन्यूज हिंदी न्यूज हिमाचल प्रदेशहिमाचल प्रदेश हिंदी खबरहिमाचल प्रदेश समाचार लाइवHimachal Pradesh News HindiHimachal Pradesh NewsHimachal Pradesh Latest NewsHimachal Pradesh CrimeHimachal Pradesh News UpdateHimachal Pradesh Hindi News TodayHimachal Pradesh HindiNews Hindi News Himachal PradeshHimachal Pradesh Hindi NewsHimachal Pradesh News Live
Next Story





