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साल 2025 का अंतिम सूर्य ग्रहण: भारत में नहीं दिखाई देगा

Shantanu Roy
21 Sept 2025 11:44 PM IST
साल 2025 का अंतिम सूर्य ग्रहण: भारत में नहीं दिखाई देगा
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बड़ी खबर
New Delhi/Raipur. नई दिल्ली/रायपुर। साल 2025 का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण भारतीय समयानुसार आज रात 11 बजे से लेकर देर रात 03 बजकर 23 मिनट तक रहेगा। इस ग्रहण का मध्य समय रात 01 बजकर 11 मिनट बताया जा रहा है। यह ग्रहण कन्या राशि और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में लग रहा है। वैज्ञानिकों के अनुसार यह आंशिक सूर्य ग्रहण है, और भारत में इसे दर्शनीय नहीं माना जा रहा है। इसलिए भारत में सूतक काल भी मान्य नहीं होगा और किसी भी वर्ग जैसे बच्चे, बुजुर्ग या गर्भवती महिलाएं पर कोई विशेष नियम लागू नहीं होंगे।
नग्न आंखों से सूर्य ग्रहण देखना हानिकारक
वैज्ञानिक चेतावनी देते हैं कि ग्रहण को नग्न आंखों से कभी नहीं देखना चाहिए, क्योंकि सूर्य की किरणें आंखों के रेटिना के लिए हानिकारक साबित हो सकती हैं। ऐसे क्षेत्रों में जहां ग्रहण दिखाई देता है, वहां लोगों को फिल्टर ग्लास, दूरबीन या विशेष प्रकार के चश्मे का उपयोग करना चाहिए। यदि ग्रहण को बिना सुरक्षा के देखा गया तो यह कंसंट्रेशन में दिक्कत, आंख में खुजली, जलन जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है।
सूर्य ग्रहण के समय करें ये उपाय
ज्योतिष विद्वानों के अनुसार सूर्य ग्रहण के दौरान ध्यान, मंत्र जाप और सकारात्मक क्रियाएं करने से ग्रहण के दोष कम होते हैं। इस दौरान कुंडली में बने अशुभ योग समाप्त करने का भी अवसर मिलता है। ग्रहण काल में आप “ऊँ ह्रीं घृणि सूर्य आदित्य: श्रीं” मंत्र का जाप कर सकते हैं। यह उपाय मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा के लिए लाभकारी माना जाता है।
सूर्य ग्रहण का समय और अवधि
इस साल का अंतिम सूर्य ग्रहण आज रात 11 बजे से शुरू होकर देर रात 03 बजकर 23 मिनट तक रहेगा। मध्य समय रात 01 बजकर 11 मिनट है। इस ग्रहण का सबसे बड़ा असर उन देशों में देखा जाएगा जहां यह दिखाई देगा।
दुनिया में कहां दिखेगा सूर्य ग्रहण?
इस आंशिक सूर्य ग्रहण का दर्शनीय प्रभाव भारत में नहीं होगा, लेकिन यह ग्रहण न्यूजीलैंड, फिजी, ऑस्ट्रेलिया के दक्षिणी हिस्से और अंटार्कटिका में दिखाई देगा। न्यूजीलैंड में सूर्य लगभग 80 प्रतिशत तक ढक जाएगा। एशिया, अफ्रीका और अमेरिकी देशों पर इसका कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं पड़ेगा।
सूर्य ग्रहण का लाइव स्ट्रीम
चूंकि भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा, इसलिए इच्छुक लोग लाइव स्ट्रीमिंग के माध्यम से ग्रहण देख सकते हैं। Timeanddate के यूट्यूब चैनल पर ग्रहण की लाइव स्ट्रीम उपलब्ध होगी। लाइव स्ट्रीम के माध्यम से रात 11 बजे से ग्रहण की शुरुआत और देर रात 03.23 बजे तक के सभी चरणों का अवलोकन किया जा सकता है।
सूर्य ग्रहण कितने प्रकार का होता है?
सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है और कुछ समय के लिए सूर्य की किरणें पृथ्वी तक नहीं पहुँच पातीं। सूर्य ग्रहण तीन प्रकार के होते हैं:
पूर्ण सूर्य ग्रहण: जब सूर्य पूरी तरह से ढक जाता है।
आंशिक सूर्य ग्रहण: जब सूर्य का केवल कुछ हिस्सा ढकता है।
वलयाकार सूर्य ग्रहण: जब सूर्य का बीच का भाग ढक जाता है और किनारों पर अंगूठी जैसा आकार दिखाई देता है।
सूर्य ग्रहण का नक्षत्र और वार
इस साल का अंतिम सूर्य ग्रहण उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में रविवार को पड़ रहा है। ज्योतिषीय दृष्टि से यह संयोग दुर्लभ माना जाता है। नक्षत्र और वार दोनों ही भगवान सूर्य देव के प्रतीक हैं, जिससे ग्रहण का आध्यात्मिक महत्व और बढ़ जाता है।
सूर्य ग्रहण के बाद क्या करें?
ज्योतिषियों के अनुसार, ग्रहण समाप्त होने के बाद तीन कार्य अवश्य करने चाहिए:
संपूर्ण घर में गंगाजल का छिड़काव करें।
पानी में गंगाजल मिलाकर स्वयं स्नान करें।
दान अवश्य करें। इस दौरान आप गुड़, मसूर दाल, गेहूं, लाल वस्त्र और तांबे से बनी चीजों का दान कर सकते हैं।
इन उपायों से ग्रहण के दौरान उत्पन्न अशुभ प्रभाव कम होते हैं और मानसिक शांति प्राप्त होती है।
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